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पंजाब विधानसभा में अवैध खनन पर हंगामा: कांग्रेस का वॉकआउट, बाजवा ने हाउस कमेटी की मांग की

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पंजाब विधानसभा में अवैध खनन पर हंगामा: कांग्रेस का वॉकआउट, बाजवा ने हाउस कमेटी की मांग की

सारांश

पंजाब विधानसभा में अवैध खनन पर कांग्रेस और AAP सरकार आमने-सामने। नेता प्रतिपक्ष बाजवा का दावा — ₹90,000 करोड़ की संभावित आय में से केवल ₹1,500 करोड़ ही खजाने में आए। कांग्रेस ने हाउस कमेटी गठित न होने पर सदन से वॉकआउट किया।

मुख्य बातें

6 अगस्त को पंजाब विधानसभा में अवैध खनन के मुद्दे पर कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट किया।
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने सभी दलों के सदस्यों वाली हाउस कमेटी गठित करने की माँग की।
बाजवा के अनुसार, ₹20,000 करोड़ वार्षिक आय के दावे के बावजूद साढ़े चार वर्षों में केवल ₹1,400–₹1,500 करोड़ ही राजस्व प्राप्त हुआ।
सिंचाई मंत्री विजय इंदर सिंगला गोयल ने अवैध खनन के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया।
कांग्रेस ने रोपड़, पठानकोट, फिरोजपुर, फाजिल्का सहित नदी-क्षेत्रों का संयुक्त दौरा करने की पेशकश की है।

पंजाब विधानसभा में 6 अगस्त को अवैध खनन के मुद्दे पर तीखा टकराव देखने को मिला, जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट किया। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि पंजाब में बड़े पैमाने पर कथित अवैध खनन जारी है और सरकार जवाबदेही से बच रही है।

मुख्य घटनाक्रम

कांग्रेस के एक विधायक ने सदन में सिंचाई मंत्री विजय इंदर सिंगला गोयल के समक्ष अवैध खनन का मुद्दा उठाया। मंत्री ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पंजाब में कहीं भी अवैध खनन नहीं हो रहा। इस जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट किया और मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा।

बाजवा ने मांग की कि विधानसभा अध्यक्ष सभी राजनीतिक दलों के एक-एक सदस्य को शामिल करते हुए एक हाउस कमेटी गठित करें। साथ ही, उन्होंने यह भी माँग की कि सिंचाई मंत्री को निर्देश दिए जाएं कि विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद वे एक सप्ताह तक इस कमेटी के साथ राज्य की नदियों और खनन क्षेत्रों का दौरा करें।

राजस्व के आँकड़ों पर विवाद

बाजवा ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कभी कहा था कि पंजाब में खनन से हर वर्ष ₹20,000 करोड़ की आय हो सकती है। उनके अनुसार, इस हिसाब से पिछले साढ़े चार वर्षों में राज्य के खजाने में लगभग ₹90,000 करोड़ आने चाहिए थे, जबकि वास्तव में केवल ₹1,400 से ₹1,500 करोड़ ही जमा हुए हैं।

बाजवा ने आरोप लगाया कि शेष राशि का कोई हिसाब नहीं है और यह धन पंजाब के खजाने में आने के बजाय दिल्ली चला गया। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि रेत को 'व्हाइट गोल्ड' कहा जाता है और सरकार को इसी का लाभ मिल रहा है।

प्रस्तावित दौरे के क्षेत्र

बाजवा ने कहा कि प्रस्तावित संयुक्त दौरा रोपड़ (रूपनगर) से शुरू होकर आनंदपुर साहिब, टांडा, मुकेरियां, पठानकोट, दीनानगर, फिरोजपुर और फाजिल्का तक जाएगा — यानी उन सभी क्षेत्रों को कवर करेगा जहाँ से नदियाँ गुजरती हैं और जहाँ कथित तौर पर अवैध खनन हो रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन क्षेत्रों में कथित अवैध खनन का पूरा नेटवर्क AAP सरकार के संरक्षण में चल रहा है और संबंधित क्षेत्रों के मंत्री व विधायक इसमें हिस्सेदारी लेते हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया और विधानसभा अध्यक्ष पर निशाना

