'लाडली बहन' योजना बंद नहीं होगी: शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम का विपक्ष पर पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने शुक्रवार, 29 मई को स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र सरकार की 'लाडली बहन' योजना किसी भी हाल में बंद नहीं की जाएगी। उन्होंने विपक्ष पर इस कल्याणकारी पहल को लेकर जनता में भ्रम और भय फैलाने का आरोप लगाया। निरुपम की यह प्रतिक्रिया उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के उस बयान के एक दिन बाद आई, जिसमें शिंदे ने विपक्षी दलों पर 'लाडली बहन', कृषि ऋण माफी और फसल बीमा योजनाओं के संदर्भ में जनता को कथित तौर पर गुमराह करने का आरोप लगाया था।
निरुपम का विपक्ष पर सीधा हमला
निरुपम ने कहा, "विपक्ष और कुछ लोग महाराष्ट्र सरकार की 'लाडली बहन' योजना के बारे में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इस योजना को बंद नहीं किया जाएगा। हर परिस्थिति में, सरकार माताओं और बहनों को वित्तीय सहायता प्रदान करना जारी रखेगी।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर जानबूझकर झूठे नैरेटिव फैलाए जा रहे हैं ताकि लाभार्थियों के बीच डर पैदा हो।
शिंदे का अहमदपुर रैली में संदेश
गुरुवार को अहमदपुर में शिवसेना की एक रैली को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा था, "किसान देश को भोजन कराने के लिए कठिन मौसम की स्थितियों में अथक परिश्रम करते हैं, लेकिन प्राकृतिक आपदाएं अक्सर उन्हें कर्ज में धकेल देती हैं। राज्य के खजाने पर किसानों का पहला अधिकार है। कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी किसानों और महिलाओं को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।" शिंदे ने विपक्ष पर 'लाडली बहन' सहित अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों के बारे में गलत जानकारी फैलाने का भी आरोप लगाया।
बांग्लादेशी घुसपैठ और अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया
निरुपम ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर भी अपनी राय रखी, जिसमें शाह ने कहा था कि अवैध घुसपैठियों को स्वेच्छा से अपने गृह देशों में लौट जाना चाहिए। निरुपम ने कहा, "पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में अवैध बांग्लादेशी रह रहे हैं और जाली दस्तावेजों के सहारे गुजारा कर रहे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन के हित में पूरे देश में कड़ी कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
कर्नाटक राजनीतिक उठापटक पर टिप्पणी
मुख्यमंत्री पद से सिद्दारमैया के इस्तीफे के बाद कर्नाटक में उभरी राजनीतिक अनिश्चितता पर निरुपम ने कहा, "कर्नाटक में राजनीतिक ड्रामा अभी खत्म नहीं हुआ है। राज्यसभा का प्रस्ताव ठुकराकर सिद्दारमैया ने यह साफ कर दिया है कि उनका इरादा राज्य की राजनीति में सक्रिय रहने का है। ऐसे कद्दावर नेता की मौजूदगी में नए मुख्यमंत्री के लिए प्रभावी ढंग से काम करना कितना आसान होगा, यह देखने वाली बात है।"
पिंपरी-चिंचवड जहरीली शराब कांड पर चिंता
पिंपरी-चिंचवड में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से हुई कई लोगों की मौतों पर निरुपम ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "शराब अपने आप में हानिकारक है, लेकिन जहरीली शराब सीधे तौर पर जानलेवा बन जाती है।" उन्होंने अवैध शराब के उत्पादन और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और पूरे महाराष्ट्र में सक्रिय शराब माफिया पर नकेल कसने का आह्वान किया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार कल्याणकारी योजनाओं की निरंतरता को लेकर विपक्ष के निशाने पर है।