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पश्चिम बंगाल में 'स्वच्छ' ऐप लॉन्च: 10 नगरपालिकाओं से शुरू होगा पायलट, मनोहर लाल ने किया शुभारंभ

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पश्चिम बंगाल में 'स्वच्छ' ऐप लॉन्च: 10 नगरपालिकाओं से शुरू होगा पायलट, मनोहर लाल ने किया शुभारंभ

सारांश

कोलकाता में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने 'स्वच्छ' ऐप लॉन्च किया, जो नागरिकों को geo-tagged शिकायतें नगर निगम तक पहुँचाने की सुविधा देगा। पायलट चरण में 10 नगरपालिकाएँ शामिल होंगी — यह स्वच्छ भारत मिशन को तकनीक से जोड़ने का नया प्रयास है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने 30 मई 2026 को कोलकाता में पश्चिम बंगाल के लिए 'स्वच्छ' ऐप लॉन्च किया।
पायलट चरण में आसनसोल, दुर्गापुर, बसीरहाट सहित 10 नगरपालिकाएँ शामिल होंगी; बाद में पूरे राज्य में विस्तार।
ऐप के ज़रिये नागरिक स्वच्छता शिकायतें geo-tagged फोटो के रूप में नगर निगम को भेज सकेंगे।
केंद्र ने पश्चिम बंगाल को जल जीवन मिशन के तहत ₹39,000 करोड़ , NHM के तहत ₹2,103 करोड़ और आयुष्मान भारत के तहत ₹976 करोड़ आवंटित किए हैं।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इसे विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जोड़ा।

केंद्रीय विद्युत एवं आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने 30 मई 2026 को कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के लिए 'स्वच्छ' ऐप का आधिकारिक शुभारंभ किया। यह ऐप नागरिकों को स्वच्छता संबंधी शिकायतें सीधे नगर निगम अधिकारियों तक पहुँचाने की सुविधा देगा। पायलट चरण में 10 नगरपालिकाओं को शामिल किया जाएगा, जिसके बाद इसे पूरे राज्य में विस्तारित करने की योजना है।

मुख्य घटनाक्रम

कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, राज्य की नगर पालिका मामलों की प्रभारी मंत्री अग्निमित्रा पॉल, विद्युत मंत्रालय के सचिव पंकज अग्रवाल और दामोदर घाटी निगम (DVC) के अध्यक्ष सुरेश कुमार उपस्थित रहे। मनोहर लाल ने कहा कि स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन शहरी विकास के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से हैं।

ऐप कैसे काम करेगा

मनोहर लाल के अनुसार, 'स्वच्छ' ऐप के ज़रिये निवासी अपने इलाकों में जमा कचरे या स्वच्छता संबंधी समस्याओं की तस्वीरें खींचकर अपलोड कर सकेंगे। इन शिकायतों को भौगोलिक रूप से चिह्नित (geo-tagged) किया जाएगा और त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित नगर निगम अधिकारियों को भेजा जाएगा। सफाई के बाद नगर निगम अधिकारी 'बाद की' तस्वीरें अपलोड करेंगे और नागरिकों को फीडबैक देने का विकल्प भी मिलेगा — जिससे जवाबदेही का एक पारदर्शी चक्र बनेगा।

पायलट प्रोजेक्ट में शामिल नगरपालिकाएँ

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि पायलट चरण में आसनसोल, दुर्गापुर, बसीरहाट, पुजाली, तुफानगंज, कोंटाई, कृष्णानगर, बैद्यबाती और मध्यमग्राम सहित 10 नगरपालिकाएँ शामिल होंगी। सफल क्रियान्वयन के बाद इसे पश्चिम बंगाल की सभी नगरपालिकाओं तक विस्तारित किया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप है।

केंद्र से राज्य को मिल रहा समर्थन

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से पश्चिम बंगाल को मिल रही वित्तीय सहायता का भी उल्लेख किया — जल जीवन मिशन के तहत ₹39,000 करोड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत ₹2,103 करोड़ और आयुष्मान भारत के तहत ₹976 करोड़ आवंटित किए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार की सभी योजनाओं को राज्य में प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। अधिकारी ने रेलवे और मेट्रो परियोजनाओं के विस्तार को प्रदूषण नियंत्रण और शहरी गतिशीलता के लिए भी महत्वपूर्ण बताया।

स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ाव

मनोहर लाल ने याद दिलाया कि 11 वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से स्वच्छ भारत मिशन का शुभारंभ किया था, जिसका उद्देश्य भारत को खुले में शौच मुक्त बनाना और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करना था। मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि 'स्वच्छ बांग्ला' की परिकल्पना 'सोनार बांग्ला' और 'विकसित भारत' के व्यापक लक्ष्यों के अनुरूप है। यह ऐप लॉन्च तकनीक-आधारित शहरी शासन की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी। भारत में कई शहरी शिकायत पोर्टल और ऐप पहले भी लॉन्च हो चुके हैं, जो शुरुआती उत्साह के बाद निष्क्रिय हो गए। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक संक्रमण के इस दौर में केंद्र-राज्य सहयोग का यह प्रदर्शन उल्लेखनीय है, परंतु 10 नगरपालिकाओं के पायलट से पूरे राज्य तक विस्तार की समयसीमा और जवाबदेही तंत्र अभी स्पष्ट नहीं हैं।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'स्वच्छ' ऐप क्या है और यह कैसे काम करता है?
'स्वच्छ' ऐप एक नागरिक-केंद्रित स्वच्छता प्लेटफॉर्म है, जिसे पश्चिम बंगाल में 30 मई 2026 को लॉन्च किया गया। इसके ज़रिये निवासी अपने इलाके में कचरे या सफाई संबंधी समस्याओं की geo-tagged तस्वीरें अपलोड कर सकते हैं, जो सीधे संबंधित नगर निगम अधिकारियों को भेजी जाती हैं।
पायलट प्रोजेक्ट में कौन-सी 10 नगरपालिकाएँ शामिल हैं?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के अनुसार पायलट चरण में आसनसोल, दुर्गापुर, बसीरहाट, पुजाली, तुफानगंज, कोंटाई, कृष्णानगर, बैद्यबाती और मध्यमग्राम सहित 10 नगरपालिकाएँ शामिल होंगी। सफल परिणामों के बाद इसे पश्चिम बंगाल की सभी नगरपालिकाओं तक विस्तारित किया जाएगा।
इस ऐप में नागरिकों की भूमिका क्या होगी?
नागरिक ऐप के माध्यम से स्वच्छता समस्याओं की तस्वीरें अपलोड कर सकेंगे और कार्रवाई के बाद फीडबैक दे सकेंगे। नगर निगम अधिकारी सफाई पूरी होने के बाद 'बाद की' तस्वीरें अपलोड करेंगे, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
यह ऐप स्वच्छ भारत मिशन से कैसे जुड़ा है?
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि यह ऐप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 11 वर्ष पूर्व लाल किले से शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को तकनीक के माध्यम से आगे बढ़ाने का प्रयास है। यह मिशन भारत को खुले में शौच मुक्त बनाने और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने के लिए शुरू किया गया था।
पश्चिम बंगाल को केंद्र सरकार से कितनी वित्तीय सहायता मिली है?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल को जल जीवन मिशन के तहत ₹39,000 करोड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत ₹2,103 करोड़ और आयुष्मान भारत के तहत ₹976 करोड़ आवंटित किए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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