25 अक्टूबर 2026
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मन की बात 139: मोदी की 'वोकल फॉर लोकल' अपील — गांधी जयंती पर खादी बिक्री ₹28 करोड़ पार

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मन की बात 139: मोदी की 'वोकल फॉर लोकल' अपील — गांधी जयंती पर खादी बिक्री ₹28 करोड़ पार

सारांश

मन की बात के 139वें एपिसोड में मोदी का संदेश सिर्फ अपील नहीं था — यह एक आर्थिक दिशा का संकेत था। पूर्णिया का मखाना ग्रीस में, कलबुर्गी की दाल मालदीव में, और गांधी जयंती पर खादी की एक दिन में ₹28 करोड़ की बिक्री — 'वोकल फॉर लोकल' अब नारे से आगे बढ़कर मापने योग्य हकीकत बन रही है।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 25 अक्टूबर 2026 को मन की बात के 139वें एपिसोड में स्थानीय उत्पाद खरीदने की अपील की।
बिहार के पूर्णिया का मखाना ग्रीस और कर्नाटक के कलबुर्गी की अरहर दाल मालदीव तक निर्यात हो रही है।
गांधी जयंती पर एक ही दिन में गांधी ग्रामोद्योग के उत्पादों की बिक्री ₹28 करोड़ से अधिक — पिछले वर्ष से ₹1.5 करोड़ अधिक।
महाराष्ट्र के आदिवासी ब्रांड सबरी नेचुरल की पैकेजिंग को जापान का गुड डिज़ाइन अवार्ड मिला।
कर्नाटक का बांस स्टार्टअप कृषि अवशेषों से पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग सामग्री बना रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर 2026 को मन की बात के 139वें एपिसोड में देशवासियों से त्योहारी सीज़न में स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि 'वोकल फॉर लोकल' की भावना जितनी तेज़ी से फैलेगी, उतनी ही तेज़ी से आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा।

स्वदेशी उत्पादों की वैश्विक पहुँच

मोदी ने कहा, 'त्योहारों के इस मौसम में आसपास बदलाव देखने को मिल रहे हैं। अब लोग खरीदारी करते समय स्वदेशी उत्पादों को महत्व देने लगे हैं।' उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि बिहार के पूर्णिया का मखाना अब ग्रीस तक पहुँच रहा है और कर्नाटक के कलबुर्गी की अरहर दाल मालदीव तक जा रही है। उनके अनुसार यह भारतीय किसानों के लिए वैश्विक बाज़ारों के नए द्वार खुलने का संकेत है।

पैकेजिंग पर नया ज़ोर

प्रधानमंत्री ने स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता के साथ-साथ उनकी पैकेजिंग के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने महाराष्ट्र के आदिवासी समुदाय द्वारा संचालित सबरी नेचुरल ब्रांड का उल्लेख किया, जो शहद, महुआ, चिरौंजी और बांस से बने उत्पाद बाज़ार में उतार रहा है। इस ब्रांड की आदिवासी कला से सजी पैकेजिंग को जापान का प्रतिष्ठित गुड डिज़ाइन अवार्ड मिल चुका है — जो भारतीय हस्तशिल्प की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है।

उन्होंने कर्नाटक के एक बांस स्टार्टअप का भी ज़िक्र किया, जो बांस और कृषि अवशेषों से पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग सामग्री तैयार कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में प्लास्टिक विकल्पों की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।

खादी की बढ़ती लोकप्रियता

मोदी ने बताया कि इस बार गांधी जयंती पर केवल एक ही दिन में गांधी ग्रामोद्योग के उत्पादों की बिक्री ₹28 करोड़ से अधिक रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹1.5 करोड़ अधिक है। उन्होंने कहा कि खादी की यह बढ़ती लोकप्रियता उन कारीगरों तक सीधा लाभ पहुँचा रही है जिनके हुनर और परिश्रम से खादी व हैंडीक्राफ्ट उत्पाद तैयार होते हैं।

त्योहारी सीज़न में स्थानीय खरीदारी की अपील

प्रधानमंत्री ने नागरिकों से सीधे अनुरोध करते हुए कहा, 'इस बार भी खरीदारी करते समय स्थानीय कारीगरों के बनाए गए उत्पादों को प्राथमिकता दें। आपकी खरीदारी से उनका उत्साह बढ़ेगा और वोकल फॉर लोकल अभियान आगे बढ़ेगा।' गौरतलब है कि यह अभियान 2020 में शुरू हुआ था और तब से हर त्योहारी मौसम में केंद्र सरकार इसे नए सिरे से प्रचारित करती है।

