पंजाब विधानसभा में कांग्रेस का हंगामा: बाजवा बोले — साढ़े चार साल बाद भी बेअदबी मामलों में न्याय नहीं
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान 6 अगस्त 2026 को कांग्रेस विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा की अगुवाई में विधानसभा परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी से जुड़े लंबित मामलों में न्याय न मिलने को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर वादाखिलाफी का सीधा आरोप लगाया।
मुख्य घटनाक्रम
विरोध प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने पत्रकारों से कहा कि बरगारी बेअदबी, बेहबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड जैसे मामलों में आज तक किसी भी पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिला। उन्होंने कहा, 'साढ़े चार साल बीतने के बावजूद एक भी मामला निर्णायक स्थिति तक नहीं पहुंच पाया — यह बेहद दुखद है।'
बाजवा ने यह भी याद दिलाया कि चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तत्कालीन आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह को पार्टी का प्रमुख चेहरा बनाते हुए दावा किया था कि इन मामलों में न्याय दिलाने के लिए केवल 24 घंटे पर्याप्त होंगे।
मामले अन्य राज्यों की अदालतों में स्थानांतरित
बाजवा के अनुसार, न केवल न्याय नहीं मिला, बल्कि बेअदबी से जुड़े कई मुकदमों को पंजाब से बाहर अन्य राज्यों की अदालतों में स्थानांतरित कर दिया गया है — जिसे उन्होंने सरकार की विफलता का प्रमाण बताया। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस इस गंभीर मुद्दे को सदन में प्रमुखता से उठाएगी।
अन्य कांग्रेस विधायकों की प्रतिक्रिया
कांग्रेस विधायक सुखविंदर सिंह कोटली ने भी सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और केजरीवाल ने चुनाव से पहले बेअदबी व गोलीकांड के मामलों में न्याय का भरोसा दिया था, लेकिन कांग्रेस की लगातार मांगों के बावजूद विधानसभा में कभी इन मुद्दों पर गंभीर चर्चा नहीं कराई गई। कोटली ने माँग की कि सरकार सदन में विस्तृत चर्चा कर अपनी स्थिति स्पष्ट करे।
इस बीच कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कहा कि वे गैर-सरकारी कामकाज के दिन शिक्षा के केंद्रीकरण के खिलाफ एक प्रस्ताव सदन में पेश करेंगे। उनके अनुसार, यह केवल पंजाब का नहीं, बल्कि पूरे देश के राज्यों से जुड़ा महत्वपूर्ण संघीय विषय है। उन्होंने सभी दलों के विधायकों से इस प्रस्ताव का समर्थन करने की अपील की।
आम जनता पर असर
गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले पंजाब की सिख आबादी के लिए अत्यंत संवेदनशील धार्मिक और सामाजिक मुद्दा हैं। यह ऐसे समय में आया है जब AAP सरकार अपने कार्यकाल के अंतिम डेढ़ वर्ष में प्रवेश कर रही है और विपक्ष जनता की नाराज़गी को राजनीतिक ऊर्जा में बदलने की कोशिश में है।
क्या होगा आगे
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह मानसून सत्र के दौरान बेअदबी मामलों को सदन में लगातार उठाती रहेगी। परगट सिंह के प्रस्ताव पर अन्य विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया भी इस सत्र की दिशा तय करेगी। सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है।