'ऑपरेशन टाइगर' 24×365 चलने वाली प्रक्रिया: महाराष्ट्र मंत्री प्रताप सरनाइक; MSRTC कर्मचारियों का DA 58% किया
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मंत्री प्रताप सरनाइक ने 11 जून को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि 'ऑपरेशन टाइगर' कोई अल्पकालिक राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि 24 घंटे, 365 दिन अनवरत चलने वाली प्रक्रिया है। इसी बैठक में उन्होंने महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के लगभग 86,000 कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में वृद्धि की घोषणा भी की।
ऑपरेशन टाइगर: मंत्री का बयान
सरनाइक ने कहा, 'हमारा 'ऑपरेशन टाइगर' लगातार, 24 घंटे और साल के 365 दिन चलता रहता है। लोग अक्सर मीडिया के ज़रिए ही इसके बारे में सुनते हैं, लेकिन हमारे नज़रिए से यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो कभी नहीं रुकती।' उन्होंने आगे कहा कि जब भी किसी अन्य राजनीतिक दल के कार्यकर्ता के साथ अन्याय होता है और उसे न्याय नहीं मिलता, तो वह एकनाथ शिंदे और शिवसेना पर भरोसा जताता है। 'अगर ऐसा कोई व्यक्ति बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से प्रेरित होकर हमारी पार्टी में शामिल होता है, तो हम उस आम कार्यकर्ता को भी 'टाइगर' ही मानते हैं' — यह उनके शब्द थे।
MSRTC कर्मचारियों को बड़ी राहत: DA 53% से बढ़कर 58%
MSRTC के लगभग 86,000 कर्मचारियों और उनके परिवारों को राहत देते हुए महंगाई भत्ता 53 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर दिया गया। इस निर्णय के बाद निगम कर्मचारियों का DA राज्य सरकार के कर्मचारियों के बराबर हो गया है। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों के हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में भी वृद्धि का फैसला लिया गया।
बैठक में उठे मुद्दे
मंत्री सरनाइक ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी दी कि निगम में 85,000 से अधिक कर्मचारी हैं और कुल कार्यबल लगभग 1,00,000 है। विभिन्न कर्मचारी यूनियनों की दीर्घकालिक माँगों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। बैठक में वेतन, भत्ते, सेवा शर्तें, रिक्त पदों पर भर्ती, बस स्टेशनों के विकास और कल्याणकारी योजनाओं जैसे अनेक विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में निगम के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. माधव कुसेकर, मुख्य सुरक्षा एवं सतर्कता अधिकारी प्रियंका नारनवरे, वरिष्ठ अधिकारी तथा राज्यभर से आए कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
भविष्य की गारंटी और एरियर का भुगतान
सरनाइक ने स्पष्ट किया कि भविष्य में जब भी राज्य सरकार के कर्मचारियों के DA में संशोधन होगा, उसे तत्काल MSRTC कर्मचारियों पर भी लागू किया जाएगा। वेतन बकाया (एरियर) को निगम की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए किस्तों में चुकाया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों की जायज माँगों पर सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे और प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं।
आगे क्या
MSRTC कर्मचारियों के लिए यह निर्णय लंबे समय से चली आ रही माँगों की आंशिक पूर्ति है। गौरतलब है कि निगम की वित्तीय स्थिति पहले से ही चुनौतीपूर्ण रही है, ऐसे में एरियर भुगतान की किस्त-व्यवस्था कर्मचारी संगठनों की स्वीकृति पर निर्भर करेगी। 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत शिवसेना की विस्तार रणनीति आने वाले महीनों में और स्पष्ट होगी।