25 अक्टूबर 2026
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शंभू-राजपुरा रेलवे विस्फोट: NIA ने 6 खालिस्तानी आरोपियों के खिलाफ मोहाली कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की

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शंभू-राजपुरा रेलवे विस्फोट: NIA ने 6 खालिस्तानी आरोपियों के खिलाफ मोहाली कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की

सारांश

NIA ने पंजाब के शंभू-राजपुरा रेलवे ट्रैक विस्फोट मामले में 6 आरोपियों के खिलाफ मोहाली की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की। जांच में पाकिस्तान स्थित KZF हैंडलर रणजीत सिंह उर्फ नीता का नाम सामने आया है, जो भारत सरकार द्वारा घोषित व्यक्तिगत आतंकवादी है।

मुख्य बातें

NIA ने 24 अक्टूबर 2026 को मोहाली की विशेष अदालत में शंभू-राजपुरा रेलवे विस्फोट मामले में चार्जशीट दाखिल की।
चार्जशीट में 6 आरोपी — गुरजिंदर सिंह उर्फ बियंत बाबा, सतनाम सिंह, प्रदीप सिंह उर्फ खालसा, कुलविंदर सिंह उर्फ बग्गा, गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी और मनजीत सिंह — नामजद।
विस्फोट 27 अप्रैल 2026 को DFCCIL की रेलवे लाइन पर हुआ था; कथित ऑपरेटिव जगरूप सिंह की घटनास्थल पर मौत हुई।
आरोपी पाकिस्तान स्थित रणजीत सिंह उर्फ नीता के निर्देशन में काम कर रहे थे, जो KZF से जुड़ा और भारत सरकार द्वारा घोषित व्यक्तिगत आतंकवादी है।
आरोपियों पर UAPA , BNS , आर्म्स एक्ट सहित कई कानूनों के तहत आरोप; जांच जारी।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 24 अक्टूबर 2026 को पंजाब के शंभू-राजपुरा रेलवे लाइन विस्फोट मामले में 6 आरोपियों के खिलाफ मोहाली स्थित NIA की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की। यह विस्फोट 27 अप्रैल 2026 को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) की रेलवे लाइन पर हुआ था, जिसमें कथित खालिस्तानी ऑपरेटिव जगरूप सिंह की विस्फोटक तैयार करते समय मौत हो गई थी।

चार्जशीट में किन आरोपियों के नाम हैं

NIA ने चार्जशीट में गुरजिंदर सिंह उर्फ बियंत बाबा, सतनाम सिंह, प्रदीप सिंह उर्फ खालसा, कुलविंदर सिंह उर्फ बग्गा, गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी और मनजीत सिंह को आरोपी बनाया है। इन सभी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, रेलवे अधिनियम, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

साजिश का मकसद और पाकिस्तान कनेक्शन

जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी और मृतक जगरूप सिंह, पाकिस्तान में बैठे रणजीत सिंह उर्फ नीता के निर्देशन में काम कर रहे थे। रणजीत सिंह को प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) से जुड़ा बताया गया है और भारत सरकार उसे व्यक्तिगत आतंकवादी घोषित कर चुकी है।

NIA के अनुसार, इस पूरी साजिश का उद्देश्य खालिस्तानी विचारधारा को बढ़ावा देना, पंजाब में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना और राज्य की कानून-व्यवस्था को अस्थिर करना था। एजेंसी के मुताबिक यह नेटवर्क आतंक के लिए धन जुटाने, विस्फोटक, हथियार और गोला-बारूद की व्यवस्था करने तथा आम नागरिकों में भय का माहौल बनाने में सक्रिय रहा।

घटना की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 27 अप्रैल 2026 को शंभू और राजपुरा रेलवे स्टेशनों के बीच ट्रैक पर विस्फोट हुआ था। जांच में पता चला कि यह विस्फोट तब हुआ जब कथित ऑपरेटिव जगरूप सिंह विस्फोटक तैयार कर रहा था और हादसे में उसकी खुद मौत हो गई। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में खालिस्तान समर्थक तत्वों की गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क थीं।

जांच की स्थिति और आगे की कार्रवाई

NIA ने स्पष्ट किया है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे संभव हैं। विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मुकदमे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह मामला देश की रेलवे अवसंरचना को निशाना बनाने की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसे सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्क अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो देश की आर्थिक रीढ़ है। मुकदमे की कार्यवाही और संभावित अतिरिक्त खुलासे यह तय करेंगे कि इस नेटवर्क की वास्तविक गहराई कितनी है।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शंभू-राजपुरा रेलवे विस्फोट मामला क्या है?
यह मामला 27 अप्रैल 2026 को पंजाब में शंभू और राजपुरा रेलवे स्टेशनों के बीच DFCCIL की रेलवे लाइन पर हुए विस्फोट से जुड़ा है। विस्फोट के दौरान कथित खालिस्तानी ऑपरेटिव जगरूप सिंह की मौत हो गई थी, जो विस्फोटक तैयार कर रहा था।
NIA ने इस मामले में किन पर चार्जशीट दाखिल की है?
NIA ने 24 अक्टूबर 2026 को मोहाली की विशेष अदालत में 6 आरोपियों — गुरजिंदर सिंह उर्फ बियंत बाबा, सतनाम सिंह, प्रदीप सिंह उर्फ खालसा, कुलविंदर सिंह उर्फ बग्गा, गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी और मनजीत सिंह — के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
इस साजिश में पाकिस्तान की क्या भूमिका बताई गई है?
NIA की जांच के अनुसार, सभी आरोपी पाकिस्तान में बैठे रणजीत सिंह उर्फ नीता के निर्देशन में काम कर रहे थे। रणजीत सिंह खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) से जुड़ा है और भारत सरकार उसे व्यक्तिगत आतंकवादी घोषित कर चुकी है।
आरोपियों पर कौन-कौन से कानूनों के तहत आरोप लगाए गए हैं?
आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, रेलवे अधिनियम, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
क्या इस मामले में आगे और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं?
NIA ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे संभव हैं। एजेंसी के अनुसार नेटवर्क की पूरी कड़ी अभी सामने आनी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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