नारा लोकेश ने पश्चिम बंगाल CM सुवेंदु अधिकारी से की मुलाकात, एक्वाकल्चर और निवेश पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश सरकार के मंत्री नारा लोकेश ने 18 जून 2026 को कोलकाता में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की और दोनों राज्यों के बीच आर्थिक सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में कल्याणकारी योजनाओं, औद्योगिक नीति, भूमि अधिग्रहण और एक्वाकल्चर जैसे क्षेत्रों में साझा काम की रूपरेखा तैयार की गई।
मुख्य घटनाक्रम
नारा लोकेश ने बैठक के बाद एक विस्तृत बयान जारी करते हुए कहा, 'कल मुझे पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री से मिलने का मौका मिला। हमने काफी समय साथ बिताया और मैं उनकी ऊर्जा देखकर हैरान रह गया।' उन्होंने यह भी कहा कि अब आंध्र प्रदेश के पास मुकाबला करने के लिए पश्चिम बंगाल के रूप में एक और मजबूत राज्य है।
बैठक में दोनों पक्षों ने एक्वाकल्चर को एक ऐसे क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया जहाँ दोनों राज्य मिलकर काम कर सकते हैं। इसके अलावा लैंड पूलिंग, इंडस्ट्रियल पॉलिसी और विकास कार्यों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
आंध्र प्रदेश का निवेश लक्ष्य
नारा लोकेश ने स्पष्ट किया कि आंध्र प्रदेश का लक्ष्य भारत में आने वाले कुल निवेश का 25 प्रतिशत अपने राज्य में लाना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू तब तक संतुष्ट नहीं होंगे जब तक यह आँकड़ा 50 प्रतिशत तक नहीं पहुँच जाता।
गौरतलब है कि चंद्रबाबू नायडू अपने चौथे कार्यकाल में हैं और उन्होंने एक नई युवा टीम के साथ काम शुरू किया है, जिसमें 50 प्रतिशत विधायक पहली बार चुने गए हैं और 25 में से 17 मंत्री पहली बार मंत्री बने हैं।
केंद्र-राज्य समन्वय पर जोर
नारा लोकेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि वे रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को सरल बना रहे हैं और विभिन्न क्षेत्रों में सुधार ला रहे हैं, लेकिन असल क्रियान्वयन राज्य स्तर पर होता है। उन्होंने कहा, 'जब राज्य आपस में मुकाबला करते हैं, तो भारत की जीत होती है।'
यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्य वैश्विक और घरेलू निवेश आकर्षित करने के लिए आक्रामक नीतियाँ अपना रहे हैं और इन्वेस्टर समिट आयोजित कर रहे हैं।
भगवान बालाजी मंदिर का प्रस्ताव
बैठक में एक महत्त्वपूर्ण सांस्कृतिक पहलू भी सामने आया। नारा लोकेश ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से पश्चिम बंगाल में भगवान बालाजी का मंदिर बनाने के लिए भूमि आवंटित करने का अनुरोध किया। लोकेश के अनुसार, अधिकारी ने इस प्रस्ताव पर 'बहुत सकारात्मक रुख' दिखाया और तुरंत इसे आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
आगे क्या होगा
नारा लोकेश ने बताया कि दोनों राज्य रियल-टाइम आधार पर विचारों का आदान-प्रदान जारी रखने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने इसे दोनों राज्यों के बीच एक 'मजबूत और फायदेमंद रिश्ते की शुरुआत' बताया और कहा कि आंध्र प्रदेश पश्चिम बंगाल के अनुभव से बहुत कुछ सीख सकता है। यह साझेदारी भविष्य में निवेश, कौशल विकास और समुद्री क्षेत्र में ठोस रूप ले सकती है।