14 जुलाई 2026
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संजय राउत का दावा: 'लाडकी बहीण योजना' में 1 करोड़ अपात्र लाभार्थी, ₹3,500 करोड़ फर्जीवाड़े पर संपत्ति कुर्की की मांग

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संजय राउत का दावा: 'लाडकी बहीण योजना' में 1 करोड़ अपात्र लाभार्थी, ₹3,500 करोड़ फर्जीवाड़े पर संपत्ति कुर्की की मांग

सारांश

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने 'लाडकी बहीण योजना' में 1 करोड़ अपात्र लाभार्थियों और ₹3,500 करोड़ के फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है — जिसमें 30,000 पुरुष और हजारों सरकारी कर्मचारी शामिल बताए गए हैं। राउत ने संपत्ति कुर्की और कोर्ट जाने की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

संजय राउत ने दावा किया कि 'लाडकी बहीण योजना' में करीब 1 करोड़ अपात्र लोग लाभ उठा रहे हैं।
अपात्र लाभार्थियों में 30,000 पुरुष और हजारों सरकारी कर्मचारी शामिल होने का आरोप।
राउत के अनुसार योजना में ₹3,500 करोड़ का फर्जीवाड़ा हो रहा है।
शिवसेना (यूबीटी) ने सरकारी अधिकारियों की निजी संपत्ति कुर्क करने और विधिक नोटिस भेजने की चेतावनी दी।
महाराष्ट्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने 14 जुलाई 2026 को मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार की 'लाडकी बहीण योजना' में करीब 1 करोड़ अपात्र लोग लाभ उठा रहे हैं और इस कारण ₹3,500 करोड़ का फर्जीवाड़ा हो रहा है। राउत के अनुसार, सरकार को इस गड़बड़ी की जानकारी तक नहीं है, जो उनके मुताबिक प्रशासनिक विफलता की गंभीर मिसाल है।

आरोपों का ब्यौरा

राउत ने दावा किया कि अपात्र लाभार्थियों में 30,000 पुरुष भी शामिल हैं, जबकि यह योजना विशेष रूप से महिलाओं के लिए बनाई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि हजारों सरकारी कर्मचारी भी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं, जो पात्रता मानदंडों का उल्लंघन है। ये सभी आरोप राउत के अपने दावों पर आधारित हैं और सरकार की ओर से अभी तक इनकी आधिकारिक पुष्टि या खंडन नहीं हुआ है।

संपत्ति कुर्की और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

राउत ने मांग की कि इस गड़बड़ी की भरपाई सरकार में शामिल लोगों की निजी संपत्तियाँ कुर्क करके की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया, तो शिवसेना (यूबीटी) सरकार को विधिक नोटिस भेजेगी और आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगी।

भाजपा पर निशाना और राम मंदिर चढ़ावा विवाद

राउत ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक हवन कार्यक्रम पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि यह आयोजन 'पापों से मुक्ति' की कोशिश है। उन्होंने कथित तौर पर दावा किया कि राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी में भाजपा का पूरा परिवार शामिल है और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भी इस पर माफी माँगी है। राउत ने कहा कि उनकी पार्टी राम रक्षा आंदोलन चला रही है और भाजपा इसी के विरोध में हवन कर रही है। ये सभी आरोप राउत के अपने बयानों पर आधारित हैं।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महाविकास अघाड़ी के बीच तनाव चरम पर है। 'लाडकी बहीण योजना' महाराष्ट्र सरकार की प्रमुख महिला कल्याण योजना है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता दी जाती है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की बड़े पैमाने की योजनाओं में पात्रता सत्यापन की कमज़ोरी एक व्यापक प्रशासनिक समस्या है।

आगे क्या होगा

शिवसेना (यूबीटी) के अनुसार, सरकार की प्रतिक्रिया न मिलने पर विधिक नोटिस और न्यायिक कार्रवाई अगला कदम होगा। महाराष्ट्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अभी तक ये केवल विपक्षी दावे हैं — स्वतंत्र सत्यापन या सरकारी ऑडिट रिपोर्ट के बिना '1 करोड़ अपात्र' जैसे आँकड़े की विश्वसनीयता अधूरी है। असली सवाल यह है कि महाराष्ट्र सरकार पात्रता सत्यापन के लिए किस तंत्र का उपयोग कर रही है और क्या वह पारदर्शी है। यदि राउत के दावों में आंशिक सच्चाई भी है, तो यह बड़े पैमाने की कल्याण योजनाओं में आधार-आधारित सत्यापन की कमज़ोरी को उजागर करता है — जो केवल महाराष्ट्र की नहीं, बल्कि पूरे देश की समस्या है। विपक्ष का कोर्ट जाने का ऐलान दबाव की राजनीति है, लेकिन यह सरकार को जवाबदेही से नहीं बचा सकता।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'लाडकी बहीण योजना' में अनियमितता के क्या आरोप लगाए गए हैं?
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने दावा किया है कि इस योजना में करीब 1 करोड़ अपात्र लोग लाभ उठा रहे हैं, जिनमें 30,000 पुरुष और हजारों सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। उनके अनुसार इससे ₹3,500 करोड़ का फर्जीवाड़ा हो रहा है।
संजय राउत ने सरकार के खिलाफ क्या कार्रवाई की चेतावनी दी है?
राउत ने कहा कि यदि सरकार ने कदम नहीं उठाया तो शिवसेना (यूबीटी) विधिक नोटिस भेजेगी और न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने सरकार में शामिल लोगों की निजी संपत्तियाँ कुर्क कर नुकसान की भरपाई की भी माँग की है।
'लाडकी बहीण योजना' क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
यह महाराष्ट्र सरकार की एक महिला कल्याण योजना है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य राज्य की आर्थिक रूप से कमज़ोर महिलाओं को वित्तीय सुरक्षा देना है।
क्या महाराष्ट्र सरकार ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
14 जुलाई 2026 तक महाराष्ट्र सरकार की ओर से राउत के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ये आरोप अभी तक केवल विपक्षी दावों पर आधारित हैं और स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
राउत ने भाजपा के हवन कार्यक्रम पर क्या कहा?
राउत ने भाजपा के हवन कार्यक्रम को लेकर आरोप लगाया कि यह 'पापों से मुक्ति' की कोशिश है। उन्होंने कथित तौर पर राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद से भाजपा को जोड़ते हुए कहा कि पार्टी उनके राम रक्षा आंदोलन के विरोध में यह कार्यक्रम कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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