14 जुलाई 2026
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21 जुलाई 'चलो संसद' मार्च: सुधा प्रसाद का आह्वान — ओबीसी महिलाओं को मिले आरक्षण का अधिकार

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21 जुलाई 'चलो संसद' मार्च: सुधा प्रसाद का आह्वान — ओबीसी महिलाओं को मिले आरक्षण का अधिकार

सारांश

झारखंड महिला कांग्रेस की सह-प्रभारी सुधा प्रसाद ने 21 जुलाई के 'चलो संसद' मार्च को महिला आरक्षण और ओबीसी महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई से जोड़ा। उन्होंने इंडिया गठबंधन के साथ-साथ BJP की महिला नेताओं से भी समर्थन माँगा — यह अभियान दलगत सीमाओं को पार करने का दावा करता है।

मुख्य बातें

झारखंड महिला कांग्रेस सह-प्रभारी सुधा प्रसाद ने 21 जुलाई के 'चलो संसद' अभियान में व्यापक भागीदारी का आह्वान किया।
कांग्रेस की माँग — महिला आरक्षण विधेयक तत्काल लागू हो और ओबीसी महिलाओं को अलग आरक्षण प्रावधान मिले।
अभियान में इंडिया गठबंधन के सभी दलों के साथ-साथ BJP की महिला सांसदों-विधायकों से भी समर्थन माँगा गया।
सुधा प्रसाद ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को कमज़ोर करने का आरोप लगाया।
वायनाड भूस्खलन पर उन्होंने कहा कि पार्टी टीम राहत कार्यों में जुटी है और प्रियंका गांधी जल्द प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेंगी।

झारखंड महिला कांग्रेस की सह-प्रभारी सुधा प्रसाद ने 14 जुलाई को रांची में कहा कि 21 जुलाई को प्रस्तावित 'चलो संसद' अभियान में अधिक से अधिक महिलाओं और इंडिया गठबंधन के सभी घटक दलों को शामिल होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू करने के साथ-साथ ओबीसी महिलाओं के लिए अलग आरक्षण प्रावधान की माँग पर भी अडिग है।

अभियान की तैयारी और माँगें

सुधा प्रसाद ने बताया कि 'चलो संसद' अभियान की तैयारियाँ देशभर में हर जिले, हर प्रखंड और हर प्रदेश में बैठकों तथा प्रेस वार्ताओं के ज़रिए की जा रही हैं। उनके अनुसार, महिला आरक्षण लागू होने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना भी ज़रूरी है कि ओबीसी महिलाएँ इस व्यवस्था से वंचित न रहें। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस का संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक महिला आरक्षण पूरी तरह लागू नहीं हो जाता और उसमें सामाजिक न्याय का समुचित ध्यान नहीं रखा जाता।'

इंडिया गठबंधन और भाजपा से अपील

जब उनसे पूछा गया कि यह अभियान केवल कांग्रेस का होगा या व्यापक होगा, तो सुधा प्रसाद ने कहा कि पार्टी पूरे इंडिया गठबंधन से इसमें भागीदारी की अपील करेगी। उल्लेखनीय रूप से, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की महिला सांसदों और विधायकों से भी इस आंदोलन का समर्थन करने का आग्रह किया, यह तर्क देते हुए कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी दलगत राजनीति से ऊपर का मुद्दा है।

लोकतंत्र और केंद्र सरकार पर आरोप

सुधा प्रसाद ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विभिन्न मुद्दों पर आंदोलन और अनशन करने वालों की सुनवाई नहीं कर रही और लोकतांत्रिक अधिकारों को कमज़ोर किया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सराहना करते हुए कहा कि वे संविधान की प्रति लेकर देशभर में जागरूकता फैला रहे हैं और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत हैं।

राम मंदिर चढ़ावे पर विवाद और प्रतिक्रिया

राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोपों पर सुधा प्रसाद ने कहा कि भगवान राम के नाम पर आस्था का राजनीतिक इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में वास्तविक जिम्मेदार लोगों की पहचान होनी चाहिए और किसी एक वर्ग या समुदाय को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, मंदिरों से जुड़े लगातार विवाद पुजारियों और ब्राह्मण समाज की छवि पर भी असर डालते हैं।

वायनाड भूस्खलन और विपक्ष के आरोप

वायनाड भूस्खलन प्रभावितों से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के न मिलने के आरोपों पर सुधा प्रसाद ने कहा कि पार्टी की टीम लगातार प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में जुटी है। उन्होंने बताया कि प्रियंका गांधी भी जल्द ही प्रभावित लोगों से मिलने पहुँचेंगी। पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि BJP शासन में पुलवामा और पहलगाम जैसी घटनाएँ हुईं, लेकिन कथित तौर पर दोषियों को अब तक सज़ा नहीं मिली। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़ हो गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह मार्च संसद में ठोस विधायी दबाव बना पाएगा। ओबीसी महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की माँग वैधानिक रूप से जटिल है और इसके लिए संविधान संशोधन की ज़रूरत होगी — जिसका ज़िक्र अभियान की भाषा में नहीं है। BJP की महिला नेताओं से समर्थन माँगना राजनीतिक रूप से साहसी कदम है, लेकिन इसकी व्यावहारिक संभावना संदिग्ध है। बिना किसी ठोस समयसीमा या संसदीय रणनीति के, यह अभियान प्रतीकात्मक विरोध से आगे जाने में कितना सफल होगा, यह देखना बाकी है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'चलो संसद' अभियान क्या है और यह कब होगा?
'चलो संसद' कांग्रेस का एक राष्ट्रव्यापी अभियान है, जो 21 जुलाई को प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू करवाने और ओबीसी महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की माँग को संसद तक पहुँचाना है।
ओबीसी महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की माँग क्यों की जा रही है?
कांग्रेस का तर्क है कि सामान्य महिला आरक्षण में ओबीसी महिलाएँ पर्याप्त प्रतिनिधित्व से वंचित रह सकती हैं। सुधा प्रसाद के अनुसार, सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए ओबीसी महिलाओं को अलग कोटे का प्रावधान ज़रूरी है।
क्या यह अभियान केवल कांग्रेस का है?
नहीं। सुधा प्रसाद ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पूरे इंडिया गठबंधन के दलों से इसमें शामिल होने की अपील करेगी। उन्होंने BJP की महिला सांसदों और विधायकों से भी समर्थन माँगा है।
वायनाड भूस्खलन पर कांग्रेस की क्या स्थिति है?
सुधा प्रसाद ने कहा कि पार्टी की टीम वायनाड में राहत कार्यों में लगातार जुटी है और प्रियंका गांधी जल्द प्रभावित लोगों से मिलने पहुँचेंगी। उन्होंने राहत कार्यों की अनदेखी के आरोपों को खारिज किया।
राम मंदिर चढ़ावे विवाद पर सुधा प्रसाद ने क्या कहा?
सुधा प्रसाद ने कहा कि भगवान राम के नाम पर आस्था का राजनीतिक इस्तेमाल किया गया और वास्तविक जिम्मेदार लोगों की पहचान होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी एक वर्ग या समुदाय को बदनाम करना उचित नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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