पश्चिम बंगाल जनगणना: CM सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में नबन्ना बैठक, डिजिटल डेटा संग्रह पर होगी चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी शुक्रवार, 30 मई 2025 को राज्य सचिवालय नबन्ना में एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसका उद्देश्य राज्य में जनगणना प्रक्रिया को गति देना है। यह बैठक उस निर्णय के अनुपालन में हो रही है जो 11 मई को नए मंत्रिमंडल की पहली बैठक में लिया गया था।
बैठक का एजेंडा
राज्य सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, बैठक में जनगणना की तैयारी, कर्मचारियों की भर्ती और नियुक्ति, प्रशिक्षण, डेटा संग्रह की पद्धतियाँ और केंद्र सरकार के साथ प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के तरीकों पर विचार-विमर्श होगा। सूत्रों ने यह भी बताया कि डिजिटल माध्यम से डेटा एकत्र करने की संभावनाओं पर विशेष चर्चा हो सकती है।
अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियाँ
राज्य सरकार पहले ही एक अधिसूचना जारी कर विभिन्न स्तरों के अधिकारियों को जनगणना कार्य की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंप चुकी है। जिला स्तर पर संभागीय आयुक्तों, जिला मजिस्ट्रेटों, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेटों, उप-मंडल मजिस्ट्रेटों, ब्लॉक विकास अधिकारियों (BDO) और संयुक्त BDO को यह दायित्व दिया गया है। शहरी और नगरपालिका क्षेत्रों में आयुक्तों, अतिरिक्त आयुक्तों और नगरपालिका कार्यकारी अधिकारियों को जनगणना कार्य के निर्देश दिए गए हैं।
डिजिटल तकनीक का उपयोग
पश्चिम बंगाल के जनगणना संचालन निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि जनगणना अधिकारी घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करने के बाद एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से डेटा अपलोड करेंगे। इसके अतिरिक्त, नागरिकों को स्वयं-गणना का विकल्प भी मिलेगा, जिसके तहत वे सरकारी पोर्टल पर स्वेच्छा से अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इस प्रक्रिया के बाद एक 'स्व गणना आईडी' जनरेट होगी, जिसका उपयोग बाद में सत्यापन के लिए किया जा सकेगा।
पिछली सरकार पर आरोप
मुख्यमंत्री अधिकारी ने पूर्ववर्ती ममता बनर्जी नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने केंद्रीय गृह मंत्रालय को जनगणना के लिए आवश्यक सहयोग नहीं दिया, जिसके कारण राज्य में यह प्रक्रिया अनावश्यक रूप से विलंबित हुई। गौरतलब है कि कई अन्य राज्यों में जनगणना की प्रारंभिक तैयारियाँ पहले ही शुरू हो चुकी थीं।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली नई सरकार ने हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों के बाद सत्ता संभाली है और जनगणना को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। शुक्रवार की बैठक से निकलने वाले निर्देश राज्य में जनगणना की रफ्तार तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएँगे।