27 अक्टूबर 2026
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ब्रिक्स संसदीय मंच पर भाजपा सांसद अजीत गोपचाडे बोले — 21 देशों की मेजबानी भारत की कूटनीतिक ताकत का प्रमाण

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ब्रिक्स संसदीय मंच पर भाजपा सांसद अजीत गोपचाडे बोले — 21 देशों की मेजबानी भारत की कूटनीतिक ताकत का प्रमाण

सारांश

12वें ब्रिक्स संसदीय मंच पर BJP सांसद अजीत गोपचाडे ने भारत को 'ग्लोबल साउथ की आवाज' करार दिया और ब्रिक्स के 21 देशों तक विस्तार को कूटनीतिक सफलता बताया। साथ ही उन्होंने 1 नवंबर की इंडी गठबंधन रैली को निशाने पर लेते हुए विपक्ष पर राष्ट्रविरोधी रवैये का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

BJP सांसद अजीत गोपचाडे ने 27 अक्टूबर 2026 को 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच , नई दिल्ली में बोलते हुए 21 देशों की मेजबानी को भारत की कूटनीतिक उपलब्धि बताया।
ब्रिक्स में सदस्य देशों की संख्या 11 से बढ़कर 21 हो गई है, जिसे गोपचाडे ने संगठन के बढ़ते प्रभाव का प्रमाण बताया।
'ऑपरेशन सिंदूर' और पहलगाम घटनाओं के दौरान कई देशों के समर्थन को उन्होंने भारत की अंतरराष्ट्रीय साख का उदाहरण बताया।
1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में प्रस्तावित इंडी गठबंधन की रैली पर गोपचाडे ने विपक्ष पर झूठ फैलाने और राजनीतिक नाटक करने का आरोप लगाया।
उन्होंने 1 नवंबर को सिख नरसंहार की याद में 'काला दिवस' के रूप में मनाने की बात कही और विपक्ष के रवैये को राष्ट्रविरोधी बताया।

नई दिल्ली में आयोजित 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद अजीत गोपचाडे ने 27 अक्टूबर 2026 को कहा कि 21 देशों की मेजबानी करना भारत के लिए गर्व और सम्मान का विषय है, और यह देश की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता तथा कूटनीतिक सफलता को रेखांकित करता है। इस मंच पर उन्होंने ग्लोबल साउथ में भारत की बढ़ती भूमिका की भी सराहना की।

ब्रिक्स विस्तार और भारत की वैश्विक भूमिका

गोपचाडे ने कहा कि ब्रिक्स में भाग लेने वाले देशों की संख्या 11 से बढ़कर 21 हो जाना इस संगठन के लगातार विस्तार और बढ़ते प्रभाव का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों ने भी इस बदलाव को महसूस किया है। उनके अनुसार, भारत विकासशील देशों के साथ मिलकर 'ग्लोबल साउथ' की आवाज बन रहा है, जो एक सराहनीय कदम है।

ऑपरेशन सिंदूर और कूटनीतिक समर्थन

भाजपा सांसद ने 'ऑपरेशन सिंदूर' और पहलगाम की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उन कठिन परिस्थितियों में कई देशों ने भारत का साथ दिया। उन्होंने इसे भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय साख और मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का उदाहरण बताया। गोपचाडे के अनुसार, यह समर्थन भारत की कूटनीतिक परिपक्वता को दर्शाता है।

इंडी गठबंधन की रैली पर तीखी प्रतिक्रिया

1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित इंडी गठबंधन की रैली पर प्रतिक्रिया देते हुए गोपचाडे ने विपक्षी दलों पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता झूठी बातें फैलाते हैं और उन्हें देश के व्यापारियों, किसानों तथा आर्थिक प्रगति की कोई परवाह नहीं है। उनका कहना था कि इंडी गठबंधन के नेता बार-बार विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक नाटक करते हैं।

1 नवंबर को 'काला दिवस' का जिक्र

गोपचाडे ने कहा कि 1 नवंबर की तारीख को सिख नरसंहार की स्मृति में 'काला दिवस' के रूप में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने इसी संदर्भ में विपक्ष की प्रस्तावित रैली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने विपक्षी दलों के रवैये को राष्ट्रविरोधी बताया — यह आरोप विपक्ष की ओर से अभी तक खंडित नहीं हुआ है।

भाजपा का जनसमर्थन और आगे की राह

गोपचाडे ने दावा किया कि भाजपा को लगातार चुनावों में जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है, जबकि विपक्ष को हार का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनता भाजपा के साथ खड़ी है और भविष्य में भी पार्टी को यह समर्थन मिलता रहेगा। 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच का यह आयोजन वैश्विक दक्षिण में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

12वाँ ब्रिक्स संसदीय मंच क्या है और यह कहाँ हुआ?
12वाँ ब्रिक्स संसदीय मंच नई दिल्ली में आयोजित एक बहुपक्षीय विधायी सम्मेलन है, जिसमें ब्रिक्स और उससे जुड़े 21 देशों के संसदीय प्रतिनिधि शामिल हुए। यह मंच सदस्य देशों के बीच विधायी सहयोग और नीतिगत संवाद को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया जाता है।
अजीत गोपचाडे ने ब्रिक्स को भारत की कूटनीतिक सफलता क्यों बताया?
गोपचाडे ने कहा कि ब्रिक्स में सदस्य देशों की संख्या 11 से बढ़कर 21 होना और भारत का 'ग्लोबल साउथ की आवाज' बनना देश की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता का प्रमाण है। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' और पहलगाम घटनाओं के दौरान मिले अंतरराष्ट्रीय समर्थन को भी इसका उदाहरण बताया।
इंडी गठबंधन की 1 नवंबर 2026 की रैली क्या है?
1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडी गठबंधन की एक प्रस्तावित रैली आयोजित होने की खबर है। गोपचाडे ने इस रैली को राजनीतिक नाटक बताते हुए विपक्ष पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया।
गोपचाडे ने 1 नवंबर को 'काला दिवस' क्यों बताया?
गोपचाडे ने कहा कि 1 नवंबर को सिख नरसंहार की याद में 'काला दिवस' के रूप में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने इस तारीख पर इंडी गठबंधन की रैली को अनुचित बताते हुए विपक्ष के रवैये को राष्ट्रविरोधी करार दिया।
ब्रिक्स में अब कितने सदस्य देश हैं?
गोपचाडे के बयान के अनुसार ब्रिक्स संगठन में भाग लेने वाले देशों की संख्या 11 से बढ़कर 21 हो गई है। यह विस्तार संगठन के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है, जिसे पश्चिमी देशों ने भी महसूस किया है।
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