महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में समग्र दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक: रविदास मल्होत्रा
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण बिल संसद में पेश किया जाएगा।
- सपा हमेशा से महिला सशक्तिकरण का समर्थन करती है।
- भाजपा का दृष्टिकोण अधूरा है।
- महिलाओं के लिए राजनीतिक भागीदारी आवश्यक है।
- जातिगत जनगणना से सामाजिक न्याय की स्थिति स्पष्ट होगी।
लखनऊ, १५ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मल्होत्रा ने कहा कि संसद में गुरुवार को महिला आरक्षण बिल पेश किया जाएगा। इस संदर्भ में सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा की जाएगी।
उन्होंने बुधवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि समाजवादी पार्टी हमेशा से महिला सशक्तिकरण के अधिकार में खड़ी रही है। हमने इसका समर्थन किया है। हालांकि, भाजपा द्वारा इसे जिस तरीके से पेश किया जा रहा है, उसे किसी भी हाल में मानना उचित नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा का महिला आरक्षण बिल का रूप अधूरा है और इसे स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
रविदास मल्होत्रा ने आगे कहा कि हम चाहते हैं कि महिलाएं राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी करें। हमने इसका विरोध नहीं किया है। साथ ही, हमें यह भी चाहिए कि वर्तमान समय में महिलाओं को सामाजिक न्याय दिलाने की दिशा में भी कदम उठाए जाएं, ताकि महिला सशक्तिकरण से जुड़े समग्र विचारों को वास्तविकता में उतारा जा सके।
सपा विधायक ने कहा कि हमें महिला सशक्तिकरण के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। इसका मतलब यह है कि दलित, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए भी आरक्षण होना चाहिए।
उन्होंने जातिगत जनगणना पर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जातिगत जनगणना चल रही है और मैं यह मांग करता हूं कि इसे पूरा किया जाए, ताकि जाति के आधार पर सभी की वास्तविक स्थिति का पता चल सके।
उन्होंने दावा किया कि सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं है। सरकार नहीं चाहती कि लोगों को सामाजिक न्याय मिले। सरकार को सामाजिक न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे, तभी जाकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, समाजवादी पार्टी महिलाओं को आरक्षण दिलाने के समर्थन में है।