भगवंत मान पर नशे के आरोप: बाजवा ने मांगा अल्कोमीटर टेस्ट, कांग्रेस ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया
सारांश
Key Takeaways
पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान 1 मई 2026 को बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया, जब विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर नशे की हालत में पंजाब विधानसभा पहुँचने का आरोप लगाया। कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए यह दावा किया, हालाँकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
बाजवा की माँग: एक घंटे में हो जाँच
कांग्रेस विधायक दल (CLP) के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर माँग की कि एक घंटे के भीतर मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत सभी विधायकों का अल्कोमीटर और डोप टेस्ट करवाया जाए। बाजवा ने यह भी माँग की कि यह जाँच पीजीआई चंडीगढ़ की स्वतंत्र मेडिकल टीम द्वारा निष्पक्ष तरीके से की जाए।
बाजवा ने स्पष्ट किया कि यह मामला किसी एक व्यक्ति के विरुद्ध नहीं, बल्कि विधानसभा की मर्यादा, जवाबदेही और पारदर्शिता से जुड़ा है। कांग्रेस ने ऐलान किया कि जब तक मुख्यमंत्री मान जाँच प्रक्रिया के ज़रिए इन आरोपों को स्पष्ट नहीं करते, तब तक कांग्रेस विधायक दल सदन की कार्यवाही में भाग नहीं लेगा।
स्वाति मालीवाल का हमला
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता स्वाति मालीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि भगवंत मान