पश्चिम बंगाल अब जल जीवन मिशन, नमामि गंगे में करेगा भागीदारी: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 18 जून 2026 को घोषणा की कि राज्य सरकार अब केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की सभी प्रमुख जल परियोजनाओं में सक्रिय भागीदारी करेगी। इस घोषणा के साथ जल जीवन मिशन, नमामि गंगे कार्यक्रम और जल शक्ति अभियान जैसी राष्ट्रीय महत्व की योजनाएँ अब पश्चिम बंगाल में तेज़ गति से लागू हो सकेंगी।
बैठक का घटनाक्रम
यह घोषणा कोलकाता स्थित राज्य सचिवालय नवान्न में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के साथ हुई बैठक के बाद की गई। मुख्यमंत्री अधिकारी ने बैठक के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए इसकी जानकारी साझा की।
जल जीवन मिशन को मिलेगी रफ़्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना पर आधारित जल जीवन मिशन अब पश्चिम बंगाल में तेज़ी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा, 'यह मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके तहत राज्य के सबसे दूरदराज इलाकों तक हर घर में सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुँचाना है।'
गौरतलब है कि जल जीवन मिशन वर्ष 2019 में शुरू की गई केंद्र सरकार की प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक नल के माध्यम से सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। इस योजना की समय-सीमा अब वर्ष 2028 तक बढ़ा दी गई है, ताकि दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पूर्व सरकार पर आरोप
अधिकारी ने अपनी पोस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार केंद्रीय जल परियोजनाओं में राज्य की भागीदारी को लेकर उत्साहित नहीं थी। उन्होंने कहा, 'लंबे समय तक पिछली राज्य सरकार ने इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को रोकने, धीमा करने और उनका श्रेय लेने की कोशिश की, लेकिन अब वंचना का वह दौर खत्म हो गया है।'
आगे की राह
मुख्यमंत्री अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार इन योजनाओं को बिना किसी बाधा के ज़मीन पर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य के बीच सहयोग की नई शुरुआत हो रही है, और राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति की स्थिति में सुधार की उम्मीद जगी है।