क्या गृह मंत्री शाह असम और पश्चिम बंगाल के दौरे से चुनाव तैयारियों को मजबूत करेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- गृह मंत्री अमित शाह का असम और पश्चिम बंगाल दौरा चुनावी रणनीति का हिस्सा है।
- भाजपा का लक्ष्य 2026 विधानसभा चुनावों में 100 से अधिक सीटें जीतना है।
- असम में भाजपा का ध्यान घुसपैठ और सीमा सुरक्षा पर है।
- पश्चिम बंगाल में भाजपा आक्रामक रणनीति पर काम कर रही है।
- अमित शाह की बैठकें संगठनात्मक मजबूती पर केंद्रित होंगी।
नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आगामी दौरा असम और पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों को सशक्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह यात्रा भाजपा की 'मिशन 2026' रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य असम, पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में पार्टी की स्थिति को मजबूत करना है।
असम में गृह मंत्री शाह 29 जनवरी को डिब्रूगढ़ पहुंचेंगे, जहां वे पार्टी के चुनावी नेताओं के साथ बंद कमरे की बैठक करेंगे। इस बैठक में असम विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों का गहन विश्लेषण किया जाएगा।
30 जनवरी को गुवाहाटी में, अमित शाह पार्टी के कोर ग्रुप के साथ रणनीति पर विचार करेंगे। यहाँ संभावित उम्मीदवारों का चयन, पार्टी की मजबूती, विकास मॉडल को आगे बढ़ाना और विपक्षी दलों को चुनौती देने पर चर्चा होगी। असम में भाजपा का ध्यान घुसपैठ रोकने, सीमा सुरक्षा और स्थानीय मुद्दों पर है, जिससे पार्टी को पुनः सत्ता में आने का मजबूत आधार मिल रहा है।
भाजपा का लक्ष्य 126 सदस्यीय विधानसभा में 100 से अधिक सीटें जीतना है, जहां वर्तमान में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में उनकी सरकार है। बैठक में संगठनात्मक मजबूती, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना, युवा और महिला मतदाताओं पर ध्यान केंद्रित करना, और घुसपैठ जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। भाजपा पहले से ही असम में मजबूत स्थिति में है और 2021 के बाद एक बार फिर से बड़ी जीत की तैयारी कर रही है।
इसके बाद, शाह 30 जनवरी को पश्चिम बंगाल पहुंचेंगे, जहाँ वे 30 और 31 जनवरी को विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। भाजपा के राज्य नेताओं, कोर ग्रुप और कार्यकर्ताओं के साथ कई स्तर की बैठकों का आयोजन होगा। इस मंथन में संगठन को मजबूत करने, बूथ प्रबंधन, प्रवासी रणनीतिकारों की भूमिका और तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ आक्रामक रणनीति पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल में भाजपा का लक्ष्य 2026 में दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाना है। पार्टी ने पहले ही दावा किया है कि 15 अप्रैल 2026 के बाद बंगाल में भाजपा सरकार बनेगी और राज्य की विरासत को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जाएगा।