खड़गे की पीएम मोदी पर टिप्पणी: शिवसेना के संजय निरुपम ने माफी की मांग की
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पिता को लेकर की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा की। निरुपम ने खड़गे से देश और प्रधानमंत्री दोनों से सार्वजनिक रूप से माफी माँगने की माँग की।
निरुपम की तीखी प्रतिक्रिया
निरुपम ने कहा कि 'मोहब्बत की दुकान' चलाने का दावा करने वाली कांग्रेस पार्टी वास्तव में प्रधानमंत्री मोदी के प्रति गहरी नफरत रखती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नफरत इस हद तक बढ़ गई है कि 141 साल पुरानी कांग्रेस के 85 वर्षीय अध्यक्ष 'सड़कछाप गुंडों जैसी भाषा' का इस्तेमाल करने लगे हैं।
निरुपम ने कहा, 'प्रधानमंत्री के खिलाफ और उनके पिता के खिलाफ जिस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल किया गया है, उसकी निंदा की जानी चाहिए और उसका निषेध किया जाना चाहिए। शिवसेना की तरफ से हम स्पष्ट शब्दों में मल्लिकार्जुन खड़गे से माँग करते हैं कि वे पूरे देश से माफी माँगें।'
सनातन धर्म पर दिग्विजय सिंह का संदर्भ
निरुपम ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की 'सनातन यात्रा' का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह ने यात्रा के दौरान सनातन धर्म का समर्थन और उसके प्रति आदर प्रकट किया, लेकिन पार्टी में ऐसे तमाम लोग हैं जो सनातन परंपरा का विरोध करते हैं और उसकी गहराई को नहीं समझते।
उन्होंने अपील की कि दिग्विजय सिंह अपने इर्द-गिर्द के वामपंथी विचारधारा के लोगों को सनातन का वास्तविक अर्थ समझाएँ। निरुपम के अनुसार, 5,000 वर्षों से तमाम चुनौतियों और आक्रमणों को झेलते हुए भारत की रक्षा सनातन परंपरा की वजह से ही संभव हो सकी है।
140 करोड़ भारतीयों के प्रतिनिधि का अपमान
निरुपम ने तर्क दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के संवैधानिक पद पर आसीन हैं और देश के करोड़ों मतदाताओं ने उन्हें तीसरी बार प्रधानमंत्री चुना है। उन्होंने कहा कि जब कोई प्रधानमंत्री पद पर होता है, तो वह एक-दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व करता है।
शिवसेना प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री का अपमान वस्तुतः देश के करोड़ों नागरिकों का अपमान है, और इसलिए कांग्रेस को ऐसी भाषा का इस्तेमाल करने का कोई अधिकार नहीं है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक वातावरण पहले से ही गरमाया हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महाविकास अघाड़ी के बीच वाकयुद्ध तेज़ हो चुका है। खड़गे की टिप्पणी पर यह पहली तीखी प्रतिक्रिया शिवसेना की ओर से आई है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और अन्य सहयोगी दलों की प्रतिक्रिया की भी प्रतीक्षा है।
इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस की ओर से खड़गे की टिप्पणी को स्पष्ट करने या माफी माँगने पर कोई आधिकारिक बयान अभी तक सामने नहीं आया है।