14 जुलाई 2026
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सुंदरपाड़ा बम धमाका: एनआईए ने भुवनेश्वर में तीन ठिकानों पर छापेमारी, डिजिटल सबूत जब्त

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सुंदरपाड़ा बम धमाका: एनआईए ने भुवनेश्वर में तीन ठिकानों पर छापेमारी, डिजिटल सबूत जब्त

सारांश

जनवरी 2026 में भुवनेश्वर के सुंदरपाड़ा में हुए बम धमाके की जांच में एनआईए ने मंगलवार को तीन ठिकानों पर छापेमारी की। डिजिटल डिवाइस जब्त, विस्फोटक सामग्री के स्रोत और फंडिंग की जांच जारी — मामले में और गिरफ्तारियाँ संभव।

मुख्य बातें

एनआईए ने 14 जुलाई 2026 को भुवनेश्वर में तीन ठिकानों पर संयुक्त तलाशी अभियान चलाया।
यह कार्रवाई 27 जनवरी 2026 को सुंदरपाड़ा, आज़ाद नगर कॉलोनी की चार मंजिला इमारत पर हुए बम धमाके से जुड़ी है।
धमाके में बम बना रहे चार लोग बुरी तरह घायल हो गए थे।
एनआईए ने अप्रैल 2026 में यह केस अपने हाथ में लिया, जो पहले एयरफील्ड पुलिस स्टेशन में दर्ज था।
छापेमारी में कई डिजिटल डिवाइस और अहम सबूत जब्त, फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए।
एनआईए विस्फोटक सामग्री के स्रोत और खरीद के लिए उपयोग किए गए फंड की जांच कर रही है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को जनवरी 2026 के सुंदरपाड़ा बम धमाके की जांच के तहत भुवनेश्वर और उसके आसपास के इलाकों में तीन ठिकानों पर संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। इस छापेमारी में कई डिजिटल डिवाइस और अहम दस्तावेज़ जब्त किए गए हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

एनआईए की टीमों ने यह तलाशी ओडिशा के भुवनेश्वर में उन ठिकानों पर की, जिनकी पहचान इस मामले में पहले गिरफ्तार एक आरोपी से मिले सबूतों के विस्तृत विश्लेषण और अब तक की जांच से प्राप्त जानकारियों के आधार पर की गई थी। जांचकर्ताओं के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बम बनाने में इस्तेमाल हुए विस्फोटक सामग्री के स्रोत का पता लगाना और इन सामग्रियों की खरीद के लिए उपयोग किए गए फंड के स्रोत की जांच करना था।

सुंदरपाड़ा धमाके की पृष्ठभूमि

यह मामला 27 जनवरी 2026 को भुवनेश्वर के सुंदरपाड़ा स्थित आज़ाद नगर कॉलोनी की एक चार मंजिला इमारत की छत पर हुए धमाके से जुड़ा है। उस घटना में चार लोग बम बना रहे थे, तभी अचानक विस्फोट हो गया और चारों व्यक्ति बुरी तरह घायल हो गए। यह केस शुरू में भुवनेश्वर के एयरफील्ड पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था।

एनआईए ने कब संभाली जांच

गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में एनआईए ने इस मामले को अपने हाथ में लिया। इस प्रकार की घटनाएँ — जहाँ स्थानीय पुलिस के बाद केंद्रीय एंटी-टेरर एजेंसी मामला अपने हाथ में लेती है — आमतौर पर तब होती हैं जब जांच में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े आयाम सामने आते हैं। एनआईए अब इस अपराध में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए अपनी जांच जारी रखे हुए है।

जब्त सबूत और आगे की जांच

तलाशी के दौरान जब्त किए गए डिजिटल डिवाइस और अन्य सामग्री को फोरेंसिक विश्लेषण के लिए भेजा जा रहा है। जांचकर्ता कथित तौर पर यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि विस्फोटक सामग्री और उनकी खरीद के लिए धन कहाँ से आया। एनआईए के अनुसार, इस मामले में अभी और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

क्या होगा आगे

फोरेंसिक जांच के नतीजे सामने आने के बाद एनआईए की जांच का दायरा और व्यापक हो सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में विस्फोटक सामग्री की तस्करी और आतंकी नेटवर्क के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियाँ सक्रिय हैं। एनआईए का यह कदम मामले की जड़ तक पहुँचने और संभावित साजिशकर्ताओं को कानून के कटघरे में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि केवल चार घायल व्यक्तियों तक सीमित हैं। फोरेंसिक नतीजे सार्वजनिक होने तक इस मामले की वास्तविक गंभीरता का आकलन करना जल्दबाज़ी होगी।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुंदरपाड़ा बम धमाका क्या था?
27 जनवरी 2026 को भुवनेश्वर के सुंदरपाड़ा स्थित आज़ाद नगर कॉलोनी की एक चार मंजिला इमारत की छत पर बम बनाते समय अचानक विस्फोट हो गया। इस धमाके में बम बना रहे चारों व्यक्ति बुरी तरह घायल हो गए।
एनआईए ने इस मामले में छापेमारी क्यों की?
एनआईए ने 14 जुलाई 2026 को भुवनेश्वर के तीन ठिकानों पर छापेमारी की ताकि विस्फोटक सामग्री के स्रोत, उनकी खरीद के लिए इस्तेमाल हुए फंड और इस अपराध में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा सके। यह तलाशी पहले गिरफ्तार आरोपी से मिले सबूतों के विश्लेषण के आधार पर की गई।
एनआईए ने यह केस कब अपने हाथ में लिया?
यह केस शुरू में भुवनेश्वर के एयरफील्ड पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। अप्रैल 2026 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली।
छापेमारी में क्या मिला?
एनआईए की टीमों ने तलाशी के दौरान कई डिजिटल डिवाइस और अन्य महत्वपूर्ण सबूत जब्त किए। इन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है ताकि विस्फोटक सामग्री के नेटवर्क और फंडिंग स्रोत का पता लगाया जा सके।
इस मामले में आगे क्या होगा?
एनआईए इस अपराध में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान के लिए जांच जारी रखे हुए है। फोरेंसिक जांच के नतीजों के आधार पर मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं और जांच का दायरा बढ़ सकता है।
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