'मन की बात' के 139वें एपिसोड पर नेताओं की प्रतिक्रिया: 'हर महीने के आखिरी रविवार का रहता है इंतजार'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 139वें एपिसोड के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। इस प्रसारण में आत्मनिर्भर भारत, खादी, मिथिला मखाना, ई-संजीवनी स्वास्थ्य सेवा और वाल्मीकि जयंती जैसे विषयों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के बाद भाजपा नेताओं एवं सरकारी प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर इसकी सराहना की।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
भाजपा नेता संजय भाटिया ने कहा, 'जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की कमान संभाली है, उन्होंने लगातार 'वोकल फॉर लोकल' पर ज़ोर दिया है। मेक इन इंडिया और वोकल फॉर लोकल को देखिए। आज, भारत उन देशों को हथियार एक्सपोर्ट करने में सक्षम है, जिनसे हम पीएम मोदी के सत्ता में आने से पहले हथियार और युद्ध के लिए सामान इंपोर्ट करते थे।'
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने बताया कि वे पटेल नगर विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय राज्यमंत्री पवित्रा मार्गेरिटा, स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं और निवासियों के साथ 139वाँ एपिसोड सुनने के लिए एकत्रित हुईं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वयं बताया कि गांधी जयंती पर एक ही दिन में खादी उत्पादों की बिक्री ₹28 करोड़ से अधिक हो गई।
भाजपा नेता वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आज ई-संजीवनी पहल पर विशेष जोर दिया, जिसके तहत अंडमान द्वीप समूह, लद्दाख और लक्षद्वीप जैसे दूरदराज़ के इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँच रही हैं।
बिहार के नेताओं का संदेश
बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि 'मन की बात' के ज़रिए प्रधानमंत्री देशवासियों को उनकी विरासत और समाज को प्रेरणा देने वाले लोगों के अनुभवों से जोड़ते हैं। उन्होंने बाजरे को 'श्री अन्न' के रूप में बढ़ावा देने, प्रकृति के करीब रहने और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर चर्चा की सराहना की।
बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि यह एपिसोड देश के साथ-साथ विदेशों में भी सुना गया। उन्होंने एपिसोड में उठाए गए विषयों — पंजाब की महिला बुनकरों का हैंडलूम से आत्मनिर्भर बनना, मिथिला और बिहार के मखाना किसानों का सही पैकेजिंग के ज़रिए विदेशी बाज़ारों तक पहुँचना, और वाल्मीकि जयंती पर निषाद राज के उल्लेख — को विशेष रूप से रेखांकित किया।
कार्यक्रम के मुख्य विषय
139वें एपिसोड में आत्मनिर्भर भारत के विभिन्न आयामों को केंद्र में रखा गया। बाजरे को 'श्री अन्न' के रूप में प्रोत्साहन, खादी की रिकॉर्ड बिक्री, दूरदराज़ के इलाकों में ई-संजीवनी के ज़रिए स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और पारंपरिक शिल्पकारों की सफलता की कहानियाँ इस कड़ी के प्रमुख विषय रहे।
गौरतलब है कि 'मन की बात' अक्टूबर 2014 से प्रसारित हो रहा है और अब तक के 139 एपिसोड में यह कार्यक्रम ग्राम स्तर से लेकर वैश्विक मंच तक भारत की उपलब्धियों और नागरिक सफलताओं को उजागर करने का माध्यम बना है। यह ऐसे समय में आया है जब आत्मनिर्भर भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा राष्ट्रीय विमर्श में केंद्रीय स्थान रखती है।
आगे की राह
'मन की बात' का अगला एपिसोड नवंबर 2026 के अंतिम रविवार को प्रसारित होने की उम्मीद है। भाजपा नेताओं ने संकेत दिया कि वे इस कार्यक्रम को ज़मीनी स्तर पर सामूहिक श्रवण आयोजनों के ज़रिए जनता तक पहुँचाते रहेंगे।