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अरावली में दिवाली से पहले पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो दुकानों से ₹2.68 लाख के अवैध पटाखे जब्त

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अरावली में दिवाली से पहले पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो दुकानों से ₹2.68 लाख के अवैध पटाखे जब्त

सारांश

दिवाली से पहले गुजरात के अरावली जिले में एसओजी ने धंसुरा क्षेत्र की दो दुकानों से ₹2.68 लाख के अवैध पटाखे ज़ब्त किए। दोनों दुकानों में खतरनाक वायरिंग और अपर्याप्त सुरक्षा इंतज़ाम भी मिले। विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज।

मुख्य बातें

अरावली-मोडासा एसओजी ने 25 अक्टूबर 2026 को धंसुरा में दो दुकानों पर छापा मारा।
दोनों दुकानों से कुल 2,454 बॉक्स पटाखे जब्त, कुल कीमत ₹2,68,238 ।
संजय कुमार ठक्कर की महादेव ट्रेडर्स से 1,116 बॉक्स (₹98,076) और विनोद कुमार खत्री की साईं बाबा सीजनल फायरक्रैकर शॉप से 1,338 बॉक्स (₹1,70,162) बरामद।
दोनों दुकानदारों पर विस्फोटक अधिनियम, 1884 के तहत मामला दर्ज।
जाँच में दुकानों में खतरनाक बाहरी बिजली वायरिंग और अपर्याप्त अग्नि सुरक्षा इंतज़ाम पाए गए।

गुजरात के अरावली जिले में दिवाली से ठीक पहले पुलिस ने 25 अक्टूबर 2026 को बिना लाइसेंस पटाखे भंडारण करने के आरोप में दो दुकानों पर छापा मारकर कुल ₹2,68,238 मूल्य के पटाखे जब्त किए। अरावली-मोडासा स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने धंसुरा क्षेत्र में यह अभियान चलाया और दोनों दुकानदारों के विरुद्ध विस्फोटक अधिनियम, 1884 के तहत प्राथमिकी दर्ज की।

मुख्य घटनाक्रम

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर त्योहारी सीजन से पहले अवैध विस्फोटक सामग्री की बिक्री रोकने के लिए लाइसेंस एवं अग्नि सुरक्षा मानकों की जाँच शुरू की गई थी। इसी कड़ी में अरावली-मोडासा एसओजी के पुलिस निरीक्षक पी. बी. चौधरी की निगरानी में धंसुरा क्षेत्र में दोनों दुकानों का निरीक्षण किया गया।

पहली दुकान — मेहसाणा जिले के विजापुर तालुका निवासी संजय कुमार ठक्कर की महादेव ट्रेडर्स — से विभिन्न प्रकार के पटाखों के 1,116 बॉक्स बरामद हुए, जिनकी कीमत ₹98,076 आँकी गई। दूसरी दुकान — अरावली जिले के धंसुरा निवासी विनोद कुमार खत्री की साईं बाबा सीजनल फायरक्रैकर शॉप — से 1,338 बॉक्स पटाखे मिले, जिनकी कीमत ₹1,70,162 बताई गई। दोनों जगहों से मिलाकर कुल 2,454 बॉक्स पटाखे जब्त किए गए।

सुरक्षा संबंधी खामियाँ

पुलिस के अनुसार जाँच में दोनों दुकानों में गंभीर अग्नि सुरक्षा उल्लंघन सामने आए। बिजली की वायरिंग दीवारों के भीतर करने के बजाय बाहरी प्लास्टिक पाइप के ज़रिए की गई थी, जिससे शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसके अलावा विस्फोटक सामग्री के भंडारण के दौरान लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतज़ाम नहीं थे।

कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने दोनों दुकानदारों के विरुद्ध विस्फोटक अधिनियम, 1884 के तहत अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। अधिकारियों के अनुसार त्योहारी सीजन में बिना लाइसेंस विस्फोटक सामग्री का भंडारण न केवल कानूनी रूप से दंडनीय है, बल्कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बड़े हादसों की वजह भी बन सकता है।

आम जनता पर असर

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब देशभर में दिवाली से पहले अवैध पटाखों की बिक्री पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि हर साल दिवाली के आसपास पटाखा गोदामों और दुकानों में आग लगने की घटनाएँ सामने आती हैं, जिनमें बिना लाइसेंस व अपर्याप्त सुरक्षा इंतज़ाम एक बड़ी वजह रहते हैं। अरावली पुलिस का यह अभियान जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि अवैध पटाखा भंडारण के ये मामले रोकने के बाद भी अगले साल फिर सामने क्यों आते हैं। बिजली की खुली वायरिंग जैसी बुनियादी खामियाँ बताती हैं कि लाइसेंसिंग व्यवस्था की निगरानी त्योहार के ठीक पहले तक नहीं होती। जब तक नियमित और पूर्व-मौसमी निरीक्षण की व्यवस्था नहीं बनती, ये छापे एक सालाना रस्म बनकर रह जाएँगे।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरावली में पटाखे जब्ती की कार्रवाई कब और कहाँ हुई?
यह कार्रवाई 25 अक्टूबर 2026 को गुजरात के अरावली जिले के धंसुरा क्षेत्र में हुई। अरावली-मोडासा एसओजी ने पुलिस निरीक्षक पी. बी. चौधरी की निगरानी में दो दुकानों पर छापा मारा।
कितने पटाखे जब्त किए गए और उनकी कीमत क्या थी?
दोनों दुकानों से कुल 2,454 बॉक्स पटाखे जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत ₹2,68,238 आँकी गई। महादेव ट्रेडर्स से 1,116 बॉक्स (₹98,076) और साईं बाबा सीजनल फायरक्रैकर शॉप से 1,338 बॉक्स (₹1,70,162) बरामद हुए।
दुकानदारों पर क्या कानूनी कार्रवाई हुई है?
संजय कुमार ठक्कर और विनोद कुमार खत्री दोनों के विरुद्ध विस्फोटक अधिनियम, 1884 के तहत अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस के अनुसार बिना लाइसेंस विस्फोटक सामग्री का भंडारण इस अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।
दुकानों में सुरक्षा संबंधी कौन-सी खामियाँ पाई गईं?
जाँच में सामने आया कि बिजली की वायरिंग दीवारों के भीतर करने के बजाय बाहरी प्लास्टिक पाइप से की गई थी, जिससे शॉर्ट सर्किट और आग का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा पटाखों के भंडारण के दौरान अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतज़ाम भी नहीं थे।
यह कार्रवाई दिवाली से पहले क्यों की गई?
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर त्योहारी सीजन में अवैध विस्फोटक सामग्री की बिक्री रोकने के लिए लाइसेंस और अग्नि सुरक्षा मानकों की विशेष जाँच शुरू की गई थी। बिना लाइसेंस भंडारण से घनी आबादी वाले इलाकों में बड़े हादसों का खतरा रहता है।
राष्ट्र प्रेस
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