महाराष्ट्र सरकार ने एसटी महामंडल को ₹391 करोड़ की निधि मंजूर की, दिवाली से पहले 83,000 कर्मचारियों को मिलेगा वेतन
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार ने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (एसटी महामंडल) को ₹391.02 करोड़ की निधि वितरित करने की मंजूरी दे दी है। यह राशि सितंबर 2026 में यात्रियों को दी गई रियायतों की प्रतिपूर्ति के रूप में जारी की गई है, जिससे महामंडल के लगभग 83,000 अधिकारियों और कर्मचारियों को दिवाली से पहले वेतन मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस संबंध में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को शासनादेश जारी किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
परिवहन मंत्री एवं एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने दिवाली से पूर्व कर्मचारियों के वेतन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सरकार और एसटी प्रशासन के बीच समन्वयक की भूमिका निभाई। उन्होंने एसटी प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जिसके बाद परिवहन विभाग और महामंडल ने मिलकर आवश्यक निधि के लिए राज्य सरकार से अनुरोध किया।
एसटी महामंडल के कर्मचारियों का वेतन सामान्यतः प्रत्येक माह की 7 से 10 तारीख के बीच दिया जाता है। इस वर्ष 6 नवंबर 2026 से दिवाली का त्योहार शुरू होने के कारण, कर्मचारियों को पर्व से पहले वेतन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता बन गई थी।
रियायत प्रतिपूर्ति का महत्व
एसटी महामंडल राज्य सरकार की विभिन्न यात्री रियायत योजनाओं — जिनमें महिला सम्मान योजना और वरिष्ठ नागरिक रियायत प्रमुख हैं — को लागू करता है। इन योजनाओं के चलते महामंडल पर प्रतिमाह भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। सरकार की ओर से समय पर प्रतिपूर्ति राशि मिलने से महामंडल के नकद प्रवाह को गति मिलती है और कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी नहीं होती।
गौरतलब है कि एसटी महामंडल महाराष्ट्र के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में लाखों यात्रियों के लिए परिवहन की जीवन-रेखा है। इसकी वित्तीय स्थिति सीधे तौर पर कर्मचारियों के वेतन और सेवा की निरंतरता से जुड़ी है।
मंत्री प्रताप सरनाईक की प्रतिक्रिया
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस अवसर पर कहा, 'एसटी केवल एक परिवहन सेवा नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र के लाखों नागरिकों के जीवन का अभिन्न हिस्सा है। इस सेवा को दिन-रात सुचारू रूप से चलाने वाले अधिकारी और कर्मचारी ही महामंडल की असली ताकत हैं।' उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के परिवार भी दिवाली का त्योहार खुशी से मना सकें, यह उनकी ईमानदार कोशिश है।
सरनाईक ने एसटी प्रशासन को निर्देश दिए कि वेतन वितरण की प्रक्रिया अब तत्काल पूरी की जाए, ताकि कर्मचारियों को त्योहार से पूर्व उनका हक मिल सके।
आम जनता और कर्मचारियों पर असर
इस निर्णय से महामंडल के 83,000 से अधिक कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। यह ऐसे समय में आया है जब त्योहारी सीज़न में खर्च बढ़ जाता है और देरी से वेतन मिलने पर कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इससे एसटी सेवाओं की निरंतरता पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।
क्या होगा आगे
शासनादेश जारी होने के बाद अब एसटी प्रशासन वेतन वितरण की प्रक्रिया तेज़ करेगा। दिवाली 6 नवंबर 2026 से शुरू होने वाली है, और प्रशासन पर उससे पहले भुगतान पूरा करने का दबाव है। विशेषज्ञों का मानना है कि यात्री रियायत प्रतिपूर्ति का समय पर मिलना महामंडल के दीर्घकालिक वित्तीय स्वास्थ्य के लिए भी ज़रूरी है।