अमित शाह गुरुवार शाम पश्चिम बंगाल दौरे पर, 8 मई की विधायक बैठक से पहले CM चेहरे पर होगी चर्चा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अमित शाह गुरुवार शाम पश्चिम बंगाल दौरे पर, 8 मई की विधायक बैठक से पहले CM चेहरे पर होगी चर्चा

सारांश

पश्चिम बंगाल में 207 सीटें जीतकर BJP पहली बार सत्ता के करीब है — और अब केंद्रीय पर्यवेक्षक अमित शाह गुरुवार शाम कोलकाता पहुँच रहे हैं। 8 मई की विधायक बैठक से पहले CM चेहरे और मंत्रिमंडल पर फैसला होना है। बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा पटाक्षेप अब बस कुछ घंटों की दूरी पर है।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार शाम पश्चिम बंगाल पहुँचेंगे; बिहार के शपथ समारोह के बाद सीधे रवाना होंगे।
BJP ने शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक और ओडिशा CM मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया।
चुनाव आयोग के अनुसार BJP को 294 में से 207 सीटें ; TMC 80 , कांग्रेस 2 , CPI(M) 1 सीट पर।
8 मई की विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग सकती है।
शाह ने मार्च से 27 अप्रैल तक 'परिवर्तन यात्रा' के तहत ताबड़तोड़ चुनाव प्रचार किया था।

गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार की शाम पश्चिम बंगाल पहुँचेंगे, जहाँ वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं के साथ अहम बैठक करेंगे। सूत्रों के अनुसार, यह दौरा 8 मई को होने वाली विधायक दल की बैठक से पहले नए मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के स्वरूप को अंतिम रूप देने की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है। शाह पहले बिहार में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे और उसके बाद सीधे बंगाल रवाना होंगे।

पर्यवेक्षक की भूमिका में शाह

BJP ने अमित शाह को पश्चिम बंगाल में सरकार गठन के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। इसकी आधिकारिक जानकारी BJP के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति के ज़रिए दी।

ऐतिहासिक चुनावी जनादेश

चुनाव आयोग के आँकड़ों के अनुसार, 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में BJP ने 207 सीटें जीतकर पहली बार सरकार बनाने का रास्ता साफ किया है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) 80 सीटों पर सिमट गई। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) को 2 और CPI(M) को 1 सीट मिली है। यह बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक परिवर्तन है।

चुनाव प्रचार में शाह की निर्णायक भूमिका

चुनाव प्रचार के दौरान अमित शाह की भूमिका बेहद अहम रही। उन्होंने मार्च के अंत में 'परिवर्तन यात्रा' की शुरुआत से लेकर 27 अप्रैल तक रैलियाँ, रोड शो और जनसभाएँ कीं। 10, 11, 13, 14, 15, 21, 22, 23, 24, 25, 26 और 27 अप्रैल को लगातार चुनावी कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC सरकार को 'सिंडिकेट राज' और 'घुसपैठ' जैसे मुद्दों पर घेरा।

आगे क्या होगा

सूत्रों के मुताबिक, 8 मई की विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाई जा सकती है। शाह का यह दौरा शपथ ग्रहण समारोह की तारीख और मंत्रिमंडल के स्वरूप को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया को गति देगा। आने वाले कुछ दिनों में पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री का चेहरा स्पष्ट हो जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होती है — CM चेहरे का चुनाव। बंगाल में BJP के पास कोई स्थापित मुख्यमंत्री चेहरा नहीं है, जो इस बैठक को सामान्य औपचारिकता से कहीं अधिक बनाता है। शाह का केंद्रीय पर्यवेक्षक बनना यह भी संकेत देता है कि दिल्ली स्थानीय नेतृत्व पर पूरी तरह भरोसा नहीं कर रही। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बंगाल को 'बाहरी' CM मिलता है या राज्य से ही कोई चेहरा उभरता है — यह फैसला BJP की दीर्घकालिक बंगाल रणनीति की दिशा तय करेगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह पश्चिम बंगाल के दौरे पर क्यों जा रहे हैं?
अमित शाह को BJP ने पश्चिम बंगाल में सरकार गठन के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। वे 8 मई की विधायक दल की बैठक से पहले पार्टी नेताओं के साथ नए मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के स्वरूप पर रणनीतिक चर्चा करेंगे।
पश्चिम बंगाल चुनाव में BJP को कितनी सीटें मिलीं?
चुनाव आयोग के आँकड़ों के अनुसार, 294 सदस्यीय विधानसभा में BJP को 207 सीटें मिली हैं। TMC 80 सीटों पर सिमट गई, जबकि कांग्रेस को 2 और CPI(M) को 1 सीट मिली।
पश्चिम बंगाल का नया मुख्यमंत्री कब घोषित होगा?
सूत्रों के मुताबिक, 8 मई को होने वाली BJP विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर निर्णय हो सकता है। अमित शाह के गुरुवार के दौरे के बाद यह प्रक्रिया और तेज होने की उम्मीद है।
BJP का केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक कौन है?
BJP ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पश्चिम बंगाल के लिए केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। यह जानकारी BJP के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति के ज़रिए दी।
चुनाव प्रचार में अमित शाह ने क्या भूमिका निभाई?
अमित शाह ने मार्च के अंत में 'परिवर्तन यात्रा' से शुरुआत कर 27 अप्रैल तक 12 से अधिक दिन लगातार रैलियाँ, रोड शो और जनसभाएँ कीं। उन्होंने TMC सरकार को 'सिंडिकेट राज' और 'घुसपैठ' जैसे मुद्दों पर घेरा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 5 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले