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'लाडली बहन' योजना बंद नहीं होगी: शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम का विपक्ष पर पलटवार

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'लाडली बहन' योजना बंद नहीं होगी: शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम का विपक्ष पर पलटवार

सारांश

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने साफ कहा — 'लाडली बहन' योजना बंद नहीं होगी। विपक्ष पर झूठे नैरेटिव फैलाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने उपमुख्यमंत्री शिंदे के आश्वासन को दोहराया। साथ ही बांग्लादेशी घुसपैठ, कर्नाटक की राजनीतिक उठापटक और पिंपरी-चिंचवड जहरीली शराब कांड पर भी बोले।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 29 मई को कहा कि महाराष्ट्र सरकार 'लाडली बहन' योजना को हर हाल में जारी रखेगी।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अहमदपुर रैली में किसानों और महिला लाभार्थियों को आश्वस्त किया कि उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
निरुपम ने विपक्ष पर राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर झूठे नैरेटिव फैलाने और लाभार्थियों में डर पैदा करने का आरोप लगाया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का समर्थन करते हुए निरुपम ने पश्चिम बंगाल में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की वकालत की।
पिंपरी-चिंचवड में कथित जहरीली शराब से हुई मौतों पर निरुपम ने संवेदना जताई और शराब माफिया पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने शुक्रवार, 29 मई को स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र सरकार की 'लाडली बहन' योजना किसी भी हाल में बंद नहीं की जाएगी। उन्होंने विपक्ष पर इस कल्याणकारी पहल को लेकर जनता में भ्रम और भय फैलाने का आरोप लगाया। निरुपम की यह प्रतिक्रिया उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के उस बयान के एक दिन बाद आई, जिसमें शिंदे ने विपक्षी दलों पर 'लाडली बहन', कृषि ऋण माफी और फसल बीमा योजनाओं के संदर्भ में जनता को कथित तौर पर गुमराह करने का आरोप लगाया था।

निरुपम का विपक्ष पर सीधा हमला

निरुपम ने कहा, "विपक्ष और कुछ लोग महाराष्ट्र सरकार की 'लाडली बहन' योजना के बारे में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इस योजना को बंद नहीं किया जाएगा। हर परिस्थिति में, सरकार माताओं और बहनों को वित्तीय सहायता प्रदान करना जारी रखेगी।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर जानबूझकर झूठे नैरेटिव फैलाए जा रहे हैं ताकि लाभार्थियों के बीच डर पैदा हो।

शिंदे का अहमदपुर रैली में संदेश

गुरुवार को अहमदपुर में शिवसेना की एक रैली को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा था, "किसान देश को भोजन कराने के लिए कठिन मौसम की स्थितियों में अथक परिश्रम करते हैं, लेकिन प्राकृतिक आपदाएं अक्सर उन्हें कर्ज में धकेल देती हैं। राज्य के खजाने पर किसानों का पहला अधिकार है। कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी किसानों और महिलाओं को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।" शिंदे ने विपक्ष पर 'लाडली बहन' सहित अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों के बारे में गलत जानकारी फैलाने का भी आरोप लगाया।

बांग्लादेशी घुसपैठ और अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया

निरुपम ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर भी अपनी राय रखी, जिसमें शाह ने कहा था कि अवैध घुसपैठियों को स्वेच्छा से अपने गृह देशों में लौट जाना चाहिए। निरुपम ने कहा, "पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में अवैध बांग्लादेशी रह रहे हैं और जाली दस्तावेजों के सहारे गुजारा कर रहे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन के हित में पूरे देश में कड़ी कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की जाएगी।

कर्नाटक राजनीतिक उठापटक पर टिप्पणी

मुख्यमंत्री पद से सिद्दारमैया के इस्तीफे के बाद कर्नाटक में उभरी राजनीतिक अनिश्चितता पर निरुपम ने कहा, "कर्नाटक में राजनीतिक ड्रामा अभी खत्म नहीं हुआ है। राज्यसभा का प्रस्ताव ठुकराकर सिद्दारमैया ने यह साफ कर दिया है कि उनका इरादा राज्य की राजनीति में सक्रिय रहने का है। ऐसे कद्दावर नेता की मौजूदगी में नए मुख्यमंत्री के लिए प्रभावी ढंग से काम करना कितना आसान होगा, यह देखने वाली बात है।"

पिंपरी-चिंचवड जहरीली शराब कांड पर चिंता

पिंपरी-चिंचवड में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से हुई कई लोगों की मौतों पर निरुपम ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "शराब अपने आप में हानिकारक है, लेकिन जहरीली शराब सीधे तौर पर जानलेवा बन जाती है।" उन्होंने अवैध शराब के उत्पादन और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और पूरे महाराष्ट्र में सक्रिय शराब माफिया पर नकेल कसने का आह्वान किया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार कल्याणकारी योजनाओं की निरंतरता को लेकर विपक्ष के निशाने पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या राज्य सरकार इस योजना के लिए दीर्घकालिक बजटीय प्रावधान सुनिश्चित कर पाएगी। बिना पारदर्शी वित्तीय रोडमैप के, ये बयान आश्वस्त करने की बजाय संदेह को और गहरा कर सकते हैं।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र की 'लाडली बहन' योजना क्या है?
'लाडली बहन' योजना महाराष्ट्र सरकार की एक कल्याणकारी पहल है जिसके तहत पात्र महिलाओं को सीधे वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग की महिलाओं को लक्षित करती है।
क्या 'लाडली बहन' योजना बंद होने वाली है?
नहीं। शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 29 मई को स्पष्ट किया कि यह योजना बंद नहीं होगी। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी इससे पहले आश्वासन दे चुके हैं कि लाभार्थी महिलाओं को किसी भी परिस्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
विपक्ष पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
शिवसेना प्रवक्ता निरुपम और उपमुख्यमंत्री शिंदे दोनों ने विपक्ष पर 'लाडली बहन' योजना, कृषि ऋण माफी और फसल बीमा योजनाओं के बारे में जानबूझकर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है। निरुपम के अनुसार, राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर झूठे नैरेटिव के ज़रिए लाभार्थियों में भय पैदा किया जा रहा है।
पिंपरी-चिंचवड जहरीली शराब कांड में संजय निरुपम ने क्या कहा?
निरुपम ने पिंपरी-चिंचवड में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से हुई मौतों पर गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने अवैध शराब के उत्पादन और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पूरे महाराष्ट्र में शराब माफिया पर नकेल कसने की मांग की।
कर्नाटक में सिद्दारमैया के इस्तीफे पर निरुपम का क्या कहना है?
निरुपम ने कहा कि कर्नाटक में राजनीतिक स्थिति अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हुई है। उनके अनुसार, राज्यसभा प्रस्ताव ठुकराकर सिद्दारमैया ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे राज्य की सक्रिय राजनीति में बने रहना चाहते हैं, जिससे नए मुख्यमंत्री के लिए प्रभावी कामकाज चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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