मन की बात में मोदी ने किया पूर्णिया के मखाने का जिक्र, युवा उद्यमी मखाना कारोबार से जुड़ रहे
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 139वें एपिसोड में एक बार फिर पूर्णिया के मखाने का उल्लेख किया और बताया कि बिहार का मखाना अब ग्रीस तक पहुँच रहा है। 'वोकल फॉर लोकल' पहल पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पाद वैश्विक बाज़ारों में अपनी जगह बना रहे हैं, जिससे किसानों और स्थानीय उत्पादकों के लिए नए आर्थिक अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। प्रधानमंत्री के इस उल्लेख से स्थानीय व्यापारियों और किसानों में उत्साह का माहौल है।
व्यापारियों में गर्व और उत्साह
चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष आदित्य केजरीवाल ने मखाना कारोबार को मिल रहे प्रोत्साहन पर कहा, 'प्रधानमंत्री द्वारा मखाना का जिक्र करना पूर्णियावासियों के लिए गौरव का विषय है।' उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में मखाना कारोबार में उल्लेखनीय बदलाव आया है और आज हज़ारों युवा मखाने की खेती और व्यापार से जुड़ रहे हैं। केजरीवाल के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्णिया दौरे के दौरान भी मखाना कारोबार के विकास को लेकर महत्वपूर्ण बातें कही थीं।
उन्होंने आगे कहा, 'मखाना एक सुपरफूड के रूप में अपनाया जा रहा है। पहले किसानों को मखाने की खेती से अच्छी आमदनी नहीं होती थी, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है।' उनके अनुसार, सरकार मखाने की खेती पर सब्सिडी भी प्रदान कर रही है और खेती अब आधुनिक तरीकों से की जाने लगी है।
नए व्यापारियों का मखाना उद्योग की ओर रुझान
पारंपरिक व्यवसायों को छोड़कर मखाना व्यापार की ओर आकर्षित होने का सिलसिला भी तेज़ हुआ है। व्यापारी आदित्य ने कहा, 'जब सरकार व्यवस्था देती है तो व्यापार बढ़ता है। यही कारण है कि आज अन्य व्यापार की तुलना में मखाना में अधिक मुनाफा हो रहा है।' उन्होंने बताया कि अब मखाना चिप्स विभिन्न स्वादों के साथ पैकेट में बाज़ार में उपलब्ध है, जो इस उत्पाद की बढ़ती माँग को दर्शाता है।
मखाना बोर्ड को लेकर पूर्णिया की माँग
व्यापारी आदित्य ने यह भी अपील की कि प्रस्तावित मखाना बोर्ड का गठन दरभंगा की बजाय पूर्णिया में किया जाए, क्योंकि मखाने का कच्चा माल इसी क्षेत्र में उत्पन्न होता है। यह माँग स्थानीय व्यापारियों की भावनाओं को प्रतिबिंबित करती है कि बोर्ड का मुख्यालय उत्पादन के केंद्र के निकट होना चाहिए।
वैश्विक बाज़ार और भविष्य की संभावनाएँ
गौरतलब है कि बिहार देश के कुल मखाना उत्पादन का बड़ा हिस्सा अकेले उत्पन्न करता है और पूर्णिया इस व्यापार का प्रमुख केंद्र रहा है। मखाने का ग्रीस तक निर्यात इस बात का संकेत है कि यह उत्पाद अब केवल घरेलू बाज़ार तक सीमित नहीं रहा। व्यापारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में मखाना का वैश्विक बाज़ार और भी विस्तृत होगा, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।