निष्पक्ष चुनाव की लड़ाई जारी रहेगी, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें: दीपेंद्र हुड्डा
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने 10 अक्टूबर को झज्जर में पत्रकारों से बात करते हुए चुनाव आयोग पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ मिलीभगत कर चुनाव कराने का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को पूरा समर्थन देते हुए कहा कि देश में निष्पक्ष चुनाव और एक जवाबदेह चुनाव आयोग सुनिश्चित करने की यह लड़ाई अनवरत जारी रहेगी।
चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
हुड्डा ने कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका केवल चुनाव आयोजित करने तक सीमित नहीं रही — उसके फैसलों पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग को BJP की 'बी-टीम' बताते हुए आरोप लगाया कि वोट चोरी, राज्यसभा चुनाव में अनियमितताएँ और हरियाणा में धाँधली के मामले बार-बार सामने आए हैं।
उन्होंने कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नाम लेते हुए कहा कि उनका मामला भी इसी श्रृंखला का हिस्सा है। हुड्डा के अनुसार, विधानसभा चुनावों में भी वोट चोरी के आरोप लगाए गए हैं और यह सिलसिला देशभर में देखा गया है।
इंडिया गठबंधन की एकजुटता
हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने निष्पक्ष चुनाव और चुनाव आयोग की जवाबदेही का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया है, जिस पर इंडिया गठबंधन के सभी घटक दल एकमत हैं। उन्होंने बताया कि देशभर में विभिन्न आंदोलन भी अब इसी मुद्दे पर आवाज बुलंद कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष लगातार चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता रहा है।
एफआईआर से डरने का सवाल नहीं
हुड्डा ने आकाशवाणी से जुड़ी एक घटना के सिलसिले में दर्ज एफआईआर में अपना नाम शामिल होने का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि मुकदमों के जरिए विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कामयाब नहीं होगी। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस, हमारा परिवार और पूरा विपक्ष एफआईआर से डरने वाला नहीं है।'
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हों — पिछले कई चुनावों में भी इस तरह के आरोप लगाए जाते रहे हैं। हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस अपने मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगी और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग तब तक नहीं छोड़ी जाएगी जब तक यह पूरी नहीं हो जाती।
आगे क्या होगा
कांग्रेस के अनुसार, यह अभियान केवल एक बयान तक सीमित नहीं है — पार्टी इसे जन-आंदोलन का रूप देने की योजना बना रही है। इंडिया गठबंधन के दलों की एकजुटता और देशभर में उठ रही आवाजें इस मुद्दे को आने वाले दिनों में और तेज करने का संकेत देती हैं।