पंजाब गोलीबारी पर स्पीकर संधवां की दो-टूक: 'आरोपी को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा'
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने 27 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में पंजाब विधानसभा सत्र के अंतिम दिन पत्रकारों से बातचीत में राज्य में बढ़ती गोलीबारी की घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की उपलब्धियाँ गिनाते हुए कहा कि पिछली सरकारों के मुकाबले कानून-व्यवस्था की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
गोलीबारी पर स्पीकर की सख्त चेतावनी
गोलीबारी की बढ़ती घटनाओं पर सवाल पूछे जाने पर स्पीकर संधवां ने कहा, 'जिनका नुकसान हुआ है उन परिवारों के साथ मेरी हमदर्दी है। घटना करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।' उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले अपराध होने पर आरोपी पकड़े ही नहीं जाते थे, जबकि अब कोई भी अपराध करके भाग नहीं सकता।
स्पेशल सड़क सुरक्षा फोर्स और सरकारी दावे
संधवां ने बताया कि आप सरकार ने स्पेशल सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) का गठन किया है, जिसकी बदौलत हर महीने हज़ारों जानें बचाई जा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान की बिजली बिल माफी योजना का भी ज़िक्र किया और कहा कि शहरों में रहने वाले गरीब तबकों — चाहे किसी भी जाति के हों — को पहली बार महसूस हो रहा है कि किसी ने उनकी सुध ली है।
कांग्रेस विधायकों को रोके जाने पर हंगामा
विधानसभा परिसर में उस समय विवाद खड़ा हो गया जब कांग्रेस विधायकों को सदन के भीतर जाने से रोके जाने का आरोप लगाया गया। पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने पत्रकारों से कहा, 'आपत्ति सुखपाल खैरा के खिलाफ है, लेकिन उस पर हस्ताक्षर तक नहीं हैं। क्या किसी को सदन के बाहर रोका जा सकता है? आप उन्हें गेट पर कैसे रोक सकते हैं?' उन्होंने इसे संसदीय परंपराओं का उल्लंघन बताया।
गौरतलब है कि सुखपाल सिंह खैरा कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक हैं और उनके खिलाफ किसी आपत्ति के दस्तावेज पर हस्ताक्षर न होने की बात ने विवाद को और तूल दिया।
AAP का पलटवार
आप विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, 'ऐसी कोई बात नहीं है और स्पीकर खुद उन्हें बुला रहे हैं। किसी ने किसी को नहीं रोका — वे बस बातें बना रहे हैं। वे हर चीज़ के बारे में झूठ बोलते हैं और महज़ फोटो खिंचवाने के लिए बहाने ढूँढते हैं।' उनके इस बयान से सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह माहौल तनावपूर्ण रहा।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में गैंगस्टर-संबंधी गोलीबारी और आपराधिक घटनाओं को लेकर विपक्ष पहले से सरकार पर हमलावर है। स्पीकर के बयान से यह संकेत मिलता है कि सरकार गोलीबारी की घटनाओं पर राजनीतिक दबाव को गंभीरता से ले रही है। आगामी दिनों में पुलिस कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारियाँ इस दावे की असली परीक्षा होंगी।