आगे की राह

मन की बात के मंच से इस तरह की अपीलें नीतिगत दिशा का संकेत देती हैं। स्थानीय उत्पादों के निर्यात के ताज़ा आँकड़े और गांधी जयंती पर खादी की रिकॉर्ड बिक्री यह दर्शाती है कि 'वोकल फॉर लोकल' अब केवल नारा नहीं, बल्कि एक मापने योग्य आर्थिक प्रवृत्ति बन रही है। आने वाले महीनों में सरकार की नीतियाँ यह तय करेंगी कि यह गति टिकाऊ है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और मन की बात का यह एपिसोड हर त्योहारी सीज़न से पहले आने वाली परिचित अपील की तरह लग सकता है — लेकिन पूर्णिया मखाने का ग्रीस पहुँचना और खादी की रिकॉर्ड एक-दिवसीय बिक्री यह बताती है कि ज़मीन पर कुछ बदल रहा है। असली सवाल यह है कि ये सफलताएँ छिटपुट हैं या किसी व्यापक निर्यात-पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा — जिसका जवाब सरकारी डेटा अभी भी स्पष्ट नहीं देता। पैकेजिंग पर ज़ोर एक सही दिशा है, क्योंकि भारतीय MSME उत्पाद अक्सर गुणवत्ता में नहीं, प्रस्तुति में पिछड़ते हैं। लेकिन जब तक स्थानीय कारीगरों को डिज़ाइन और लॉजिस्टिक्स में संस्थागत सहयोग नहीं मिलता, तब तक ये उदाहरण प्रेरणादायक कहानियाँ बनी रहेंगी — नीति की सफलता नहीं।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मन की बात का 139वाँ एपिसोड किस विषय पर था?
25 अक्टूबर 2026 को प्रसारित मन की बात के 139वें एपिसोड में PM मोदी ने मुख्य रूप से 'वोकल फॉर लोकल' अभियान और स्वदेशी उत्पादों को त्योहारी सीज़न में प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने खादी, आदिवासी उत्पाद और कृषि निर्यात के ताज़ा उदाहरण साझा किए।
गांधी जयंती पर खादी की बिक्री कितनी रही?
इस बार गांधी जयंती पर केवल एक दिन में गांधी ग्रामोद्योग के उत्पादों की बिक्री ₹28 करोड़ से अधिक रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹1.5 करोड़ अधिक है। यह खादी की लगातार बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
सबरी नेचुरल ब्रांड को कौन-सा पुरस्कार मिला?
महाराष्ट्र के आदिवासी समुदाय द्वारा संचालित सबरी नेचुरल ब्रांड की पैकेजिंग को जापान का प्रतिष्ठित 'गुड डिज़ाइन अवार्ड' मिला है। यह ब्रांड शहद, महुआ, चिरौंजी और बांस से बने उत्पाद बेचता है जिनकी पैकेजिंग पर आदिवासी कला की छाप है।
भारत से कौन-से स्थानीय उत्पाद विदेशों में निर्यात हो रहे हैं?
PM मोदी के अनुसार बिहार के पूर्णिया का मखाना अब ग्रीस तक और कर्नाटक के कलबुर्गी की अरहर दाल मालदीव तक पहुँच रही है। ये उदाहरण 'वोकल फॉर लोकल' अभियान के तहत भारतीय किसानों और उत्पादकों के लिए वैश्विक बाज़ारों के खुलने का संकेत देते हैं।
'वोकल फॉर लोकल' अभियान क्या है और इसका आत्मनिर्भर भारत से क्या संबंध है?
'वोकल फॉर लोकल' एक सरकारी अभियान है जो नागरिकों को स्थानीय और स्वदेशी उत्पाद खरीदने के लिए प्रोत्साहित करता है। PM मोदी के अनुसार यह अभियान जितनी तेज़ी से बढ़ेगा, उतनी ही तेज़ी से आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा होगा — क्योंकि इससे स्थानीय कारीगरों और किसानों की आय बढ़ती है।
राष्ट्र प्रेस
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