अमित शाह पश्चिम बंगाल के केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त, जेपी नड्डा को असम की जिम्मेदारी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 5 मई 2026 को पश्चिम बंगाल और असम में विधायक दल के नेता चुनाव की प्रक्रिया के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। नई दिल्ली से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, BJP के संसदीय बोर्ड ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह को पश्चिम बंगाल का केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है, जबकि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को असम का केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है। यह जानकारी BJP के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।
पश्चिम बंगाल में पर्यवेक्षण की व्यवस्था
पश्चिम बंगाल में विधायक दल के नेता के चुनाव की निगरानी के लिए अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक की भूमिका सौंपी गई है। शाह और माझी मिलकर राज्य में विधायक दल की बैठक और नेतृत्व चयन की पूरी प्रक्रिया को संपन्न कराएंगे।
बंगाल चुनाव परिणाम: ऐतिहासिक जीत
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में BJP ने पहली बार सरकार बनाने का अवसर प्राप्त किया है। चुनाव आयोग के आँकड़ों के अनुसार, BJP को 207 सीटें मिली हैं, जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) को केवल 80 सीटों पर जीत मिली है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) को 2 सीटें और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — CPI(M) — को 1 सीट प्राप्त हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब TMC ने पिछले डेढ़ दशक से बंगाल की राजनीति पर एकाधिकार बनाए रखा था।
असम में पर्यवेक्षण की व्यवस्था
असम में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए BJP ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। असम में BJP ने जीत की हैट्रिक लगाई है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 126 में से 102 सीटों पर विजय प्राप्त की है।
असम चुनाव परिणाम: हैट्रिक की जीत
असम विधानसभा चुनाव में BJP ने अकेले 82 सीटें जीती हैं। NDA के सहयोगी दलों — बोडो पीपुल्स फ्रंट (BPF) और असम गण परिषद (AGP) — को 10-10 सीटें मिली हैं। वहीं, कांग्रेस 19 सीटों पर सिमट गई है। यह BJP की असम में लगातार तीसरी सरकार है, जो पार्टी की राज्य में गहरी पकड़ को दर्शाती है।
आगे की प्रक्रिया
दोनों राज्यों में विधायक दल की बैठकें शीघ्र आयोजित होने की संभावना है, जिसमें पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का चुनाव किया जाएगा। पश्चिम बंगाल में BJP के पहली बार सत्ता में आने के मद्देनज़र मुख्यमंत्री पद की दौड़ पर सबकी नज़रें टिकी हैं।