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बीआरएस गठन दिवस: केटीआर ने कार्यकर्ताओं से हर गांव में झंडा फहराने का आह्वान किया

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बीआरएस गठन दिवस: केटीआर ने कार्यकर्ताओं से हर गांव में झंडा फहराने का आह्वान किया

सारांश

बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर ने गठन दिवस पर हर गांव में झंडा फहराने का आह्वान किया। तेलंगाना भवन में राज्य कार्यकारी बैठक बुलाई गई। 2023 और 2024 की चुनावी हार के बाद पार्टी संगठन को पुनर्जीवित करने की कोशिश में है।

मुख्य बातें

केटीआर ने 27 अप्रैल को बीआरएस गठन दिवस पर हर गांव और जिले में झंडा फहराने का आह्वान किया।
तेलंगाना भवन, हैदराबाद में दोपहर 1:30 बजे राज्य कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित होगी।
बैठक में केवल आमंत्रित सदस्य — सांसद, विधायक, एमएलसी, जिला अध्यक्ष और पूर्व जन प्रतिनिधि — ही शामिल होंगे।
केसीआर ने 2001 में टीआरएस की स्थापना की थी और 2 जून, 2014 को तेलंगाना राज्य बना।
2022 में टीआरएस का नाम बदलकर बीआरएस किया गया, लेकिन 2023 और 2024 में पार्टी को लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ा।
2024 लोकसभा चुनाव में बीआरएस का एक भी सांसद नहीं जीता — पार्टी इतिहास का सबसे खराब प्रदर्शन।

हैदराबाद, 26 अप्रैलभारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव (केटीआर) ने रविवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बीआरएस के स्थापना दिवस के मौके पर प्रदेश के हर गांव, कस्बे, निर्वाचन क्षेत्र और जिला मुख्यालय में पार्टी का झंडा फहराने का आह्वान किया। यह गठन दिवस सोमवार, 27 अप्रैल को मनाया जाना है। पार्टी इस अवसर को संगठनात्मक पुनर्जागरण के रूप में देख रही है।

टेलीकांफ्रेंस में केटीआर का संदेश

केटीआर ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक टेलीकांफ्रेंस के जरिए संवाद करते हुए गठन दिवस को जन-जन तक पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर समारोह आयोजित करें।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तेलंगाना भवन, हैदराबाद में दोपहर 1:30 बजे राज्य-स्तरीय प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित होगी। दूरदराज से आने वाले प्रतिनिधियों को सलाह दी गई कि वे पहले अपने स्थानीय क्षेत्र में झंडारोहण समारोह संपन्न करें और उसके बाद हैदराबाद रवाना हों।

सीमित क्षमता के कारण चुनिंदा निमंत्रण

केटीआर ने बताया कि तेलंगाना भवन की सीमित क्षमता को देखते हुए बैठक में केवल आमंत्रित सदस्यों को ही प्रवेश दिया जाएगा। इस बैठक के लिए निमंत्रण राज्य कार्यकारी समिति के सदस्यों, सांसदों, विधायकों, एमएलसी, जिला अध्यक्षों के साथ-साथ पूर्व जन प्रतिनिधियों और विभिन्न निगमों के पूर्व अध्यक्षों को भेजे गए हैं।

इस बार पूर्ण सत्र आयोजित न करने का निर्णय बीआरएस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के निर्देश पर लिया गया। हाल ही में जगतियाल में आयोजित विशाल जनसभा और मौसम की भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया।

बीआरएस की स्थापना और ऐतिहासिक संदर्भ

केसीआर ने तेलंगाना आंदोलन को नई दिशा देने के उद्देश्य से वर्ष 2001 में तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) की स्थापना की थी। वर्षों के संघर्ष के बाद 2 जून, 2014 को तेलंगाना को अलग राज्य का दर्जा मिला — यह करोड़ों तेलंगानावासियों के लिए ऐतिहासिक क्षण था।

