कोच्चि डायलॉग 2026: भारत-जीसीसी साझेदारी पर 18-20 नवंबर को तीन दिवसीय सम्मेलन
सारांश
मुख्य बातें
कोच्चि डायलॉग 2026 का दूसरा संस्करण 18 से 20 नवंबर 2026 तक केरल के कोच्चि स्थित ताज विवांता होटल में आयोजित होगा, जिसका उद्देश्य भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के सदस्य देशों के बीच आर्थिक एवं रणनीतिक सहयोग को नई ऊँचाई देना है। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में दोनों पक्षों के नीति-निर्माता, राजनयिक, उद्योग प्रतिनिधि, निवेशक, शोधकर्ता और शिक्षाविद एक साझा मंच पर जुटेंगे।
आयोजन का स्वरूप और आयोजक
इस सम्मेलन का संयुक्त आयोजन सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी रिसर्च (CPPR) और भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के पॉलिसी प्लानिंग एंड रिसर्च (PP&R) डिवीजन द्वारा किया जा रहा है। यह संयोजन स्वयं में इस संवाद को नीतिगत वज़न देता है — यह केवल एक थिंक-टैंक आयोजन नहीं, बल्कि सरकार-समर्थित कूटनीतिक मंच है।
सम्मेलन में जीसीसी के छह सदस्य देशों — बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) — के प्रतिनिधियों की भागीदारी अपेक्षित है।
मुख्य चर्चा विषय
कोच्चि डायलॉग 2026 में कई अहम क्षेत्रों पर विचार-विमर्श निर्धारित है। इनमें रणनीतिक सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), शिक्षा और नवाचार, बंदरगाह एवं लॉजिस्टिक्स अवसंरचना, आपूर्ति श्रृंखला संपर्क, निवेश और पूंजी प्रवाह, तथा ऊर्जा सुरक्षा एवं नवीकरणीय ऊर्जा शामिल हैं। आयोजकों के अनुसार, इन विषयों को भारत और जीसीसी दोनों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए समान रूप से प्राथमिक माना गया है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और खाड़ी देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में संबंध तेज़ी से विस्तृत हो रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच आर्थिक आदान-प्रदान का बढ़ता दायरा इस संवाद को रणनीतिक रूप से प्रासंगिक बनाता है।
पहले संस्करण की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि कोच्चि डायलॉग का पहला संस्करण जनवरी 2025 में आयोजित किया गया था। उसका उद्घाटन तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने किया था, जो उस समय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री भी थे। जीसीसी के तत्कालीन महासचिव जासिम मोहम्मद अल-बुदैवी ने उस अवसर पर विशेष संबोधन दिया था।
पहले संस्करण में भी दोनों पक्षों के प्रमुख हितधारकों ने साझा प्राथमिकताओं पर चर्चा की थी और द्विपक्षीय सहयोग को नई गति देने पर ज़ोर दिया था। दूसरा संस्करण उसी नींव पर आगे बढ़ने का प्रयास है।
सम्मेलन का व्यापक महत्व
आयोजकों के अनुसार, तीन दिवसीय इस संवाद में क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर विचार साझा करने के साथ-साथ निवेश, व्यापारिक साझेदारी, बुनियादी ढाँचा विकास और आर्थिक संपर्क बढ़ाने के व्यावहारिक उपायों पर केंद्रित चर्चा होगी। सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत और रणनीतिक विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर यह सम्मेलन भारत-जीसीसी संबंधों के लिए एक दीर्घकालिक सहयोगी रूपरेखा तैयार करने की दिशा में काम करेगा।
कोच्चि डायलॉग 2026 का परिणाम आने वाले महीनों में भारत-जीसीसी व्यापार और निवेश संवाद की गति तय कर सकता है।