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लाडकी बहीण योजना कभी बंद नहीं होगी: शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम का विपक्ष को करारा जवाब

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लाडकी बहीण योजना कभी बंद नहीं होगी: शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम का विपक्ष को करारा जवाब

सारांश

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने मुंबई में साफ किया कि मुख्यमंत्री लाडकी बहीण योजना बंद नहीं होगी। 2 करोड़ 47 लाख महिलाओं को ₹1,500 मासिक सहायता जारी रहेगी। विपक्ष के 92 लाख नाम हटाने के दावे को उन्होंने 'पूरी तरह झूठ' बताया।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 14 जुलाई को पुष्टि की कि मुख्यमंत्री लाडकी बहीण योजना कभी बंद नहीं होगी।
योजना के तहत 2 करोड़ 47 लाख पात्र महिलाओं को हर महीने ₹1,500 की सहायता दी जाती है।
विपक्ष के इस दावे को कि 92 लाख महिलाओं के नाम सूची से हटाए गए, निरुपम ने 'पूरी तरह झूठ' करार दिया।
योजना 2024 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पहल पर शुरू हुई थी और मुंबई उच्च न्यायालय ने भी इसे रोकने की विपक्षी माँग खारिज की थी।
टीईटी पेपर लीक मामले में सरकार ने परीक्षा स्थगित कर कई गिरफ्तारियाँ की हैं।

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 14 जुलाई को मुंबई में स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाडकी बहीण योजना किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं की जाएगी। विपक्षी दलों के इस दावे को उन्होंने सिरे से खारिज किया कि योजना से 92 लाख महिलाओं के नाम हटाए गए हैं, इसे 'पूरी तरह झूठ' करार दिया।

योजना की पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति

निरुपम ने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 2024 में आर्थिक रूप से कमज़ोर महिलाओं की सहायता के लिए यह योजना शुरू की थी। इसके तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने ₹1,500 की आर्थिक सहायता सीधे भेजी जाती है। उन्होंने कहा कि यह योजना मात्र डेढ़ महीने में तैयार कर लागू की गई — जो प्रशासनिक दृष्टि से उल्लेखनीय है।

वर्तमान में इस योजना से 2 करोड़ 47 लाख लाभार्थी महिलाएं जुड़ी हुई हैं। निरुपम ने दोहराया कि पार्टी और शिंदे की ओर से यह आश्वासन दिया जाता है कि किसी भी पात्र महिला को इस योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा।

विपक्ष के आरोप और न्यायालय का रुख

निरुपम के अनुसार, योजना शुरू होने के बाद से कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार गुट इसका लगातार विरोध करते रहे हैं। चुनाव के दौरान कुछ विपक्षी नेता मुंबई उच्च न्यायालय भी पहुँचे, परंतु अदालत ने उनकी माँग अस्वीकार कर दी।

उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव से पहले विपक्ष ने यह दावा किया था कि चुनाव समाप्त होते ही यह योजना बंद कर दी जाएगी। निरुपम ने कहा कि सरकार एक बार बनी, फिर दोबारा बनी — और योजना निरंतर जारी रही। इसके बावजूद आलोचकों का कहना है कि विपक्ष अब भी 'दुष्प्रचार' जारी रखे हुए है।

टीईटी पेपर लीक और राहुल गांधी पर निशाना

निरुपम ने टीईटी पेपर लीक मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लीक की जानकारी मिलते ही सरकार ने तुरंत परीक्षा स्थगित कर दी और संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कई गिरफ्तारियाँ भी की गई हैं।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए निरुपम ने कहा कि वे पिछले करीब एक महीने से सार्वजनिक रूप से अनुपस्थित रहे और अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए उन्होंने एक पोस्ट किया।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सराहना

निरुपम ने लॉर्ड्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जीत का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने उस खिलाड़ी को बधाई दी जिसने लॉर्ड्स के मैदान पर शतक लगाया और उस खिलाड़ी को भी जिसने एक मैच में पाँच विकेट लिए। उन्होंने कहा कि भारत की बेटियाँ हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में महिला केंद्रित कल्याण योजनाओं को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है और आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले सत्तापक्ष इन योजनाओं को अपनी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करने में जुटा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले महिला मतदाताओं को साधना सत्तापक्ष की प्राथमिकता है। गौरतलब है कि 2024 के विधानसभा चुनावों में इस योजना को महायुति की जीत का एक बड़ा कारण माना गया था। परंतु 92 लाख नाम हटाने के विपक्षी दावे और सरकार के खंडन के बीच स्वतंत्र सत्यापन का अभाव चिंताजनक है — पारदर्शी लाभार्थी सूची सार्वजनिक करना ही इस विवाद का स्थायी समाधान होगा। कल्याण योजनाओं को चुनावी हथियार बनाम वास्तविक सशक्तीकरण के बीच की रेखा तब धुंधली हो जाती है जब सरकार और विपक्ष दोनों आँकड़ों पर परस्पर विरोधी दावे करें।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री लाडकी बहीण योजना क्या है और इसके तहत कितनी सहायता मिलती है?
मुख्यमंत्री लाडकी बहीण योजना महाराष्ट्र सरकार की एक कल्याण योजना है जिसे 2024 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुरू किया था। इसके तहत आर्थिक रूप से कमज़ोर पात्र महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने ₹1,500 की सहायता राशि सीधे भेजी जाती है। वर्तमान में 2 करोड़ 47 लाख महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं।
क्या लाडकी बहीण योजना बंद होने वाली है?
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 14 जुलाई को स्पष्ट किया कि यह योजना कभी बंद नहीं होगी। उन्होंने पार्टी और एकनाथ शिंदे की ओर से आश्वासन दिया कि किसी भी पात्र महिला को इस योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा।
विपक्ष का 92 लाख महिलाओं के नाम हटाने का दावा क्या है?
विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि 2 करोड़ 47 लाख लाभार्थियों में से 92 लाख महिलाओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। संजय निरुपम ने इस दावे को 'पूरी तरह झूठ' बताया है। हालाँकि, इस विवाद में स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं है।
मुंबई उच्च न्यायालय ने इस योजना पर क्या फैसला दिया?
चुनाव के दौरान कुछ विपक्षी नेताओं ने मुंबई उच्च न्यायालय में इस योजना को चुनौती दी थी, परंतु अदालत ने उनकी माँग स्वीकार नहीं की और योजना जारी रही।
लाडकी बहीण योजना का राजनीतिक महत्व क्या है?
2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में इस योजना को महायुति गठबंधन की जीत का एक प्रमुख कारण माना गया। विपक्षी दल इसे चुनावी प्रलोभन बताते रहे हैं, जबकि सत्तापक्ष इसे महिला सशक्तीकरण की दिशा में ठोस कदम के रूप में प्रस्तुत करता है।
राष्ट्र प्रेस
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