पैसेंजर ट्रेन बम धमाके की साजिश: एनआईए ने पाकिस्तान लिंक मामले में शुभम कुमार समेत 2 पर चार्जशीट दाखिल की
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 7 अगस्त 2026 को मोहाली स्थित एनआईए की स्पेशल कोर्ट में दो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की — इन पर पाकिस्तान से इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी), हथियार और हेरोइन की तस्करी कर भारत में आतंकी हमले अंजाम देने की साजिश रचने का आरोप है। इस साजिश में एक पैसेंजर ट्रेन को विस्फोट से उड़ाने की योजना भी शामिल थी, जिससे बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो सके।
आरोपी और दर्ज धाराएँ
चार्जशीट गिरफ्तार आरोपी शुभम कुमार और फरार आरोपी जसवीर चौधरी के खिलाफ दाखिल की गई है। दोनों पर गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, शस्त्र अधिनियम, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम और रेलवे अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह मामला मूल रूप से फरवरी 2026 में कुमार की गिरफ्तारी के बाद अमृतसर के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन्स सेल (एसएसओसी) द्वारा दर्ज किया गया था। जांचकर्ताओं के अनुसार, उसके पास से एक धातु के डिब्बे में छिपाया गया चालू आईईडी, एक रिमोट-कंट्रोल डिवाइस, मैगजीन सहित विदेशी .30 बोर की पिस्तौल, 20 जिंदा कारतूस, हेरोइन और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ था।
एनआईए की जांच में क्या सामने आया
एनआईए ने मार्च 2026 में इस मामले की जांच अपने हाथ में ली। जांच में एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ, जिसमें पाकिस्तान में बैठा एक हैंडलर और भारत में उसके सहयोगी शामिल थे। ये लोग कथित तौर पर सीमा पार से विस्फोटक, हथियार और नशीले पदार्थ लाने और उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का काम कर रहे थे।
एजेंसी के अनुसार, शुभम कुमार को कथित तौर पर एक पैसेंजर ट्रेन में टाइमर-ऑपरेटेड आईईडी लगाने का काम सौंपा गया था। जांच में यह भी सामने आया कि साजिश केवल एक लक्ष्य तक सीमित नहीं थी — पंजाब और दिल्ली में कई स्थानों पर हमले करने की योजना थी ताकि दहशत फैलाई जा सके और राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा किया जा सके।
सबूत और जांच की स्थिति
एनआईए का कहना है कि उसने इस कथित साजिश और आरोपियों की भूमिका को साबित करने के लिए पर्याप्त मौखिक, दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, तय कानूनी समय-सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।
गौरतलब है कि जांच अभी भी जारी है। एजेंसी पाकिस्तान स्थित कथित आतंकी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने, उन्हें पकड़ने और भारत में विस्फोटक, हथियार व नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए इस्तेमाल किए गए रास्तों का पता लगाने में जुटी है।
व्यापक संदर्भ
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब सीमा पार से हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है। पंजाब में ड्रोन के ज़रिए हथियार गिराने की घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियां पहले से सतर्क हैं। यह मामला रेलवे अवसंरचना को आतंकी निशाने के रूप में उपयोग करने की कोशिश की दृष्टि से भी विशेष रूप से गंभीर माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
फरार आरोपी जसवीर चौधरी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं। एनआईए ने स्पष्ट किया है कि जांच के दायरे को और विस्तार दिया जाएगा ताकि इस नेटवर्क की पूरी कड़ी उजागर हो सके।