सिंचाई मंत्री गोयल ने सदन में अवैध खनन के सभी आरोपों को खारिज किया। बाजवा ने मंत्री की उस टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि केजरीवाल ने 'खनिज' की बात की थी — इस पर बाजवा ने कहा कि रेत ही असली 'व्हाइट गोल्ड' है।

विधानसभा अध्यक्ष पर भी निशाना साधते हुए बाजवा ने कहा कि जब इतने बड़े स्तर पर कथित अनियमितताएं हो रही हों, तब उनसे निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा करना कठिन है।

आगे क्या होगा

कांग्रेस ने सरकार को खुली चुनौती दी है कि यदि वह पारदर्शी है तो तत्काल हाउस कमेटी गठित करे। बाजवा ने कहा कि कांग्रेस सदस्य सिंचाई मंत्री के साथ एक सप्ताह तक सभी संबंधित क्षेत्रों का दौरा करने को तैयार हैं और मौके पर जाकर कथित अवैध खनन की स्थिति सामने रखेंगे। यह देखना होगा कि AAP सरकार इस चुनौती पर क्या रुख अपनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बार आरोप-प्रत्यारोप तक सिमट जाता है। बाजवा द्वारा उद्धृत राजस्व के आँकड़े — ₹90,000 करोड़ की संभावित आय बनाम ₹1,500 करोड़ की वास्तविक प्राप्ति — यदि सत्यापित हों, तो यह महज राजनीतिक आरोप नहीं, बल्कि गंभीर वित्तीय जवाबदेही का सवाल बनता है। हाउस कमेटी की माँग सैद्धांतिक रूप से सही दिशा है, लेकिन इसकी विश्वसनीयता तभी होगी जब इसे स्वतंत्र और समयबद्ध जनादेश मिले। AAP सरकार का आरोपों को एकमुश्त खारिज करना और पारदर्शी जाँच से बचना, इस संदेह को और गहरा करता है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब विधानसभा में अवैध खनन पर क्या हुआ?
6 अगस्त को पंजाब विधानसभा में कांग्रेस ने AAP सरकार के खिलाफ अवैध खनन के मुद्दे पर सदन से वॉकआउट किया। सिंचाई मंत्री ने सभी आरोपों को खारिज किया, जबकि नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने हाउस कमेटी गठित करने की माँग की।
प्रताप सिंह बाजवा ने हाउस कमेटी की माँग क्यों की?
बाजवा का कहना है कि सरकार अवैध खनन पर स्पष्ट जवाब देने से बच रही है। उन्होंने माँग की कि सभी दलों के एक-एक सदस्य वाली हाउस कमेटी बने और सिंचाई मंत्री के साथ मिलकर नदी क्षेत्रों का दौरा किया जाए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
पंजाब में खनन राजस्व को लेकर कांग्रेस के क्या आरोप हैं?
बाजवा ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल ने कभी कहा था कि खनन से ₹20,000 करोड़ वार्षिक आय हो सकती है, लेकिन साढ़े चार वर्षों में केवल ₹1,400–₹1,500 करोड़ ही राजस्व मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि शेष राशि पंजाब के खजाने में नहीं आई।
AAP सरकार ने इन आरोपों पर क्या कहा?
सिंचाई मंत्री विजय इंदर सिंगला गोयल ने सदन में स्पष्ट रूप से कहा कि पंजाब में कहीं भी अवैध खनन नहीं हो रहा। उन्होंने कांग्रेस के सभी आरोपों को निराधार बताया।
कांग्रेस किन क्षेत्रों में संयुक्त दौरे की माँग कर रही है?
कांग्रेस ने रोपड़ (रूपनगर), आनंदपुर साहिब, टांडा, मुकेरियां, पठानकोट, दीनानगर, फिरोजपुर और फाजिल्का सहित उन सभी नदी-क्षेत्रों का दौरा करने की पेशकश की है जहाँ कथित तौर पर अवैध खनन हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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