पश्चिम बंगाल में अरण्य सप्ताह: CM सुवेंदु अधिकारी ने 1 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य घोषित किया
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 14 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि उनकी सरकार राज्य में औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बड़े निवेश और औद्योगिक विस्तार के साथ-साथ पर्यावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
अरण्य सप्ताह का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को साल्ट लेक स्थित बनबितान में 'अरण्य सप्ताह' (वन सप्ताह) का उद्घाटन किया। यह अभियान 14 जुलाई से 20 जुलाई तक चलेगा। इस अवसर पर उन्होंने 'बनरथ' को भी रवाना किया और नागरिकों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बताया कि अधिकारी ने व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण का आह्वान किया।
विकास परियोजनाओं में वृक्षारोपण अनिवार्य
सभा को संबोधित करते हुए अधिकारी ने बताया कि किसी भी विकास परियोजना की मंजूरी के लिए यह नियम निर्धारित है कि कुल परियोजना क्षेत्र का दो-तिहाई हिस्सा आवश्यक बुनियादी ढाँचे के लिए और शेष एक-तिहाई हिस्सा वृक्षारोपण के लिए आरक्षित रखा जाए। उन्होंने स्वीकार किया कि पहले इस नियम का पूरी तरह पालन नहीं होता था, लेकिन उनकी सरकार इसे अब सख्ती से लागू करेगी।
जंगलों की दुर्दशा पर चिंता
मुख्यमंत्री ने शहरों में तेज़ी से बढ़ते कंक्रीट के जंगलों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में दस वर्ष पहले घने जंगल हुआ करते थे, वहाँ हरियाली तेज़ी से खत्म हो रही है। उन्होंने उत्तर बंगाल के तराई और डुआर्स क्षेत्रों के जंगलों की स्थिति को भी चिंताजनक बताया।
उन्होंने कहा, 'मैं इस मिट्टी का बेटा हूँ। पिछले कुछ वर्षों में मैंने अपनी आँखों से देखा है कि राज्य के जंगलों को किस तरह नुकसान पहुँचाया गया। पेड़ों तक को नहीं छोड़ा गया। इसलिए पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण की ज़रूरत है।' राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह बयान ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर परोक्ष निशाना माना जा रहा है।
1 करोड़ पौधे और नारियल वृक्षारोपण अभियान
अधिकारी ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने इस वर्ष के शेष समय में पूरे पश्चिम बंगाल में 1 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को विशेष रूप से नारियल के पौधों का बड़े पैमाने पर वितरण करने का निर्देश दिया। उनके अनुसार वैज्ञानिक अध्ययनों में यह सामने आया है कि नारियल के पेड़ आकाशीय बिजली (तड़ित) के प्रभाव को कम करने में सहायक हो सकते हैं।
स्कूली बच्चों को पौधे वितरित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों को पौधे वितरित किए और उन्हें पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया। यह पहल राज्य में पर्यावरण जागरूकता को जन-आंदोलन का रूप देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है। आने वाले सप्ताहों में 'बनरथ' के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों में वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा।