पहलगाम हमला: एनआईए की पूरक चार्जशीट में हाफिज सईद पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पहलगाम आतंकी हमले की जांच में बड़ा कदम उठाते हुए जम्मू स्थित विशेष अदालत में पूरक चार्जशीट दाखिल की, जिसमें पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के प्रमुख एवं संस्थापक हाफिज सईद को व्यक्तिगत रूप से आरोपी बनाया गया है। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए उस नृशंस हमले के संदर्भ में की गई है, जिसमें आतंकियों ने धर्म के आधार पर निशाना बनाकर 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक की हत्या की थी।
चार्जशीट में क्या है
एनआईए ने हाफिज सईद पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), 1967 की कई धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं। इनमें भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से साजिश रचने जैसे अत्यंत गंभीर आरोप शामिल हैं।
यह पूरक चार्जशीट उस 1,597 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट के बाद दाखिल की गई है, जिसमें पाकिस्तानी साजिश, हाफिज सईद की भूमिका और एनआईए द्वारा मौके से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों का विस्तृत विवरण दिया गया था।
जांच का पूरा घटनाक्रम
हमले के बाद पहलगाम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज हुआ था, जिसे केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने एनआईए को सौंप दिया। 15 दिसंबर 2025 को दाखिल पहली चार्जशीट में पाकिस्तानी हैंडलर साजिद जट्ट को आरोपी बनाया गया था।
इसके अतिरिक्त, जुलाई 2025 में 'ऑपरेशन महादेव' के दौरान मारे गए तीन आतंकियों और दो गिरफ्तार आरोपियों को भी इस मामले में शामिल किया जा चुका है। एनआईए ने लश्कर-ए-तैयबा और उसके सहयोगी संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (टीआरएफ) को इस हमले की योजना बनाने, उसे समर्थन देने और उसे अंजाम तक पहुंचाने के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
हाफिज सईद की भूमिका
हाफिज सईद को कथित तौर पर लश्कर-ए-तैयबा और उसके मुखौटा संगठन टीआरएफ का प्रमुख बताया जाता है। एनआईए के अनुसार, उन पर न केवल व्यक्तिगत रूप से बल्कि इन प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के प्रमुख के तौर पर भी आरोप तय किए गए हैं। गौरतलब है कि हाफिज सईद पहले से ही संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक आतंकी घोषित है और पाकिस्तान में उस पर आतंकवाद वित्तपोषण के मामलों में सजा भी हो चुकी है।
हमले की पृष्ठभूमि
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने धर्म के आधार पर पर्यटकों को निशाना बनाया, जिसमें 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक की जान गई। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब पहलगाम पर्यटन सीजन के चरम पर था। इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया और भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव की एक नई लहर उत्पन्न की।
आगे की जांच
एनआईए अब सीमा पार से भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली पाकिस्तानी साजिश के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है। जांच एजेंसी के अनुसार, यह मामला सीमा पार आतंकवाद के सबसे व्यापक रूप से दस्तावेजीकृत मामलों में से एक बनता जा रहा है, और आने वाले समय में और भी आरोपियों के नाम सामने आने की संभावना है।