14 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पश्चिम बंगाल जनगणना: CM सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में नबन्ना बैठक, डिजिटल डेटा संग्रह पर होगी चर्चा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पश्चिम बंगाल जनगणना: CM सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में नबन्ना बैठक, डिजिटल डेटा संग्रह पर होगी चर्चा

सारांश

पश्चिम बंगाल में BJP सरकार के सत्ता संभालते ही जनगणना को सर्वोच्च प्राथमिकता मिली है। CM सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में नबन्ना बैठक में डिजिटल डेटा संग्रह और केंद्र के साथ समन्वय पर चर्चा होगी — वह काम जो TMC सरकार पर वर्षों तक टालने का आरोप है।

मुख्य बातें

CM सुवेंदु अधिकारी शुक्रवार को नबन्ना में जनगणना प्रक्रिया की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
नए मंत्रिमंडल की 11 मई को हुई पहली बैठक में जनगणना शुरू करने का निर्णय लिया गया था।
जिला स्तर पर संभागीय आयुक्तों , DM , BDO सहित अनेक अधिकारियों को जनगणना की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई।
जनगणना अधिकारी मोबाइल एप्लिकेशन से डेटा अपलोड करेंगे; नागरिकों को स्वयं-गणना पोर्टल का विकल्प भी मिलेगा।
अधिकारी ने पूर्व TMC सरकार पर केंद्रीय गृह मंत्रालय को सहयोग न देने और जनगणना में देरी का आरोप लगाया।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी शुक्रवार, 30 मई 2025 को राज्य सचिवालय नबन्ना में एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसका उद्देश्य राज्य में जनगणना प्रक्रिया को गति देना है। यह बैठक उस निर्णय के अनुपालन में हो रही है जो 11 मई को नए मंत्रिमंडल की पहली बैठक में लिया गया था।

बैठक का एजेंडा

राज्य सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, बैठक में जनगणना की तैयारी, कर्मचारियों की भर्ती और नियुक्ति, प्रशिक्षण, डेटा संग्रह की पद्धतियाँ और केंद्र सरकार के साथ प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के तरीकों पर विचार-विमर्श होगा। सूत्रों ने यह भी बताया कि डिजिटल माध्यम से डेटा एकत्र करने की संभावनाओं पर विशेष चर्चा हो सकती है।

अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियाँ

राज्य सरकार पहले ही एक अधिसूचना जारी कर विभिन्न स्तरों के अधिकारियों को जनगणना कार्य की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंप चुकी है। जिला स्तर पर संभागीय आयुक्तों, जिला मजिस्ट्रेटों, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेटों, उप-मंडल मजिस्ट्रेटों, ब्लॉक विकास अधिकारियों (BDO) और संयुक्त BDO को यह दायित्व दिया गया है। शहरी और नगरपालिका क्षेत्रों में आयुक्तों, अतिरिक्त आयुक्तों और नगरपालिका कार्यकारी अधिकारियों को जनगणना कार्य के निर्देश दिए गए हैं।

डिजिटल तकनीक का उपयोग

पश्चिम बंगाल के जनगणना संचालन निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि जनगणना अधिकारी घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करने के बाद एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से डेटा अपलोड करेंगे। इसके अतिरिक्त, नागरिकों को स्वयं-गणना का विकल्प भी मिलेगा, जिसके तहत वे सरकारी पोर्टल पर स्वेच्छा से अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इस प्रक्रिया के बाद एक 'स्व गणना आईडी' जनरेट होगी, जिसका उपयोग बाद में सत्यापन के लिए किया जा सकेगा।

पिछली सरकार पर आरोप

मुख्यमंत्री अधिकारी ने पूर्ववर्ती ममता बनर्जी नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने केंद्रीय गृह मंत्रालय को जनगणना के लिए आवश्यक सहयोग नहीं दिया, जिसके कारण राज्य में यह प्रक्रिया अनावश्यक रूप से विलंबित हुई। गौरतलब है कि कई अन्य राज्यों में जनगणना की प्रारंभिक तैयारियाँ पहले ही शुरू हो चुकी थीं।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली नई सरकार ने हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों के बाद सत्ता संभाली है और जनगणना को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। शुक्रवार की बैठक से निकलने वाले निर्देश राज्य में जनगणना की रफ्तार तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ कनेक्टिविटी और डिजिटल साक्षरता अभी भी चुनौती है। जनगणना जितनी देर से होती है, उतनी ही नीति-निर्माण और संसाधन आवंटन की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं — यह बंगाल की नहीं, पूरे देश की समस्या है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में जनगणना बैठक का उद्देश्य क्या है?
यह बैठक राज्य में जनगणना प्रक्रिया को तेज करने, कर्मचारियों की भर्ती-प्रशिक्षण और केंद्र सरकार के साथ समन्वय सुनिश्चित करने के लिए बुलाई गई है। CM सुवेंदु अधिकारी नबन्ना में इसकी अध्यक्षता करेंगे।
पश्चिम बंगाल में जनगणना में देरी क्यों हुई?
मुख्यमंत्री अधिकारी के अनुसार, पूर्ववर्ती TMC सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को आवश्यक सहयोग नहीं दिया, जिससे जनगणना प्रक्रिया की शुरुआत में विलंब हुआ। हालाँकि TMC ने इस आरोप पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
बंगाल जनगणना में डिजिटल तकनीक का उपयोग कैसे होगा?
जनगणना अधिकारी घर-घर जाकर डेटा एकत्र करने के बाद एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन से जानकारी अपलोड करेंगे। इसके अलावा नागरिक सरकारी पोर्टल पर स्वयं-गणना कर सकेंगे, जिसके बाद एक 'स्व गणना आईडी' जनरेट होगी।
जनगणना कार्य के लिए कौन-से अधिकारी जिम्मेदार हैं?
जिला स्तर पर संभागीय आयुक्त, जिला मजिस्ट्रेट, BDO और संयुक्त BDO को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। शहरी क्षेत्रों में नगरपालिका आयुक्त और कार्यकारी अधिकारी इस कार्य को संभालेंगे।
नई BJP सरकार ने जनगणना को प्राथमिकता कब दी?
11 मई को नए मंत्रिमंडल की पहली बैठक में ही जनगणना प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद राज्य सरकार ने अधिकारियों को जिम्मेदारियाँ सौंपते हुए अधिसूचना जारी की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले