मन की बात: PM मोदी का यह कार्यक्रम क्यों है जनसंवाद का सबसे सशक्त माध्यम — हरियाणा CM सैनी ने गुरुग्राम में सुना
सारांश
Key Takeaways
- हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी ने 26 अप्रैल, 2025 को गुरुग्राम में PM मोदी का 'मन की बात' कार्यक्रम सुना।
- CM सैनी ने 'मन की बात' को प्रधानमंत्री और आम जनता के बीच जनसंवाद का सबसे सशक्त माध्यम बताया।
- कार्यक्रम से पूर्व CM ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय को पुष्पांजलि अर्पित की।
- ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि अंबाला छावनी में ₹700 करोड़ की लागत से 'शहीद स्मारक' बनाया जा रहा है।
- यह स्मारक 10 मई, 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम को समर्पित है और इसमें रानी लक्ष्मीबाई व तात्या टोपे के योगदान को दर्शाया गया है।
- स्मारक का उद्घाटन शीघ्र ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने की उम्मीद है।
चंडीगढ़, 26 अप्रैल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' को जनसंवाद का सबसे प्रभावशाली माध्यम करार देते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार, 26 अप्रैल को गुरुग्राम में इस कार्यक्रम को ध्यानपूर्वक सुना। यह आयोजन भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम केवल सरकारी संदेश प्रसारित करने का मंच नहीं, बल्कि देश के आम नागरिकों और प्रधानमंत्री के बीच जीवंत संवाद का सेतु है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय को पुष्पांजलि
कार्यक्रम शुरू होने से पूर्व मुख्यमंत्री सैनी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके बाद मुख्यमंत्री सैनी ने 'जन आक्रोश महिला सम्मेलन' में भी भागीदारी की।
मन की बात का उद्देश्य और सामाजिक महत्व
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि 'मन की बात' का मूल उद्देश्य सरकार और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। प्रधानमंत्री मोदी इस कार्यक्रम के जरिए हर माह सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व के विषयों पर खुलकर चर्चा करते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी नीतियों और योजनाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाना और उनकी प्रतिक्रिया को समझना भी इस कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता है। सैनी के अनुसार, "इस कार्यक्रम के माध्यम से पूरे देश से सकारात्मक प्रयासों, सामाजिक नवाचारों और जनभागीदारी की प्रेरक कहानियों को उजागर किया जाता है, जो समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं और सद्भाव की भावना को बढ़ावा देती हैं।"
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि यह मासिक रेडियो कार्यक्रम युवाओं को नवाचार, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा, "'मन की बात' न केवल विचारों को दिशा देता है, बल्कि नागरिकों को विकास, सेवा और जिम्मेदारी की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश भी देता है।"
अंबाला में ₹700 करोड़ का 'शहीद स्मारक' — 1857 को मिलेगी नई पहचान
हरियाणा के ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज ने इस मौके पर कहा कि 'मन की बात' में प्रधानमंत्री द्वारा 1857 के स्वतंत्रता संग्राम का उल्लेख किया जाना ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने बताया कि अंबाला छावनी में लगभग ₹700 करोड़ की लागत से एक भव्य 'शहीद स्मारक' का निर्माण किया जा रहा है।
यह स्मारक 10 मई, 1857 को शुरू हुए प्रथम स्वतंत्रता संग्राम और देशभर के संघर्षों व बलिदानों को जीवंत रूप से चित्रित करेगा। इसमें अंबाला, मेरठ, झांसी और कश्मीरी गेट जैसे ऐतिहासिक स्थलों के साथ-साथ रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को भी प्रमुखता से दर्शाया गया है।
मंत्री विज ने कहा कि 1857 के अनेक नायकों को इतिहास में वह सम्मान और पहचान नहीं मिली जिसके वे वास्तव में हकदार थे। इसी को ध्यान में रखते हुए स्मारक के भीतर एक विशेष 'श्रद्धांजलि क्षेत्र' बनाया गया है, जहां आगंतुक उन भुला दिए गए शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे। मंत्री विज ने उम्मीद जताई कि इस स्मारक का उद्घाटन शीघ्र ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों किया जाएगा।
व्यापक संदर्भ: 'मन की बात' की राजनीतिक और सामाजिक अहमियत
गौरतलब है कि 'मन की बात' कार्यक्रम अक्टूबर 2014 से प्रसारित हो रहा है और अब तक इसके 100 से अधिक एपिसोड प्रसारित हो चुके हैं। यह कार्यक्रम ऑल इंडिया रेडियो के माध्यम से देशभर में सुना जाता है और इसे 22 से अधिक भाषाओं में अनुवादित किया जाता है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कार्यक्रम भाजपा की जमीनी स्तर पर संवाद रणनीति का एक अहम हिस्सा है, जो विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी मतदाताओं तक पहुंच बनाता है।
आने वाले समय में अंबाला शहीद स्मारक के उद्घाटन की तारीख की आधिकारिक घोषणा और प्रधानमंत्री मोदी के संभावित हरियाणा दौरे पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।