वर्ष 2022 में पार्टी ने राष्ट्रीय विस्तार की योजना के तहत अपना नाम बदलकर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) कर लिया। हालांकि यह महत्वाकांक्षा पूरी तरह साकार नहीं हो सकी।

लगातार चुनावी हार और पार्टी की मौजूदा स्थिति

लगभग एक दशक तक तेलंगाना पर शासन करने के बाद बीआरएस को दिसंबर 2023 में कांग्रेस के हाथों सत्ता गंवानी पड़ी। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन और भी निराशाजनक रहा — बीआरएस का एक भी सांसद नहीं जीत सका, जो पार्टी के इतिहास में अब तक का सबसे बुरा परिणाम था।

इस पृष्ठभूमि में गठन दिवस का यह आयोजन महज एक परंपरागत समारोह नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश है। पार्टी नेतृत्व यह दिखाना चाहता है कि जमीनी स्तर पर संगठन अभी भी जीवित है और कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखना प्राथमिकता है।

विश्लेषकों का मानना है कि केटीआर की यह पहल संगठन को पुनर्जीवित करने की कोशिश है, लेकिन असली परीक्षा आने वाले स्थानीय निकाय और विधानसभा उपचुनावों में होगी। आगे की राह बीआरएस के लिए कठिन है, लेकिन गठन दिवस जैसे आयोजन कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने में सहायक होते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह आज उसी तेलंगाना में विपक्ष की भूमिका में सिमटी है और लोकसभा में शून्य सीटों के साथ राष्ट्रीय मंच पर भी अदृश्य हो चुकी है। केटीआर की टेलीकांफ्रेंस और झंडारोहण की अपील संगठनात्मक सक्रियता दर्शाती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या जमीनी कार्यकर्ता वास्तव में उत्साहित हैं या यह महज औपचारिकता है। आने वाले स्थानीय निकाय चुनाव बीआरएस की असली ताकत की कसौटी होंगे।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीआरएस का गठन दिवस कब मनाया जाता है?
बीआरएस (पूर्व में टीआरएस) का गठन दिवस 27 अप्रैल को मनाया जाता है। इसी दिन 2001 में केसीआर ने तेलंगाना राष्ट्र समिति की स्थापना की थी।
केटीआर ने गठन दिवस पर कार्यकर्ताओं से क्या कहा?
केटीआर ने टेलीकांफ्रेंस के जरिए कार्यकर्ताओं से हर गांव, कस्बे, निर्वाचन क्षेत्र और जिला मुख्यालय में पार्टी का झंडा फहराने का आह्वान किया। उन्होंने सभी से अपने-अपने क्षेत्रों में समारोह आयोजित करने को कहा।
तेलंगाना भवन में बीआरएस की बैठक में कौन शामिल होगा?
तेलंगाना भवन की बैठक में केवल आमंत्रित सदस्य ही शामिल होंगे, जिनमें राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य, सांसद, विधायक, एमएलसी, जिला अध्यक्ष और पूर्व जन प्रतिनिधि शामिल हैं। यह निर्णय सीमित क्षमता के कारण लिया गया।
बीआरएस का नाम टीआरएस से कब और क्यों बदला गया?
2022 में टीआरएस का नाम बदलकर बीआरएस किया गया क्योंकि केसीआर पार्टी का विस्तार अन्य राज्यों में करना चाहते थे। हालांकि यह राष्ट्रीय विस्तार की योजना सफल नहीं हो सकी।
2024 लोकसभा चुनाव में बीआरएस का प्रदर्शन कैसा रहा?
2024 के लोकसभा चुनाव में बीआरएस का एक भी सांसद नहीं जीत सका, जो पार्टी के इतिहास में सबसे बुरा प्रदर्शन रहा। इससे पहले 2023 में पार्टी तेलंगाना विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से हार गई थी।
राष्ट्र प्रेस
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