अमित शाह का बड़ा ऐलान: भाजपा सरकार बनते ही टीएमसी के सभी सिंडिकेट होंगे खत्म
सारांश
Key Takeaways
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 26 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल के तेहट्टा में जनसभा को संबोधित किया।
- शाह ने दावा किया कि पहले चरण की 152 सीटों में से 110 सीटों पर भाजपा जीत रही है।
- भाजपा सरकार बनने पर राज्य की हर महिला और बेरोजगार युवा को ₹3,000 मासिक तथा हर गर्भवती महिला को ₹21,000 देने का वादा किया गया।
- चीनी लहसुन की अवैध घुसपैठ रोकने और किसानों को उचित मूल्य दिलाने की घोषणा की गई; फिलहाल किसान ₹12 प्रति किलो पर बेचने को मजबूर हैं।
- जलंगी नदी पर पुल का निर्माण दो वर्षों के भीतर पूरा करने का वादा किया गया।
- 5 तारीख को भाजपा सरकार बनते ही टीएमसी के सभी सिंडिकेट समाप्त करने की घोषणा की गई।
कोलकाता, 26 अप्रैल 2026 (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के तेहट्टा में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने घोषणा की कि 5 तारीख को भाजपा सरकार बनते ही राज्य में टीएमसी के सभी सिंडिकेट समाप्त कर दिए जाएंगे। शाह ने दावा किया कि पहले चरण के मतदान में बंगाल की जनता ने 'दीदी का सूपड़ा साफ' कर दिया है।
पहले चरण में भाजपा को मिली बड़ी बढ़त का दावा
अमित शाह ने कहा कि विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 152 सीटों पर हुए मतदान में से 110 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जीत की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता इस बार परिवर्तन का मन बना चुकी है और टीएमसी सरकार को सत्ता से बेदखल करने का फैसला कर चुकी है। शाह ने विश्वास जताया कि दूसरे चरण के बाद भाजपा पश्चिम बंगाल में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा 77 सीटें जीतकर मुख्य विपक्ष बनी थी, जबकि टीएमसी ने 213 सीटों के साथ सत्ता बरकरार रखी थी। इस बार भाजपा उस प्रदर्शन को बड़े अंतर से पार करने का दावा कर रही है, जो दर्शाता है कि पार्टी अपनी रणनीति में कितना बदलाव लाई है।
महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े आर्थिक वादे
अमित शाह ने घोषणा की कि यदि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है तो मई महीने से राज्य की प्रत्येक महिला के बैंक खाते में ₹3,000 प्रति माह सीधे हस्तांतरित किए जाएंगे। इसके साथ ही राज्य के बेरोजगार युवाओं को भी ₹3,000 मासिक आर्थिक सहायता दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, हर गर्भवती महिला को शिशु की देखभाल और पोषण के लिए ₹21,000 की एकमुश्त आर्थिक सहायता देने का भी वादा किया गया। यह घोषणाएं ऐसे समय में आई हैं जब राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के आंकड़े बंगाल में महिला पोषण और मातृ स्वास्थ्य के मामले में चिंताजनक स्थिति की ओर इशारा करते हैं। आलोचकों का कहना है कि ऐसे वादे चुनावी माहौल में किए जाते हैं, जिनकी व्यावहारिक पूर्ति की समयसीमा और बजट प्रावधान पर स्पष्टता जरूरी है।
लहसुन किसानों के साथ धोखे का आरोप
केंद्रीय गृह मंत्री ने ममता बनर्जी सरकार पर किसानों की घोर उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तेहट्टा क्षेत्र के लहसुन किसानों के साथ राज्य सरकार ने सरासर धोखा किया है। देश के अन्य बाजारों में लहसुन ₹200 प्रति किलो तक बिक रहा है, लेकिन बांग्लादेश के रास्ते आने वाले नकली चीनी लहसुन की घुसपैठ के कारण बंगाल के किसान अपनी उपज महज ₹12 प्रति किलो पर बेचने को मजबूर हैं।
शाह ने वादा किया कि भाजपा सरकार आते ही चीनी लहसुन की अवैध आवक पर पूर्ण रोक लगाई जाएगी और किसानों को उनकी उपज का उचित बाजार मूल्य दिलाया जाएगा। यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मुर्शिदाबाद और नदिया जिले के हजारों किसान परिवार लहसुन की खेती पर निर्भर हैं और उनकी आजीविका सीधे इस समस्या से प्रभावित है।
जलंगी नदी पर पुल और स्थानीय समस्याएं
अमित शाह ने तेहट्टा की स्थानीय समस्याओं को भी जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि जलंगी नदी पर प्रस्तावित पुल का निर्माण कार्य ममता सरकार की लापरवाही के चलते वर्षों से अधूरा पड़ा है। शाह ने वादा किया कि भाजपा सरकार बनने के दो वर्षों के भीतर इस पुल का निर्माण पूरा कर दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार राज्य में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ करेगी और टीएमसी के गुंडा तत्वों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। टीएमसी पर 'सिंडिकेट राज' चलाने का आरोप लगाते हुए शाह ने कहा कि यह व्यवस्था आम जनता का शोषण करती है और इसे जड़ से उखाड़ा जाएगा।
आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान और उसके परिणाम यह तय करेंगे कि अमित शाह के ये वादे और दावे राजनीतिक वास्तविकता में कितने खरे उतरते हैं। बंगाल की राजनीतिक दिशा पूरे देश की नजरों में है।