'द 50' में वापसी पर सिद्धार्थ भारद्वाज का बयान, 'असली गेम दर्शकों के दिल जीतना है'
सारांश
Key Takeaways
मुंबई, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता और वीजे सिद्धार्थ भारद्वाज इन दिनों जियो के चर्चित शो 'द 50' के कारण चर्चा में हैं। अपनी आक्रामक और निडर व्यक्तित्व के चलते उन्होंने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया है। हाल ही में, अभिनेता ने राष्ट्र प्रेस के साथ एक विशेष बातचीत में शो में भाग लेने का कारण और अपने जीवन के संघर्षों पर चर्चा की।
अभिनेता ने मनोरंजन जगत से ब्रेक लेकर अमेरिका का सफर किया था, लेकिन अब उन्होंने रियलिटी शो 'द 50' में वापसी की है। शो में अपनी वापसी के बारे में उन्होंने कहा कि कई वर्षों बाद वे भारत लौटे हैं और अपनी ऑडियंस से फिर से जुड़ना चाहते थे। उन्होंने कहा, "मुझे लगा कि शो 'द 50' से बेहतर कोई मंच नहीं हो सकता क्योंकि यह जियो का शो है और इसे वही टीम प्रोड्यूस कर रही है, जिसने 'खतरों के खिलाड़ी' और 'बिग बॉस' जैसे प्रमुख रियलिटी शो बनाए हैं। इस टीम से मेरा एक पुराना संबंध है। इसलिए यह सही अवसर था।"
शो में अपनी एग्रेसिव व्यक्तित्व को लेकर उन्होंने कहा, "मैं इसी तरह का व्यक्ति हूं, मैं जीवन में निडर रहना पसंद करता हूं। डर क्यों? मैं झूठ नहीं बोलता, किसी को हानि नहीं पहुँचाता। मैं इज्जत से कमाता हूं और इज्जत से जीता हूं, इसलिए मुझे किसी चीज़ से डरने की कोई वजह नहीं है।"
उन्होंने शो के माध्यम से दर्शकों में पहचान बनाने की बात की। उन्होंने कहा कि असली गेम घर के अंदर नहीं, बल्कि ऑडियंस के सामने होता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि किसी भी तरह फिनाले तक पहुंच जाएं, लेकिन अगर आप दर्शकों के दिल में स्थान नहीं बना पाते हैं, तो आप वास्तव में हार जाते हैं।
उन्होंने कहा, "अगर आप नकली लगते हैं, या किसी ऐसे व्यक्ति की तरह दिखते हैं जो परदे में छिपा है, तो आप असल में हार गए हैं। मेरा मानना है कि मैंने असली गेम इसलिए जीता क्योंकि मैंने अपना असली रूप दिखाया। निडरता से मुझे लाभ हुआ। मैं हमेशा सीधा बोलता हूं और जहाँ भी जाता हूं, मेरी मौजूदगी का असर होता है।"
शो में सिद्धार्थ एक स्ट्रॉन्ग कंटेस्टेंट रहे थे। जब राष्ट्र प्रेस ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने शो में कोई स्पष्ट स्ट्रेटेजी बनाई थी, तो उन्होंने कहा, "मैं बिना किसी योजना के गया था। मुझे नहीं पता था कि पहले से बहुत से कंटेस्टेंट एक-दूसरे को जानते हैं और ग्रुप बना चुके हैं। चूँकि मैं किसी को नहीं जानता था, इसलिए सारी स्ट्रेटेजी मौके पर बनानी पड़ी।"
अभिनेता ने मनोरंजन जगत में कुछ समय तक काम किया, लेकिन इंडस्ट्री से ब्रेक लेकर अमेरिका चले गए थे, जहाँ उन्होंने कोविड के दौरान टैक्सी ड्राइवर और बाउंसर जैसी नौकरियों को भी अपनाया। इस बारे में उन्होंने शो के दौरान चर्चा की।
राष्ट्र प्रेस ने उनसे पूछा, "एपिसोड में अपने कठिन दिनों का जिक्र करना आपके लिए कितना मुश्किल था?"
उन्होंने कहा, "इसे साझा करना आसान नहीं था, क्योंकि हमारी इंडस्ट्री में बहुत से लोग ग्लैमरस या बढ़ा-चढ़ाकर इमेज दिखाना पसंद करते हैं। लोग अक्सर लग्जरी कारें या दिखावटी जीवनशैली दिखाते हैं, लेकिन स्टेज पर खड़े होकर यह कहना कि मैंने अपना गुजारा करने के लिए टैक्सी चलाई और सिक्योरिटी बाउंसर का काम किया, यह बहुत अलग है।"
हालांकि, सिद्धार्थ ने राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में साफ किया कि उन्होंने यह किसी संपत्ति के लिए नहीं किया था, बल्कि उनका उद्देश्य था कि ऑडियंस उनके जीवन का पूरा सच जाने और समझे- कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। अगर परिवार और अपनी जिंदगी को सपोर्ट करने के लिए काम करना पड़ रहा है, तो उसे इज्जत के साथ करना चाहिए।