17 अगस्त 2026
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मराठी न जानने वाले ड्राइवरों पर 18 अगस्त से कार्रवाई, 105 दिन की मोहलत खत्म: परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक

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मराठी न जानने वाले ड्राइवरों पर 18 अगस्त से कार्रवाई, 105 दिन की मोहलत खत्म: परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक

सारांश

महाराष्ट्र में मराठी सीखने की 105 दिन की मोहलत 15 अगस्त को खत्म हो गई। अब परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने साफ कर दिया है कि 18 अगस्त से बिना मराठी ज्ञान वाले ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों के लाइसेंस निलंबित या स्थायी रूप से रद्द किए जाएंगे — 1989 का कानून अब असल में लागू होगा।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने पुष्टि की कि मराठी सीखने की 105 दिनों की समय-सीमा 15 अगस्त 2026 को समाप्त हो गई।
18 अगस्त 2026 से मराठी न जानने वाले ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन और रद्दीकरण की कार्रवाई शुरू होगी।
राज्यभर में 160 शाखाओं और 1,600 प्रशिक्षकों के माध्यम से 11 लाख से अधिक ड्राइवरों को मराठी प्रशिक्षण दिया गया।
मराठी भाषा विभाग ने प्रशिक्षण पहल के लिए मुंबई मराठी साहित्य संघ को ₹1 करोड़ का अनुदान दिया।
जाँच में मराठी न जानने पर पहले एक महीने का नोटिस , फिर तीन महीने का निलंबन , और उसके बाद भी उल्लंघन पर स्थायी रद्दीकरण होगा।
मराठी दक्षता की अनिवार्यता 1989 से कानून में थी, लेकिन दशकों तक इसे लागू नहीं किया गया था।

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने 17 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि राज्य में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चलाने वाले जिन ड्राइवरों को मराठी भाषा का बुनियादी कामकाजी ज्ञान नहीं है, उनके खिलाफ अब सीधी कार्रवाई की जाएगी — जिसमें लाइसेंस निलंबन या स्थायी रद्दीकरण तक शामिल है। 1 मई से शुरू हुई 105 दिनों की सीखने की अवधि 15 अगस्त को आधिकारिक रूप से समाप्त हो गई और 18 अगस्त से प्रवर्तन कार्रवाई शुरू होने की पुष्टि मंत्री ने की है।

मुख्य घटनाक्रम

मंत्री सरनाईक के अनुसार, मराठी दक्षता की अनिवार्यता 1989 से कानून में दर्ज है, लेकिन दशकों तक इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने इस बार कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, 'मैंने स्पष्ट किया कि राज्य में गाड़ी चलाने वाले ड्राइवरों को मराठी का कामकाजी ज्ञान होना चाहिए।' यूनियनों के शुरुआती विरोध के बाद सरकार ने हाजी अराफात शेख, संजय निरुपम, कृपाशंकर सिंह और शशांक राव जैसे प्रमुख यूनियन नेताओं और राजनेताओं के साथ बातचीत कर आम सहमति बनाई।

प्रशिक्षण की व्यवस्था

परिवहन विभाग ने कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ के सहयोग से ड्राइवरों के लिए विशेष शिक्षण सामग्री तैयार की। साहित्यिक विशेषज्ञों उजागरे, लीना मेहेंदले और प्रवीण दवणे ने चार पृष्ठों की एक पुस्तिका बनाई, जिसमें परिवहन कार्यों में रोज़मर्रा उपयोग होने वाले 18 से 20 मुख्य वाक्य शामिल थे।

मराठी भाषा विभाग ने इस पहल के लिए मुंबई मराठी साहित्य संघ को ₹1 करोड़ का अनुदान दिया, क्योंकि परिवहन विभाग के पास भाषा प्रशिक्षण के लिए अलग बजट उपलब्ध नहीं था। राज्यभर में 160 शाखाओं और 1,600 प्रशिक्षकों के नेटवर्क के ज़रिये 11 लाख से अधिक ड्राइवरों को प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम पूरा करने वाले ड्राइवरों को QR कोड-सत्यापित प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।

