स्वच्छ भारत अभियान: सीएम सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता के बागबाजार घाट पर झाड़ू उठाई, मंत्री भी साथ
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार, 17 जून 2026 को कोलकाता के बागबाजार गंगा घाट पर स्वच्छ भारत अभियान के तहत एक विशेष सफाई अभियान का नेतृत्व किया। उनके साथ राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहे, जिन्होंने हाथों में झाड़ू लेकर गंगा घाट की सफाई में भाग लिया और नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।
मुख्य घटनाक्रम
बुधवार सुबह बागबाजार घाट पहुँचने पर मुख्यमंत्री अधिकारी ने सर्वप्रथम एक पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने घाट पर स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। पूजा के उपरांत मुख्यमंत्री और उनके सहयोगी मंत्रियों ने झाड़ू उठाकर घाट की सफाई की।
इस अवसर पर राज्य की नगर विकास एवं शहरी मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल तथा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री तपस रॉय भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस राज्यव्यापी सफाई अभियान की औपचारिक शुरुआत भी इसी दिन घोषित की।
सरकार की प्राथमिकता और पृष्ठभूमि
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व में राज्य में नई सरकार बनने के बाद से मुख्यमंत्री अधिकारी गंगा नदी और उसके घाटों को प्रदूषण मुक्त बनाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि गंगा घाटों को कचरे और प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए इस तरह का सफाई अभियान पूरे वर्ष जारी रहेगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार पहले से ही 'नमामि गंगे' परियोजना के माध्यम से गंगा की सफाई का अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अब उसी दिशा में तेज़ी से काम कर रही है।
PM मोदी की कोलकाता यात्रा से जुड़ा संदर्भ
21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता आने वाले हैं। वह रेड रोड पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा, 'हमारा मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री को एक स्वच्छ और सुंदर बंगाल देना है।'
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार पीएम की यात्रा से पहले कोलकाता की सार्वजनिक स्थलों की छवि सुधारने पर विशेष ध्यान दे रही है।
घाटों के सौंदर्यीकरण की योजना
इससे पहले इसी महीने मुख्यमंत्री अधिकारी ने घोषणा की थी कि अक्टूबर में होने वाली दुर्गा पूजा से पहले कोलकाता और हावड़ा में हुगली नदी के किनारे स्थित छह प्रमुख घाटों का सौंदर्यीकरण और नवीनीकरण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। यह कदम शहर के सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
आगे की राह
राज्य सरकार के अनुसार यह सफाई अभियान केवल एकदिवसीय प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक वार्षिक कार्यक्रम का हिस्सा है। नमामि गंगे और स्वच्छ भारत — दोनों केंद्रीय योजनाओं के साथ समन्वय करते हुए राज्य सरकार गंगा तट के पुनरुद्धार को अपनी पहचान का हिस्सा बनाने की दिशा में काम कर रही है।