पूजा बत्रा बर्थडे: मिस इंडिया से हॉलीवुड अंतरिक्ष यात्री तक, कल्पना चावला से ली थी प्रेरणा
सारांश
मुख्य बातें
पूजा बत्रा आज 27 अक्टूबर 2026 को अपना 51वाँ जन्मदिन मना रही हैं। मिस इंडिया इंटरनेशनल 1993 का खिताब जीतने से लेकर हॉलीवुड में साइंस-फिक्शन फिल्म में अंतरिक्ष यात्री का किरदार निभाने तक, पूजा बत्रा का सफर बॉलीवुड की परंपरागत कहानियों से बिल्कुल अलग रहा है। अब वे अभिनय के साथ-साथ लॉस एंजिलिस स्थित अपनी प्रोडक्शन कंपनी के ज़रिए फिल्म निर्माण में भी सक्रिय हैं।
शुरुआत: सेना के घर से मिस इंडिया तक
पूजा बत्रा का जन्म 27 अक्टूबर 1975 को हुआ था। उनके पिता कर्नल रवि बत्रा भारतीय सेना में कार्यरत थे, और माँ नीलम बत्रा ने 1971 में मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था — यानी सौंदर्य की दुनिया से जुड़ाव परिवार में पहले से था। सेना की नौकरी के कारण परिवार अक्सर एक शहर से दूसरे शहर जाता रहा। पूजा ने बचपन में लगभग 12 साल में 10 स्कूल बदले। इस खानाबदोश जीवन ने उन्हें अनुकूलनशीलता सिखाई, जो बाद में उनके करियर में काम आई। दौड़ की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाली पूजा ने कम उम्र में ही मॉडलिंग शुरू कर दी और एक साबुन के विज्ञापन से उन्हें व्यापक पहचान मिली।
बॉलीवुड में दमदार दस्तक
1993 में मिस इंडिया इंटरनेशनल का खिताब जीतने के बाद पूजा के लिए फिल्मी दुनिया के दरवाज़े खुले। उन्होंने पढ़ाई पूरी करने के बाद 1997 में फिल्म 'विरासत' से हिंदी सिनेमा में कदम रखा, जिसमें वे अनिल कपूर और तब्बू के साथ नज़र आईं। इस फिल्म ने उन्हें एक मज़बूत शुरुआत दी। इसके बाद उन्होंने 'भाई', 'हसीना मान जाएगी', 'दिल ने फिर याद किया', 'कहीं प्यार न हो जाए' और 'नायक: द रियल हीरो' जैसी फिल्मों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
निजी जिंदगी और करियर में बदलाव
एक दौर ऐसा भी आया जब पूजा ने हिंदी सिनेमा से दूरी बना ली। उन्होंने अमेरिका में रहने वाले ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. सोनू एस. अहलूवालिया से शादी की और लॉस एंजिलिस में बस गईं। बाद में दोनों का तलाक हो गया। इस बदलाव के बाद पूजा ने अपने करियर को नए सिरे से आकार देने पर ध्यान केंद्रित किया और अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं की ओर रुख किया।
कल्पना चावला से प्रेरणा, हॉलीवुड में अंतरिक्ष यात्री
पूजा के करियर का एक अलग अध्याय 2016 में आई साइंस-फिक्शन फिल्म 'वन अंडर द सन' के साथ शुरू हुआ। इस फिल्म में उन्होंने कैथरीन वॉस नाम की अंतरिक्ष यात्री का किरदार निभाया — एक ऐसी यात्री जो मिशन की अकेली बचनेवाली सदस्य है और धरती पर लौटने के बाद अपनी बीमार बेटी से मिलना चाहती है। इस किरदार की तैयारी के लिए पूजा ने भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स के जीवन का अध्ययन किया। उन्होंने बताया कि इन दोनों शख्सियतों से उन्हें किरदार की शारीरिक बनावट और आंतरिक व्यक्तित्व को समझने में मदद मिली। उल्लेखनीय है कि फिल्म की पूरी शूटिंग महज 11 दिनों में पूरी की गई और इसे कान फिल्म फेस्टिवल में भी प्रदर्शित किया गया।
प्रोडक्शन में कदम: 'इकोज ऑफ अस' कान तक पहुँची
पूजा बत्रा ने अभिनय की सीमाओं से बाहर निकलकर लॉस एंजिलिस स्थित अपनी प्रोडक्शन कंपनी ग्लोबेल इंक के ज़रिए फिल्म निर्माण की दुनिया में प्रवेश किया। 2026 में उनकी कंपनी के निर्माण में बनी शॉर्ट फिल्म 'इकोज ऑफ अस' को कान फिल्म फेस्टिवल के दौरान पेश किया गया। इस फिल्म में दीपक तिजोरी और स्पेनिश अभिनेत्री एलेसांद्रा व्हेलन मेरिडिज ने अभिनय किया। यह कदम दर्शाता है कि पूजा अब सिर्फ अभिनेत्री नहीं, बल्कि एक सृजनशील निर्माता के रूप में भी खुद को स्थापित करने की राह पर हैं।