3 अगस्त 2026
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पश्चिम बंगाल अब जल जीवन मिशन, नमामि गंगे में करेगा भागीदारी: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी

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पश्चिम बंगाल अब जल जीवन मिशन, नमामि गंगे में करेगा भागीदारी: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी

सारांश

पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की सभी प्रमुख योजनाओं — जल जीवन मिशन, नमामि गंगे और जल शक्ति अभियान — में पूर्ण भागीदारी का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पूर्व सरकार पर इन परियोजनाओं को जानबूझकर रोकने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 18 जून 2026 को घोषणा की कि पश्चिम बंगाल जल शक्ति मंत्रालय की सभी प्रमुख परियोजनाओं में भाग लेगा।
यह घोषणा नवान्न में केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल के साथ बैठक के बाद की गई।
जल जीवन मिशन ( 2019 में शुरू, अब 2028 तक विस्तारित) अब बंगाल में तेज़ गति से लागू होगा।
राज्य नमामि गंगे कार्यक्रम और जल शक्ति अभियान में भी सक्रिय भागीदारी करेगा।
अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर केंद्रीय जल योजनाओं को रोकने और धीमा करने का आरोप लगाया।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 18 जून 2026 को घोषणा की कि राज्य सरकार अब केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की सभी प्रमुख जल परियोजनाओं में सक्रिय भागीदारी करेगी। इस घोषणा के साथ जल जीवन मिशन, नमामि गंगे कार्यक्रम और जल शक्ति अभियान जैसी राष्ट्रीय महत्व की योजनाएँ अब पश्चिम बंगाल में तेज़ गति से लागू हो सकेंगी।

बैठक का घटनाक्रम

यह घोषणा कोलकाता स्थित राज्य सचिवालय नवान्न में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के साथ हुई बैठक के बाद की गई। मुख्यमंत्री अधिकारी ने बैठक के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए इसकी जानकारी साझा की।

जल जीवन मिशन को मिलेगी रफ़्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना पर आधारित जल जीवन मिशन अब पश्चिम बंगाल में तेज़ी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा, 'यह मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके तहत राज्य के सबसे दूरदराज इलाकों तक हर घर में सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुँचाना है।'

गौरतलब है कि जल जीवन मिशन वर्ष 2019 में शुरू की गई केंद्र सरकार की प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक नल के माध्यम से सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। इस योजना की समय-सीमा अब वर्ष 2028 तक बढ़ा दी गई है, ताकि दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

पूर्व सरकार पर आरोप

अधिकारी ने अपनी पोस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार केंद्रीय जल परियोजनाओं में राज्य की भागीदारी को लेकर उत्साहित नहीं थी। उन्होंने कहा, 'लंबे समय तक पिछली राज्य सरकार ने इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को रोकने, धीमा करने और उनका श्रेय लेने की कोशिश की, लेकिन अब वंचना का वह दौर खत्म हो गया है।'

आगे की राह

मुख्यमंत्री अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार इन योजनाओं को बिना किसी बाधा के ज़मीन पर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य के बीच सहयोग की नई शुरुआत हो रही है, और राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति की स्थिति में सुधार की उम्मीद जगी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी बंगाल में अब तक की देरी से लाखों ग्रामीण परिवार प्रभावित हुए हैं। पूर्व सरकार पर लगाए गए आरोप राजनीतिक रूप से सुविधाजनक हैं, परंतु नई सरकार को यह साबित करना होगा कि वह केवल श्रेय लेने की राजनीति से आगे बढ़कर वास्तविक जल सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल किन केंद्रीय जल परियोजनाओं में भाग लेगा?
पश्चिम बंगाल अब जल जीवन मिशन, नमामि गंगे कार्यक्रम और जल शक्ति अभियान समेत जल शक्ति मंत्रालय की सभी प्रमुख योजनाओं में भागीदारी करेगा। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 18 जून 2026 को यह घोषणा की।
जल जीवन मिशन क्या है और यह कब तक चलेगा?
जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की वह प्रमुख योजना है जो 2019 में शुरू की गई थी और अब 2028 तक बढ़ा दी गई है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के हर घर तक नल के माध्यम से सुरक्षित पेयजल पहुँचाना है।
यह बैठक कहाँ और किसके बीच हुई?
यह बैठक कोलकाता स्थित राज्य सचिवालय नवान्न में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के बीच हुई। बैठक के बाद अधिकारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी।
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाए गए?
मुख्यमंत्री अधिकारी ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने केंद्रीय जल परियोजनाओं को रोकने, धीमा करने और उनका श्रेय लेने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अब वंचना का वह दौर समाप्त हो गया है।
इन परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल को क्या फायदा होगा?
इन योजनाओं से राज्य के दूरदराज ग्रामीण इलाकों तक स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी और राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाएँ समय पर पूरी हो सकेंगी। केंद्र-राज्य सहयोग से वित्तीय और तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग भी संभव होगा।
राष्ट्र प्रेस
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