सुवेंदु अधिकारी की अमित शाह से मुलाकात, 'विकसित बंगाल' के संकल्प पर केंद्र का समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 22 मई 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और राज्य में सुशासन, सुरक्षा तथा समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह मुलाकात मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अधिकारी की दिल्ली में शीर्ष केंद्रीय नेतृत्व के साथ पहली आधिकारिक बैठकों की श्रृंखला का हिस्सा रही।
गृह मंत्री से मुलाकात का ब्यौरा
मुख्यमंत्री अधिकारी ने गृह मंत्री अमित शाह से भेंट के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और शाह के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल की नई सरकार राज्य में 'सबका साथ, सबका विकास' के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक के कल्याण के लिए अथक परिश्रम जारी रहेगा और पश्चिम बंगाल को एक विकसित बंगाल बनाने का सपना मिलकर पूरा किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी से पहली आधिकारिक भेंट
गृह मंत्री से मुलाकात से पहले अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी भेंट की। एक्स पर अपनी पोस्ट में उन्होंने इसे मुख्यमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री से पहली आधिकारिक मुलाकात बताया। अधिकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री ने 'सबका साथ, सबका विकास' के अपने दृष्टिकोण को दोहराया और स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल का विकास केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।
केंद्र के समर्थन का आश्वासन
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ने राज्य को आर्थिक ठहराव से उबारने, औद्योगिक पुनरुद्धार और युवा सशक्तिकरण के लिए हर संभव केंद्रीय सहायता व मार्गदर्शन का आश्वासन दिया। अधिकारी ने कहा कि केंद्र के सहयोग और जनता के विश्वास के साथ राज्य में पारदर्शी शासन और विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत की जाएगी।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हाल के विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल में सरकार बनाई है और सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह दिल्ली दौरा राज्य की नई सरकार और केंद्र के बीच समन्वय की दिशा में पहला ठोस कदम माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में शासन परिवर्तन के बाद विकास एजेंडे को लेकर सभी की निगाहें नई सरकार पर टिकी हैं।
आगे की राह
केंद्र और राज्य के बीच इस उच्चस्तरीय संवाद के बाद अब नज़रें इस पर होंगी कि पश्चिम बंगाल के लिए केंद्रीय योजनाओं का क्रियान्वयन किस गति से होता है। अधिकारी सरकार के लिए यह दौरा न केवल राजनीतिक संदेश है, बल्कि राज्य के विकास के लिए केंद्रीय संसाधन सुनिश्चित करने की रणनीतिक शुरुआत भी है।