महिलाओं के खिलाफ अपराधों में महाराष्ट्र की स्थिति चिंताजनक, रोहित पवार ने उठाई आवाज

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महिलाओं के खिलाफ अपराधों में महाराष्ट्र की स्थिति चिंताजनक, रोहित पवार ने उठाई आवाज

सारांश

रोहित पवार ने महाराष्ट्र में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर गहरी चिंता जताई है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से सुरक्षा के लिए उचित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। जानिये इस मुद्दे पर उनका क्या कहना है।

Key Takeaways

  • महिलाओं के खिलाफ अपराधों की बढ़ती संख्या
  • सरकार की अनदेखी और सुरक्षा उपायों का अभाव
  • शक्ति कानून का तकनीकी कारणों से वापस होना
  • अजित पवार से जुड़े मामले की जांच की मांग
  • समाज में बदलाव की आवश्यकता

मुंबई, १८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ हो रहे बढ़ते अपराधों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि महाराष्ट्र में एसिड अटैक, बलात्कार, यौन उत्पीड़न और लड़कियों के गायब होने जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

रोहित पवार ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, "महाराष्ट्र में एसिड अटैक, बलात्कार, यौन उत्पीड़न और लड़कियों के गायब होने की घटनाएं अब सामान्य हो चुकी हैं। यदि हम देश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों पर नजर डालें, तो महाराष्ट्र इस संदर्भ में सबसे ऊपर है, जो एक बेहद चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है।"

उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार द्वारा अपेक्षित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। हाल ही में अहिल्यानगर में एक छठी कक्षा की छात्रा पर हुए एसिड अटैक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज के लिए अत्यंत शर्मनाक हैं और इन पर तुरंत सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।

रोहित पवार ने कहा कि महाविकास अघाड़ी सरकार द्वारा लाए गए "शक्ति कानून" को केंद्र सरकार को भेजा गया था, लेकिन एक तकनीकी त्रुटि के कारण यह वापस कर दिया गया। इस मामले को तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन वर्तमान राज्य सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह विभाग के स्तर पर भी आवश्यक कार्य नहीं हो रहा है।

इसके अलावा, रोहित पवार ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े कथित प्लेन क्रैश मामले की जांच को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कल मैं खुद महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर से मिला और उनसे कहा कि इस विषय पर अलग-अलग माध्यमों से चर्चा की जानी चाहिए। हमारे पक्ष के नेता और अपर हाउस में भी हमारे सदस्य इस मुद्दे को उठाने का प्रयास कर रहे हैं।

रोहित पवार ने कहा कि दुर्भाग्यवश इस विषय को जानबूझकर चर्चा में नहीं लाया जा रहा है। २६ दिन पहले अजित पवार गुट के नेताओं ने देवेंद्र फडणवीस से मिलकर इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की थी। इसके बाद १५-२० दिन बाद उनके विधायकों ने मुख्यमंत्री से मिलकर फिर से रिमाइंडर दिया। लेकिन महाराष्ट्र में एक ऐसा नेता है जो अजित पवार के मामले की सही जांच नहीं होने देना चाहता और न ही इस मुद्दे पर विधानसभा सत्र में चर्चा होने देना चाहता है।

Point of View

और इसे प्राथमिकता से सुलझाने की आवश्यकता है।
NationPress
18/03/2026

Frequently Asked Questions

महाराष्ट्र में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की स्थिति क्या है?
महाराष्ट्र में महिलाओं के खिलाफ एसिड अटैक, बलात्कार और यौन उत्पीड़न की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जो चिंता का विषय है।
रोहित पवार ने इस मुद्दे पर क्या कहा?
रोहित पवार ने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
क्या सरकार ने इस मामले पर कोई कार्रवाई की है?
रोहित पवार का कहना है कि सरकार ने अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
महाविकास अघाड़ी सरकार का शक्ति कानून क्या है?
यह कानून महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए लाया गया था, लेकिन तकनीकी त्रुटियों के कारण इसे वापस कर दिया गया।
अजित पवार के प्लेन क्रैश मामले की जांच का क्या हुआ?
इस मामले की जांच को लेकर रोहित पवार ने सवाल उठाए और इस पर चर्चा की आवश्यकता बताई।
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