जुर्माना और लाइसेंस कार्रवाई की प्रक्रिया

जाँच में बुनियादी मराठी कौशल की कमी पाए जाने पर विभाग एक चरणबद्ध जुर्माना प्रणाली लागू करेगा। मंत्री ने बताया, 'ड्राइवर को भाषा सीखने के लिए एक महीने की मोहलत देते हुए नोटिस दिया जाएगा। अगर इस समय के भीतर दक्षता साबित हो जाती है, तो लाइसेंस बना रहेगा। एक महीने के नोटिस पीरियड में मराठी न सीख पाने पर लाइसेंस तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा।'

निलंबन अवधि के बाद भी नियमों का पालन न करने पर लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, लाइसेंस के नियमित नवीनीकरण के दौरान भाषा परीक्षण भी अनिवार्य होगा।

राजनीतिक दबाव और सरकार का रुख

मंत्री सरनाईक ने स्वीकार किया कि कुछ राजनीतिक हस्तियों ने इस अभियान को रोकने या इसका राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की, परंतु राज्य सरकार अपने निर्णय पर अडिग रही। उन्होंने दृढ़ता से कहा, 'तय योजना के अनुसार 18 अगस्त से कार्रवाई शुरू हो जाएगी और हम पीछे नहीं हटेंगे।'

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में भाषाई पहचान और रोज़गार नीति को लेकर राजनीतिक संवेदनशीलता बढ़ी हुई है। 18 अगस्त 2026 से परिवहन विभाग के अधिकारी सड़कों पर जाँच अभियान चलाएंगे। भाषा दक्षता की जाँच लाइसेंस नवीनीकरण चक्र में स्थायी रूप से शामिल की जाएगी, जो इस नीति को एकमुश्त अभियान की बजाय दीर्घकालिक व्यवस्था का हिस्सा बनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन QR कोड प्रमाण पत्र की गुणवत्ता और वास्तविक भाषा दक्षता के बीच का फर्क असली परीक्षा में सामने आएगा। यह नीति भाषाई समावेश की दिशा में एक कदम हो सकती है, लेकिन अगर प्रवर्तन चुनिंदा या असंगत रहा, तो यह उन लाखों प्रवासी ड्राइवरों की आजीविका पर भारी पड़ सकती है जो महानगरीय परिवहन की रीढ़ हैं।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र में मराठी न जानने वाले ड्राइवरों पर क्या कार्रवाई होगी?
जाँच में मराठी कौशल की कमी पाए जाने पर ड्राइवर को पहले एक महीने का नोटिस दिया जाएगा। इस अवधि में दक्षता न साबित होने पर लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित और उसके बाद भी उल्लंघन जारी रहने पर स्थायी रूप से रद्द किया जाएगा।
105 दिनों की मराठी सीखने की समय-सीमा कब से कब तक थी?
यह समय-सीमा 1 मई 2026 से शुरू होकर 15 अगस्त 2026 को समाप्त हुई, यानी कुल 105 दिन दिए गए। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने पुष्टि की कि 18 अगस्त 2026 से प्रवर्तन कार्रवाई शुरू होगी।
ड्राइवरों को मराठी प्रशिक्षण कैसे दिया गया?
मुंबई मराठी साहित्य संघ और कोंकण मराठी साहित्य परिषद के सहयोग से राज्यभर में 160 शाखाओं और 1,600 प्रशिक्षकों के ज़रिये 11 लाख से अधिक ड्राइवरों को प्रशिक्षण दिया गया। साहित्यिक विशेषज्ञों ने 18-20 रोज़मर्रा के वाक्यों वाली चार पृष्ठों की विशेष पुस्तिका तैयार की।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम पर कितना खर्च हुआ और पैसा कहाँ से आया?
मराठी भाषा विभाग ने मुंबई मराठी साहित्य संघ को ₹1 करोड़ का अनुदान दिया। परिवहन विभाग के पास भाषा प्रशिक्षण के लिए अलग बजट नहीं था, इसलिए यह वित्त पोषण मराठी भाषा विभाग के माध्यम से हुआ।
क्या यह मराठी भाषा नियम नया है?
नहीं, मराठी दक्षता की अनिवार्यता 1989 से ही कानून में मौजूद थी, लेकिन दशकों तक इसे लागू नहीं किया गया। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस बार इसे सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया और यूनियनों के साथ बातचीत के बाद 105 दिनों की तैयारी की मोहलत दी।
राष्ट्र प्रेस
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