पूर्व सैनिक रैली: अरुणाचल राज्यपाल ने वीरों के बलिदान को किया नमन, 1500 से अधिक पूर्व सैनिक हुए शामिल
सारांश
Key Takeaways
- अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक ने 26 अप्रैल 2025 को लिकाबली में पूर्व सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
- रैली में 1,500 से अधिक पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिजनों ने भाग लिया।
- स्पीयर कोर के स्पीयरहेड डिवीजन ने 'स्ट्रेंथनिंग कनेक्ट विद एक्स सर्विसमैन' रैली का आयोजन किया।
- पेंशन अनियमितताओं, भूमि विवादों और कानूनी मुद्दों पर मौके पर ही शिकायत निवारण किया गया।
- सेना कल्याण प्लेसमेंट संगठन (AWPO) ने पुनर्वास और पुनर्रोजगार योजनाओं की जानकारी दी।
- कार्यक्रम स्थल पर निःशुल्क चिकित्सा शिविर भी आयोजित किया गया जिससे दूरदराज के सैनिकों को लाभ मिला।
इटानगर, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक (सेवानिवृत्त) ने रविवार को लिकाबली में आयोजित एक विशाल पूर्व सैनिक रैली में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा में पूर्व सैन्य कर्मियों की अतुलनीय भूमिका को रेखांकित करते हुए उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया।
रैली का आयोजन और उद्देश्य
भारतीय सेना की स्पीयर कोर के स्पीयरहेड डिवीजन द्वारा असम और अरुणाचल प्रदेश के राज्य एवं जिला प्रशासनों के सहयोग से 'स्ट्रेंथनिंग कनेक्ट विद एक्स सर्विसमैन' शीर्षक से यह रैली आयोजित की गई। रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल अतुल श्रीधरन ने इस आयोजन की विस्तृत जानकारी साझा की।
रैली का मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों की रोजमर्रा की समस्याओं — जैसे पेंशन वितरण में अनियमितता, भूमि विवाद, कानूनी मामलों और अन्य कल्याणकारी मुद्दों — का त्वरित समाधान करना था।
भारी भागीदारी और सामूहिक उपस्थिति
इस कार्यक्रम में 1,500 से अधिक पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, सेवारत जवानों, उनके परिजनों और आश्रितों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह उपस्थिति सशस्त्र बलों और उनके पूर्व सैनिक समुदाय के बीच गहरे और अटूट बंधन को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में पेंशन संबंधी मुद्दों और कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष जोर दिया। उन्होंने रैली के सफल आयोजन में नागरिक प्रशासन के सक्रिय सहयोग की भी सराहना की।
शिकायत निवारण और सहायता तंत्र
राज्य सैनिक बोर्ड, इटानगर, डिब्रूगढ़ और लखीमपुर के जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों, गुवाहाटी के प्रधान रक्षा लेखा नियंत्रक, पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS) तथा विभिन्न अभिलेख कार्यालयों के प्रतिनिधि कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित रहे। इनके अलावा राज्य एवं जिला प्रशासन, सरकारी एजेंसियों और विभिन्न बैंकों के अधिकारियों ने भी पूर्व सैनिकों की शिकायतों के निपटारे में सक्रिय भूमिका निभाई।
पूर्व सैनिकों को सेना कल्याण प्लेसमेंट संगठन (AWPO) द्वारा सुलभ कराई गई पुनर्वास योजनाओं, दूसरे करियर की संभावनाओं और पुनर्रोजगार के अवसरों से भी अवगत कराया गया।
चिकित्सा शिविर और स्वास्थ्य सेवाएं
उपस्थित पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थल पर एक व्यापक निःशुल्क चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया। इससे दूरदराज के क्षेत्रों से आए सैनिकों और उनके परिजनों को विशेष लाभ मिला।
व्यापक परिप्रेक्ष्य और महत्व
गौरतलब है कि पूर्वोत्तर भारत, विशेषकर अरुणाचल प्रदेश जैसे सीमावर्ती राज्यों में सैन्य उपस्थिति और पूर्व सैनिकों की संख्या अत्यधिक महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र चीन सीमा से सटा होने के कारण रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है, ऐसे में यहां पूर्व सैनिकों का मनोबल बनाए रखना और उनकी समस्याओं का समाधान करना राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीधरन ने कहा कि यह रैली पूर्व सैनिकों और वीर नारियों की दैनिक चुनौतियों के समाधान की दिशा में एक सार्थक पहल रही। इसने अधिकारियों के साथ सीधे संवाद का अवसर प्रदान किया और पूर्व सैनिक समुदाय के प्रति सेना व नागरिक प्रशासन की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।
आने वाले समय में इस प्रकार की रैलियों का आयोजन अन्य जिलों और सीमावर्ती क्षेत्रों में भी किए जाने की संभावना है, जिससे पूर्व सैनिकों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच और अधिक सुनिश्चित हो सके।