पश्चिम बंगाल में 1 अगस्त से जनगणना शुरू होगी: CM सुवेंदु अधिकारी, ममता सरकार पर देरी का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार, 29 मई 2026 को घोषणा की कि राज्य में जनगणना 1 अगस्त 2026 से शुरू होगी और अगले साल फरवरी तक चलेगी। कोलकाता स्थित नबन्ना राज्य सचिवालय में आपात बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इस प्रक्रिया में हुई देरी के लिए पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
देरी की वजह क्या रही
मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले साल फरवरी में तत्कालीन राज्य सरकार को जनगणना प्रक्रिया शुरू करने के लिए संदेश भेजा था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया, "पिछली राज्य कैबिनेट ने न तो उस संदेश पर काम किया और न ही उसका जवाब दिया। यह काम राजनीतिक कारणों से रोका गया।" उनके अनुसार, उस समय के मुख्य सचिव राजनीतिक सहमति का इंतजार कर रहे थे, जिसके चलते पश्चिम बंगाल जनगणना में अन्य राज्यों से पीछे रह गया।
नई सरकार की पहल
अधिकारी ने बताया कि उनके नेतृत्व वाली सरकार की 11 मई को हुई पहली कैबिनेट बैठक में ही जनगणना जल्द शुरू करने का निर्णय लिया गया था। नई सरकार इस अंतर को पाटने और अन्य राज्यों के बराबर आने की कोशिश में है।
डिजिटल तरीके से होगी जनगणना
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। जनगणना अधिकारी मोबाइल फोन के जरिए डेटा एकत्र करेंगे और इसके लिए एक विशेष ऐप लॉन्च किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि एकत्रित डेटा इस ऐप के माध्यम से केंद्रीय सर्वर पर अपलोड किया जाएगा।
सीमा और घुसपैठ का संदर्भ
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश के साथ 500 किलोमीटर से अधिक की सीमा पर अभी तक कंटीली बाड़ नहीं लगाई गई है। उनके अनुसार, इस कारण अवैध घुसपैठ से सीमावर्ती इलाकों की आबादी में बड़ा बदलाव आया है, जिससे राज्य के लिए जनगणना और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। हालांकि उन्होंने स्वयं स्पष्ट किया कि जनगणना और अवैध घुसपैठ के बीच कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में जनगणना प्रक्रिया को लेकर राज्यों के बीच तैयारियों में असमानता चर्चा का विषय रही है।
आगे क्या होगा
जनगणना 1 अगस्त 2026 से शुरू होकर फरवरी 2027 तक चलेगी। डिजिटल डेटा संग्रह प्रणाली और नए ऐप के क्रियान्वयन की तैयारियाँ जारी हैं। अधिकारी ने जोर दिया कि इस संवैधानिक दायित्व में राजनीति का कोई स्थान नहीं होना चाहिए था।