19 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

लाडकी बहिन योजना पर रोहित पवार का हमला, ‘चुनाव बाद लाखों महिलाएँ अपात्र घोषित’

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
लाडकी बहिन योजना पर रोहित पवार का हमला, ‘चुनाव बाद लाखों महिलाएँ अपात्र घोषित’

सारांश

चुनाव से पहले ढाई करोड़ महिलाओं को लुभाने वाली ‘लाडकी बहिन योजना’ अब विवाद के घेरे में है। रोहित पवार का आरोप — महायुति सरकार ने जीत मिलते ही लाखों लाभार्थियों को अपात्र घोषित कर दिया। पेट्रोल ₹112, डीज़ल ₹100 के पार और गैस की मार के बीच यह सवाल बड़ा है कि कल्याण योजना थी, या चुनावी दांव।

मुख्य बातें

रोहित पवार ने 3 जून को महाराष्ट्र सरकार पर ‘लाडकी बहिन योजना’ को लेकर तीखा हमला बोला।
आरोप — चुनाव से पहले लगभग ढाई करोड़ महिलाओं को लाभ दिया गया, अब लाखों को अपात्र ठहराया जा रहा है।
चुनाव से पहले कुछ महीनों का एडवांस भुगतान भी किया गया था, जिसे पवार ने ‘चुनावी रणनीति’ बताया।
पवार के अनुसार पेट्रोल ₹110–₹112 प्रति लीटर, डीज़ल ₹100 के क़रीब; गैस सिलेंडर भी महँगा।
छोटे कारोबारी — वड़ा-पाव, पोहा, चाय स्टॉल — कमर्शियल गैस की बढ़ती लागत से सबसे ज़्यादा प्रभावित।

एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता रोहित पवार ने 3 जून को मुंबई में महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि ‘लाडकी बहिन योजना’ के तहत चुनाव से पहले लाभान्वित की गईं करीब ढाई करोड़ महिलाओं में से लाखों को अब अपात्र ठहराया जा रहा है। उन्होंने इसे ‘चुनावी रणनीति’ करार देते हुए कहा कि चुनाव के बाद सरकार का रवैया पूरी तरह बदल गया है।

मुख्य आरोप

रोहित पवार के अनुसार, विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इस योजना की घोषणा कर करोड़ों महिलाओं को लाभ दिया गया और कुछ महीनों का एडवांस भुगतान भी कर दिया गया। उन्होंने कहा, ‘चुनाव खत्म होते ही लाखों लाभार्थियों के नाम सूची से हटने लगे — यह सवाल खड़ा करता है कि यह योजना वास्तव में महिला सशक्तिकरण के लिए थी या केवल वोट बटोरने का ज़रिया।’

सरकार के बदले रवैये पर सवाल

पवार ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान जनता से अपनापन दिखाने वाली सरकार बाद में आम लोगों की समस्याओं से दूरी बना लेती है। उन्होंने चेताया कि आने वाले चुनावों में ‘महिलाएँ इसका जवाब ज़रूर देंगी।’ गौरतलब है कि नवंबर 2024 के विधानसभा चुनाव में महायुति की भारी जीत में इस योजना को एक निर्णायक कारक माना गया था, और अब पात्रता समीक्षा को लेकर विपक्ष लगातार मुखर है।

महंगाई और ईंधन की कीमतें

एनसीपी (SP) नेता ने पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती कीमतों पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि कई इलाकों में पेट्रोल ₹110 से ₹112 प्रति लीटर के आसपास पहुँच चुका है, जबकि डीज़ल भी ₹100 के क़रीब है। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम परिवारों का बजट बिगड़ने का दावा भी उन्होंने किया।

छोटे कारोबारियों पर मार

कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों पर बोलते हुए पवार ने कहा कि वड़ा-पाव स्टॉल, पोहा विक्रेता, चाय की दुकानें और छोटे रेस्टोरेंट सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। ‘जब उनकी लागत बढ़ती है, तो इसका सीधा असर खाने-पीने की चीज़ों की कीमतों पर पड़ता है,’ उन्होंने कहा। उनके मुताबिक़, सैलरीड कर्मचारी, पुलिस कांस्टेबल और आईटी पेशेवर — सभी पर महँगाई का बोझ बढ़ रहा है, जबकि आय उसी अनुपात में नहीं बढ़ रही।

आगे क्या

रोहित पवार ने आरोप लगाया कि सरकार आम जनता की समस्याओं के बजाय राजनीतिक गतिविधियों में अधिक व्यस्त है। योजना की पात्रता समीक्षा और हटाए जा रहे नामों को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण की माँग विपक्ष लगातार उठा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह या तो शुरुआती सूची की लापरवाही उजागर करता है, या चुनाव-पश्चात राजकोषीय वास्तविकता का। दोनों ही स्थितियाँ सरकार के लिए असहज हैं। विपक्ष का असली परीक्षण यह है कि वह इसे केवल ‘धोखा’ बताने से आगे बढ़कर वैकल्पिक मॉडल पेश कर पाएगा या नहीं।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लाडकी बहिन योजना पर रोहित पवार ने क्या आरोप लगाया है?
रोहित पवार का आरोप है कि महाराष्ट्र सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले ‘लाडकी बहिन योजना’ के तहत लगभग ढाई करोड़ महिलाओं को लाभ दिया, लेकिन चुनाव खत्म होते ही लाखों लाभार्थियों के नाम सूची से हटने लगे। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति बताया है।
लाडकी बहिन योजना क्या है?
यह महाराष्ट्र सरकार की पात्र महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता देने वाली योजना है, जिसका विस्तार 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले किया गया था। चुनाव-पूर्व कुछ महीनों का एडवांस भुगतान भी किया गया था।
रोहित पवार ने महंगाई पर क्या कहा?
पवार के अनुसार कई इलाकों में पेट्रोल ₹110 से ₹112 प्रति लीटर और डीज़ल ₹100 के क़रीब पहुँच चुका है। घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम परिवारों और छोटे कारोबारियों का बजट बिगड़ रहा है।
छोटे कारोबारियों पर महंगाई का क्या असर है?
रोहित पवार के मुताबिक़ वड़ा-पाव स्टॉल, पोहा विक्रेता, चाय की दुकानें और छोटे रेस्टोरेंट कमर्शियल गैस की बढ़ती कीमतों से सबसे अधिक प्रभावित हैं। उनकी लागत बढ़ने से खाने-पीने की चीज़ें महँगी होती हैं, जिसका बोझ अंततः ग्राहकों पर पड़ता है।
रोहित पवार किस पार्टी से हैं?
रोहित पवार एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता और महाराष्ट्र विधानसभा के विधायक हैं। वे शरद पवार के पौत्र-वंशीय परिवार से आते हैं और महाराष्ट्र की युवा विपक्षी राजनीति का प्रमुख चेहरा माने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 5 दिन पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले