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खड़गे की पीएम मोदी पर टिप्पणी: शिवसेना के संजय निरुपम ने माफी की मांग की

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खड़गे की पीएम मोदी पर टिप्पणी: शिवसेना के संजय निरुपम ने माफी की मांग की

सारांश

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर पलटवार करते हुए उनकी पीएम मोदी और उनके पिता पर की गई टिप्पणी को 'सड़कछाप गुंडों जैसी भाषा' करार दिया। निरुपम की माँग — खड़गे 140 करोड़ भारतीयों से माफी माँगें।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 26 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी की कड़ी निंदा की।
निरुपम ने खड़गे पर पीएम नरेंद्र मोदी और उनके पिता के खिलाफ 'सड़कछाप गुंडों जैसी भाषा' इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
शिवसेना ने माँग की कि 85 वर्षीय खड़गे देश और प्रधानमंत्री दोनों से सार्वजनिक माफी माँगें।
निरुपम ने तर्क दिया कि पीएम मोदी 140 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए उनका अपमान पूरे देश का अपमान है।
कांग्रेस की ओर से इस विवाद पर अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पिता को लेकर की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा की। निरुपम ने खड़गे से देश और प्रधानमंत्री दोनों से सार्वजनिक रूप से माफी माँगने की माँग की।

निरुपम की तीखी प्रतिक्रिया

निरुपम ने कहा कि 'मोहब्बत की दुकान' चलाने का दावा करने वाली कांग्रेस पार्टी वास्तव में प्रधानमंत्री मोदी के प्रति गहरी नफरत रखती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नफरत इस हद तक बढ़ गई है कि 141 साल पुरानी कांग्रेस के 85 वर्षीय अध्यक्ष 'सड़कछाप गुंडों जैसी भाषा' का इस्तेमाल करने लगे हैं।

निरुपम ने कहा, 'प्रधानमंत्री के खिलाफ और उनके पिता के खिलाफ जिस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल किया गया है, उसकी निंदा की जानी चाहिए और उसका निषेध किया जाना चाहिए। शिवसेना की तरफ से हम स्पष्ट शब्दों में मल्लिकार्जुन खड़गे से माँग करते हैं कि वे पूरे देश से माफी माँगें।'

सनातन धर्म पर दिग्विजय सिंह का संदर्भ

निरुपम ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की 'सनातन यात्रा' का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह ने यात्रा के दौरान सनातन धर्म का समर्थन और उसके प्रति आदर प्रकट किया, लेकिन पार्टी में ऐसे तमाम लोग हैं जो सनातन परंपरा का विरोध करते हैं और उसकी गहराई को नहीं समझते।

उन्होंने अपील की कि दिग्विजय सिंह अपने इर्द-गिर्द के वामपंथी विचारधारा के लोगों को सनातन का वास्तविक अर्थ समझाएँ। निरुपम के अनुसार, 5,000 वर्षों से तमाम चुनौतियों और आक्रमणों को झेलते हुए भारत की रक्षा सनातन परंपरा की वजह से ही संभव हो सकी है।

140 करोड़ भारतीयों के प्रतिनिधि का अपमान

निरुपम ने तर्क दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के संवैधानिक पद पर आसीन हैं और देश के करोड़ों मतदाताओं ने उन्हें तीसरी बार प्रधानमंत्री चुना है। उन्होंने कहा कि जब कोई प्रधानमंत्री पद पर होता है, तो वह एक-दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व करता है।

शिवसेना प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री का अपमान वस्तुतः देश के करोड़ों नागरिकों का अपमान है, और इसलिए कांग्रेस को ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने का कोई अधिकार नहीं है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक वातावरण पहले से ही गरमाया हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महाविकास अघाड़ी के बीच वाकयुद्ध तेज़ हो चुका है। खड़गे की टिप्पणी पर यह पहली तीखी प्रतिक्रिया शिवसेना की ओर से आई है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और अन्य सहयोगी दलों की प्रतिक्रिया की भी प्रतीक्षा है।

इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस की ओर से खड़गे की टिप्पणी को स्पष्ट करने या माफी माँगने पर कोई आधिकारिक बयान अभी तक सामने नहीं आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इस शाब्दिक युद्ध में मतदाताओं के रोज़मर्रा के मुद्दे — महँगाई, बेरोज़गारी, कृषि संकट — हाशिए पर क्यों चले जाते हैं। कांग्रेस द्वारा अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया न आना यह भी दर्शाता है कि पार्टी इस विवाद को तूल देना नहीं चाहती। चुनावी माहौल में इस तरह के बयानों की लड़ाई अक्सर नीतिगत बहस को दबा देती है।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निरुपम ने मल्लिकार्जुन खड़गे से माफी की माँग क्यों की?
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पिता को लेकर की गई टिप्पणी को अपमानजनक और अस्वीकार्य बताते हुए माफी की माँग की। निरुपम का तर्क है कि पीएम का अपमान 140 करोड़ भारतीयों का अपमान है।
मल्लिकार्जुन खड़गे की किस टिप्पणी पर विवाद हुआ?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पिता को लेकर एक टिप्पणी की, जिसे शिवसेना और अन्य दलों ने अपमानजनक और आपत्तिजनक बताया। खड़गे की उस टिप्पणी के सटीक शब्दों पर कांग्रेस की ओर से अभी कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।
संजय निरुपम ने सनातन धर्म का ज़िक्र क्यों किया?
निरुपम ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की 'सनातन यात्रा' का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस में वामपंथी विचारधारा के कई नेता सनातन परंपरा को नहीं समझते, फिर भी उस पर टिप्पणी करते हैं। उन्होंने दिग्विजय सिंह से आग्रह किया कि वे पार्टी के अंदर सनातन का सच्चा बोध कराएँ।
क्या खड़गे ने माफी माँगी?
26 अक्टूबर 2026 तक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे या कांग्रेस की ओर से इस विवाद पर कोई सार्वजनिक माफी या आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
इस विवाद का महाराष्ट्र चुनाव पर क्या असर हो सकता है?
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह के बयानों की लड़ाई भावनात्मक मुद्दों को चुनावी विमर्श के केंद्र में ले आती है। शिवसेना के लिए यह मोदी-समर्थक मतदाताओं को लामबंद करने का एक अवसर है, जबकि कांग्रेस के लिए यह विवाद उसके 'मोहब्बत की राजनीति' के संदेश को कमज़ोर करने का जोखिम रखता है।
राष्ट्र प्रेस
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