असम में भाजपा की ऐतिहासिक जीत: नड्डा पर्यवेक्षक, 82 सीटें जीतकर तीसरी बार सरकार गठन की तैयारी

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असम में भाजपा की ऐतिहासिक जीत: नड्डा पर्यवेक्षक, 82 सीटें जीतकर तीसरी बार सरकार गठन की तैयारी

सारांश

असम में भाजपा ने 126 में से 82 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जनादेश हासिल किया है। अब केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा पर्यवेक्षक और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सह-पर्यवेक्षक के रूप में विधायक दल के नेता के चुनाव की प्रक्रिया संपन्न कराएंगे — लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की राह लगभग तय।

मुख्य बातें

भाजपा ने 126 सदस्यीय असम विधानसभा में 82 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया।
जगत प्रकाश नड्डा को केंद्रीय पर्यवेक्षक और नायब सिंह सैनी को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जालुकबारी सीट 89,434 वोटों के अंतर से जीती।
कांग्रेस मात्र 19 सीटों पर सिमटी; गौरव गोगोई और देबब्रत सैकिया चुनाव हारे।
एजीपी और बीपीएफ को 10-10 , एआईयूडीएफ और रायजोर दल को 2-2 , TMC को 1 सीट मिली।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने असम विधानसभा चुनाव में 126 सदस्यीय विधानसभा की 82 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है और अब 5 मई 2026 को गुवाहाटी से सरकार गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। पार्टी ने विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को केंद्रीय पर्यवेक्षक और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। यह भाजपा की असम में लगातार तीसरी सरकार बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है।

पर्यवेक्षकों की नियुक्ति और जिम्मेदारियाँ

भाजपा के संसदीय बोर्ड ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी। जगत प्रकाश नड्डा केंद्र सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री के साथ-साथ रसायन एवं उर्वरक मंत्री भी हैं। उनकी नियुक्ति इस बात का संकेत है कि पार्टी हाईकमान असम में सरकार गठन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सह-पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है, जो नड्डा के साथ मिलकर विधायक दल के नेता के चुनाव की प्रक्रिया को संपन्न कराएंगे। गौरतलब है कि भाजपा परंपरागत रूप से किसी वरिष्ठ केंद्रीय नेता को पर्यवेक्षक नियुक्त करती है ताकि राज्य स्तर पर नेतृत्व चयन में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

चुनाव परिणामों की तस्वीर

126 सदस्यीय असम विधानसभा में भाजपा ने 82 सीटें जीतकर स्पष्ट और निर्णायक जनादेश प्राप्त किया। कांग्रेस केवल 19 सीटों पर सिमट गई, जबकि असम गण परिषद (एजीपी) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) को 10-10 सीटें मिलीं।

अन्य दलों में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) और रायजोर दल ने 2-2 सीटें जीतीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) को मात्र 1 सीट से संतोष करना पड़ा। यह परिणाम असम में भाजपा के जनाधार के और मजबूत होने का प्रमाण है।

हिमंता बिस्वा सरमा का शानदार प्रदर्शन

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपनी जालुकबारी सीट 89,434 वोटों के भारी अंतर से जीतकर राज्य में अपना राजनीतिक दबदबा बरकरार रखा। भाजपा के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी इस चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया, जिससे पार्टी की समग्र स्थिति और सुदृढ़ हुई।

कांग्रेस को करारा झटका

दूसरी ओर, कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं को इस चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा। गौरव गोगोई जोरहाट सीट से चुनाव हार गए, जबकि वरिष्ठ नेता देबब्रत सैकिया भी अपनी सीट नहीं बचा सके। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस पहले से ही कई राज्यों में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए संघर्ष कर रही है।

आगे क्या होगा

विधायक दल के नेता का चुनाव अगला अहम कदम होगा, जिसके बाद नई सरकार के गठन की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, हिमंता बिस्वा सरमा के फिर से मुख्यमंत्री बनने की संभावना प्रबल है, हालांकि आधिकारिक घोषणा विधायक दल की बैठक के बाद ही होगी। लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के साथ भाजपा असम में अपनी राजनीतिक पकड़ को और गहरा करने की स्थिति में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो 2016 से लगातार मजबूत होती आई है। हिमंता बिस्वा सरमा की 89,434 वोटों की जीत दर्शाती है कि व्यक्तिगत नेतृत्व की छवि पार्टी के वोट बैंक से भी आगे निकल चुकी है। लेकिन असली परीक्षा अब है — तीसरे कार्यकाल में बाढ़ नियंत्रण, बेरोज़गारी और भूमि विवाद जैसे पुराने मुद्दे अनसुलझे हैं। कांग्रेस की दुर्दशा यह भी बताती है कि विपक्ष के रूप में एक विश्वसनीय विकल्प की अनुपस्थिति लोकतांत्रिक जवाबदेही के लिए चिंता का विषय है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में भाजपा ने कितनी सीटें जीतीं?
भाजपा ने 126 सदस्यीय असम विधानसभा में 82 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया। यह पार्टी की राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की स्थिति है।
जगत प्रकाश नड्डा को असम में क्या जिम्मेदारी दी गई है?
भाजपा के संसदीय बोर्ड ने केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को असम में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी उनके सह-पर्यवेक्षक होंगे।
हिमंता बिस्वा सरमा ने कितने वोटों के अंतर से जीत दर्ज की?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपनी जालुकबारी सीट 89,434 वोटों के भारी अंतर से जीती। यह जीत राज्य में उनके मजबूत राजनीतिक दबदबे को दर्शाती है।
असम चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन कैसा रहा?
कांग्रेस केवल 19 सीटों पर सिमट गई और पार्टी के कई दिग्गज नेता चुनाव हार गए। गौरव गोगोई जोरहाट सीट से और वरिष्ठ नेता देबब्रत सैकिया भी अपनी सीट नहीं बचा सके।
असम में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया कब पूरी होगी?
विधायक दल के नेता के चुनाव के बाद नई सरकार के गठन की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। पर्यवेक्षकों की नियुक्ति 5 मई 2026 को हो चुकी है और जल्द ही विधायक दल की बैठक आयोजित होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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