27 अक्टूबर 2026
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थेनी जेलब्रेक: 13 फरार कैदियों की तलाश केरल के जंगलों तक पहुँची, DGP ने जाँच का दिया आदेश

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थेनी जेलब्रेक: 13 फरार कैदियों की तलाश केरल के जंगलों तक पहुँची, DGP ने जाँच का दिया आदेश

सारांश

थेनी जेल से सोमवार रात कर्मचारियों पर हमला कर भागे 17 कैदियों में से 13 अभी भी फरार हैं। तलाशी अब पश्चिमी घाट और केरल के इडुक्की जिले तक पहुँच चुकी है। DGP महेश कुमार अग्रवाल ने सभी के पकड़े जाने के बाद गहन जाँच का आदेश दिया है।

मुख्य बातें

थेनी जिला जेल से सोमवार देर रात 17 विचाराधीन कैदी जेल कर्मचारियों पर हमला कर भाग निकले।
इनमें से 4 कैदियों को मंगलवार को फिर से पकड़ा गया; 13 कैदी अभी भी फरार हैं।
तलाशी का दायरा पश्चिमी घाट के जंगलों और केरल के इडुक्की जिले तक फैला।
घायल ग्रेड-II कांस्टेबल थंगापांडी समेत तीन जेल कर्मचारी थेनी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन।
DGP महेश कुमार अग्रवाल ने सभी कैदियों की वापसी के बाद विस्तृत जाँच का आदेश दिया।
तमिलनाडु और केरल पुलिस के बीच संयुक्त अभियान जारी; फरार कैदियों की तस्वीरें दोनों राज्यों में साझा।

थेनी जिला जेल से फरार हुए 13 विचाराधीन कैदियों की तलाश का दायरा 27 अक्टूबर 2026 को पश्चिमी घाट के घने जंगलों और पड़ोसी राज्य केरल तक फैल गया। तमिलनाडु और केरल की पुलिस संयुक्त अभियान चलाते हुए फरार कैदियों को खोज रही है, जबकि तीन जेल कर्मचारी हमले में घायल हो गए।

मुख्य घटनाक्रम

सोमवार देर रात थेनी जिला जेल के 17 विचाराधीन कैदियों ने जेल कर्मचारियों पर हमला कर जेल से भागने में सफलता पाई। इनमें से चार कैदियों को मंगलवार को फिर से पकड़ लिया गया, जबकि शेष 13 कैदी अभी भी फरार हैं। भागने वाले कैदियों की तस्वीरें दोनों राज्यों में तैनात पुलिस अधिकारियों को भेज दी गई हैं ताकि उनकी पहचान सुनिश्चित की जा सके।

गौरतलब है कि फरार कैदियों की तलाश में पकड़े गए चार कैदियों से हुई पूछताछ में मिली जानकारी का इस्तेमाल विशेष टीमें बाकी फरार कैदियों तक पहुँचने के लिए कर रही हैं। अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि इन चार कैदियों को कहाँ से पकड़ा गया।

तलाशी अभियान का दायरा

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, केरल पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है और तमिलनाडु की सीमा से लगे इडुक्की जिले के जंगली इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। राज्यों की सीमा से लगे जंगली रास्तों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।

दक्षिण क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) ने बताया कि कैदियों के भागने की जानकारी केरल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साझा कर दी गई है और वहाँ बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी सबसे बड़ी प्राथमिकता दोनों राज्यों की पुलिस टीमों के बीच समन्वय बनाकर और सूचनाओं का आदान-प्रदान करके फरार कैदियों को खोजना है।

घायल जेल कर्मचारी

पुलिस ने घायल जेल कर्मचारियों में से एक की पहचान ग्रेड-II कांस्टेबल थंगापांडी के रूप में की है। हमले के बाद उन्हें थेनी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो अन्य कर्मचारियों का भी इलाज चल रहा है, हालाँकि उनकी चोटों और हालत के बारे में विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया

पुलिस महानिदेशक (DGP) महेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि सभी कैदियों के वापस हिरासत में आ जाने के बाद इस घटना की विस्तृत जाँच की जाएगी। उन्होंने कहा, 'जब बाकी 13 कैदी भी पकड़ लिए जाएंगे, तब हम पूरी घटना की गहन जाँच करेंगे।' इस जाँच में कैदियों के भागने की परिस्थितियों और जेल कर्मचारियों पर हुए हमले के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जाएगी।

आगे की स्थिति

यह ऐसे समय में आया है जब जेल सुरक्षा प्रबंधन पर पहले से सवाल उठते रहे हैं। 27 अक्टूबर 2026 तक, तमिलनाडु-केरल सीमा के जंगली इलाकों सहित कई मोर्चों पर 13 फरार कैदियों की तलाश जारी है। तलाशी अभियान के सफल होने और सभी कैदियों के पकड़े जाने के बाद DGP द्वारा घोषित जाँच जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि जेल प्रशासन की गहरी खामियों का संकेत है — कर्मचारियों पर सुनियोजित हमला यह बताता है कि पलायन पूर्व-नियोजित था। सवाल यह है कि इतने बड़े समूह की हरकत जेल के निगरानी तंत्र को कैसे नहीं दिखी। DGP की जाँच का ऐलान स्वागत योग्य है, लेकिन यह जाँच तभी अर्थपूर्ण होगी जब इसका दायरा केवल तत्काल परिस्थितियों तक सीमित न रहकर जेल में स्टाफिंग, निगरानी उपकरण और विचाराधीन कैदियों की वर्गीकरण प्रक्रिया तक फैले।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

थेनी जेलब्रेक क्या है और कब हुआ?
सोमवार देर रात तमिलनाडु के थेनी जिला जेल से 17 विचाराधीन कैदियों ने जेल कर्मचारियों पर हमला कर भाग निकले। इनमें से 4 को मंगलवार को दोबारा पकड़ा गया और 13 अभी भी फरार हैं।
फरार कैदियों की तलाश कहाँ तक पहुँची है?
तलाशी का दायरा पश्चिमी घाट के जंगलों और केरल के इडुक्की जिले तक फैल गया है। तमिलनाडु और केरल पुलिस संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं और फरार कैदियों की तस्वीरें दोनों राज्यों में साझा की गई हैं।
जेल हमले में कौन घायल हुए?
हमले में ग्रेड-II कांस्टेबल थंगापांडी सहित कम से कम तीन जेल कर्मचारी घायल हुए। थंगापांडी को थेनी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है; दो अन्य कर्मचारियों का भी इलाज चल रहा है।
इस मामले में जाँच कौन करेगा?
पुलिस महानिदेशक महेश कुमार अग्रवाल ने कहा है कि सभी फरार कैदियों के पकड़े जाने के बाद घटना की विस्तृत जाँच की जाएगी। जाँच में पलायन की परिस्थितियाँ और जेल कर्मचारियों पर हुए हमले के हर पहलू की पड़ताल होगी।
पकड़े गए चार कैदियों से क्या जानकारी मिली?
अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए चार कैदियों से पूछताछ में कुछ ऐसी जानकारी मिली है जिसके आधार पर विशेष टीमें बाकी 13 फरार कैदियों को खोजने की कोशिश कर रही हैं। यह नहीं बताया गया कि ये चारों कहाँ से पकड़े गए।
राष्ट्र प्रेस
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