लॉर्ड्स टेस्ट में 270 रन की जीत पर दीप्ति शर्मा के माता-पिता बोले — 'भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का पल'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स में खेले गए ऐतिहासिक टेस्ट मैच में मेजबान इंग्लैंड को 270 रनों के बड़े अंतर से परास्त कर इतिहास रच दिया। इस यादगार जीत में आगरा की बेटी और अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने बल्ले और गेंद दोनों से अहम भूमिका निभाई। जीत की खबर मिलते ही आगरा में दीप्ति के परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
माता-पिता की प्रतिक्रिया
दीप्ति के पिता भगवान शर्मा ने कहा, 'लड़कियों का यह पहला टेस्ट मैच था और हमारी टीम ने इंग्लैंड को 270 रनों के बड़े अंतर से हराया। सभी लड़कियों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया, इसीलिए वे जीतीं। यह बहुत गर्व की बात है।' उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने टेलीविज़न पर देखा कि सचिन तेंदुलकर भी मैदान पर मौजूद थे और उन्होंने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए हाथ मिलाया।
भगवान शर्मा ने दीप्ति के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा, 'उसने पहली पारी में 1 विकेट और दूसरी पारी में 2 विकेट लिए। यह बहुत अच्छा प्रदर्शन है। ऐसा ही प्रदर्शन जारी रखे।'
दीप्ति का बल्ले और गेंद से योगदान
गौरतलब है कि दीप्ति शर्मा ने पहली पारी में 57 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली और भारत के स्कोर को 285 रन तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। गेंदबाजी में भी उन्होंने दोनों पारियों में मिलाकर 3 विकेट चटकाए, जिससे वे इस टेस्ट में टीम की सबसे प्रभावशाली ऑलराउंडर रहीं।
एशियाई खेलों के लिए उम्मीदें
सितंबर में जापान में होने वाले एशियाई खेलों को लेकर भगवान शर्मा ने पूरी टीम से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा, 'अगला एशियाई खेल सितंबर में जापान में है। उसे वहाँ भी अच्छा प्रदर्शन करना है। पूरी टीम को अच्छा प्रदर्शन करना है और स्वर्ण पदक जीतना है।'
माँ सुशीला की भावुक बात
दीप्ति की माँ सुशीला शर्मा ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि पहले उन्हें क्रिकेट की ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन दीप्ति के खेलना शुरू करने के बाद उनकी रुचि बढ़ गई। उन्होंने कहा, 'मेरी खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। जब उसका भाई खेलने जाता था, तो मैं कहती थी, तुम स्कूल क्यों नहीं गए? लेकिन जब से दीप्ति ने खेलना शुरू किया है, मुझे खेल समझ आने लगा है। घर का काम छोड़कर मैच देखती हूँ।'
सुशीला ने यह भी बताया कि भारत के हर मैच के दौरान वे मंदिर जाकर पूरी टीम के लिए प्रार्थना करती हैं। उन्होंने कहा, 'जब हर बेटी अच्छा खेलेगी, तो टीम जरूर जीतेगी और देश का नाम रोशन करेगी। मैं सभी बेटियों को उतना ही आशीर्वाद देती हूँ, जितना अपनी बेटी को देती हूँ।'
कप्तान हरमनप्रीत के नेतृत्व पर भरोसा
दीप्ति के माता-पिता दोनों ने कप्तान हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व पर पूरा भरोसा जताया और कहा कि उनके मार्गदर्शन में टीम आगे भी बड़े खिताब जीतने में सक्षम है। लॉर्ड्स की यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है और आने वाले एशियाई खेलों में टीम से स्वर्णिम प्रदर्शन की उम्मीद और बढ़ गई है।