भुवनेश्वर बम विस्फोट: एनआईए ने दो आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 1 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर बम विस्फोट मामले में दो आरोपियों के खिलाफ भुवनेश्वर स्थित विशेष एनआईए अदालत में चार्जशीट दाखिल की। यह विस्फोट 27 जनवरी 2026 को ओडिशा के भुवनेश्वर में हुआ था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी।
मामले का पृष्ठभूमि
यह मामला ओडिशा के भुवनेश्वर में एयरफील्ड पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत सुंदरपाड़ा के न्यू आजादनगर में हुए बम विस्फोट से जुड़ा है। एजेंसी के अनुसार, 27 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 2:45 बजे चार लोग मिलकर बम तैयार कर रहे थे। इसी दौरान विस्फोट हो गया, जिसमें चारों गंभीर रूप से झुलस गए और बाद में दो लोगों की मौत हो गई।
चार्जशीट में किन पर लगे आरोप
एनआईए ने चार्जशीट में सानू उर्फ रोहन रंजन राउत और अमिया रंजन मलिक को आरोपी बनाया है। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), ईएस एक्ट और विस्फोटक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी आपराधिक साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे और उन्होंने अवैध तरीके से विस्फोटक सामग्री जुटाई थी।
पश्चिम बंगाल में जेएमबी नेटवर्क की जांच
इसी बीच, एनआईए पश्चिम बंगाल में प्रतिबंधित संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) से जुड़े एक अलग मामले की भी जांच कर रही है। एजेंसी ने पूर्व बर्दवान और दक्षिण 24 परगना जिलों से चार लोगों को गिरफ्तार किया है। सूत्रों का दावा है कि इन आरोपियों के पास से ऐसे दस्तावेज बरामद हुए, जिनमें राज्य के विभिन्न जिलों के उन युवाओं की जानकारी थी, जो कथित तौर पर गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क में थे।
गिरफ्तार आरोपियों का ब्यौरा
सूत्रों के अनुसार, सबसे पहले पूर्व बर्दवान जिले के मंगलकोट थाना क्षेत्र के पलिशग्राम गांव स्थित एक मस्जिद से जुड़े इमाम पियार मोहम्मद शेख को आतंकी संपर्क के संदेह में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद दक्षिण 24 परगना जिले से जुम्मन शेख (मिठापुकुर), शहरुल पुरकैत (बलरामपुर) और अब्दुल रफीक (नरेंद्रपुर) को गिरफ्तार किया गया। एजेंसी इन सभी पर युवाओं को प्रभावित कर जेएमबी से जोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाती है।
एक संदिग्ध अब भी फरार
इस मामले में मुजीबुर रहमान नामक एक संदिग्ध की तलाश जारी है। वह दक्षिण दिनाजपुर के बंशीहारी-कुशकारी गांव का निवासी बताया गया है। एनआईए ने उसके घर पर तलाशी अभियान चलाया, परंतु वह वहाँ नहीं मिला। जांच के दौरान एजेंसी ने कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य सामग्री भी बरामद की है। गौरतलब है कि ये गिरफ्तारियाँ जेएमबी के कथित स्लीपर सेल नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के लिए पश्चिम बंगाल में विभिन्न स्थानों पर चलाए गए छापेमारी अभियान के बाद हुई हैं। एनआईए ने स्पष्ट किया है कि भुवनेश्वर विस्फोट मामले में आगे की जांच अभी जारी है।