कांग्रेस का 2–8 अक्टूबर राष्ट्रव्यापी अभियान, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने 1 अक्टूबर 2026 को फरीदाबाद में पत्रकारों से बात करते हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया और परिणामों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) तथा चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि दोनों की कथित मिलीभगत से जनादेश को नज़रअंदाज़ कर हरियाणा में सरकार गठित की गई। हुड्डा ने घोषणा की कि कांग्रेस 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में अभियान चलाकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग करेगी।
पोस्टल बैलेट पर कांग्रेस के आरोप
हुड्डा ने दावा किया कि पोस्टल बैलेट की गिनती में कांग्रेस 90 में से 75 विधानसभा सीटों पर आगे थी, फिर भी अंतिम परिणाम BJP के पक्ष में रहे। उन्होंने कहा कि हरियाणा के गठन के बाद से अब तक के हर चुनाव में पोस्टल बैलेट में बढ़त पाने वाली पार्टी ने ही सरकार बनाई है। उनके अनुसार यह पहला अवसर था जब यह ऐतिहासिक पैटर्न टूटा। हुड्डा ने मतदान प्रतिशत से जुड़े आँकड़ों पर भी चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण की माँग की।
राष्ट्रव्यापी अभियान की रूपरेखा
कांग्रेस के अनुसार 2 से 8 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवाल सीधे जनता के बीच उठाए जाएँगे। पार्टी का कहना है कि वह इस मुद्दे पर लगातार आवाज़ उठाती रहेगी। साथ ही, कांग्रेस 'संगठन सृजन वर्ष' के तहत बूथ स्तर तक संगठन को मज़बूत करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।
कानून-व्यवस्था और नशे पर निशाना
हुड्डा ने हरियाणा सरकार पर कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में व्यापारियों और आम नागरिकों को गैंगस्टरों की ओर से धमकियाँ मिल रही हैं और उनसे फिरौती माँगी जा रही है। नशे के मसले पर उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं तक नशीले पदार्थों की होम डिलीवरी हो रही है, जो एक गंभीर सामाजिक संकट बनता जा रहा है। उन्होंने सरकार से इन दोनों मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करने की माँग की।
विनेश फोगाट की आवाज़: नीरू ढांडा और कबड्डी
जींद में कांग्रेस विधायक और अंतर्राष्ट्रीय पहलवान विनेश फोगाट ने एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता नीरू ढांडा की उपलब्धि की सराहना की। फोगाट ने कहा कि नीरू पर परिवार की ओर से विवाह का दबाव था, लेकिन उन्होंने खेल को प्राथमिकता देते हुए अपना निर्णय लिया — जो व्यक्तिगत स्वायत्तता का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि पदक मिलने के बाद ही खिलाड़ियों को राष्ट्रीय पहचान मिलना चिंताजनक है और खिलाड़ियों को उपलब्धि से पहले भी समर्थन मिलना चाहिए।
फोगाट ने अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) से कबड्डी को ओलंपिक कार्यक्रम में शामिल करने की अपील की। उनका तर्क था कि भारतीय महिला खिलाड़ी एशियन गेम्स जैसे मंचों पर कबड्डी में पदक जीत रही हैं और यदि क्रिकेट को ओलंपिक में जगह मिल सकती है, तो कबड्डी को भी यह अवसर मिलना चाहिए। आगे देखें तो कांग्रेस का यह अभियान उसके संगठनात्मक पुनर्निर्माण का भी हिस्सा है, जिसकी असली परीक्षा आने वाले राज्य चुनावों में होगी।