25 जुलाई 2026
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पेपर लीक पर भूपिंदर हुड्डा का केंद्र को कड़ा संदेश: युवाओं से माफी माँगे सरकार, 75 लाख उम्मीदवार प्रभावित

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पेपर लीक पर भूपिंदर हुड्डा का केंद्र को कड़ा संदेश: युवाओं से माफी माँगे सरकार, 75 लाख उम्मीदवार प्रभावित

सारांश

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर हुड्डा ने केंद्र सरकार से युवाओं से सार्वजनिक माफी की माँग की। 152 से अधिक पेपर लीक, 75 लाख प्रभावित उम्मीदवार और NEET से जुड़ी 26 आत्महत्याओं के बीच यह माँग परीक्षा तंत्र की जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

मुख्य बातें

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने 25 जुलाई को माँग की कि केंद्र सरकार युवाओं पर लाठीचार्ज के लिए सार्वजनिक माफी माँगे।
देशभर में 152 से अधिक परीक्षा पत्र लीक हो चुके हैं, जिससे लगभग 75 लाख उम्मीदवार प्रभावित।
NEET पेपर लीक से आहत होकर देशभर में 26 उम्मीदवारों ने आत्महत्या की।
हरियाणा में BJP सरकार के कार्यकाल में 30 से अधिक पेपर लीक दर्ज।
प्रतिवर्ष 9 करोड़ युवा केवल 6 लाख नौकरियों के लिए आवेदन करते हैं।
कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' अभियान के बाद BJP को झुकना पड़ा; कांग्रेस संसद में जवाबदेही माँगेगी।

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने 25 जुलाई को चंडीगढ़ में मीडिया से बात करते हुए माँग की कि केंद्र सरकार देशभर के युवाओं से सार्वजनिक रूप से माफी माँगे — उन्हें विरोध प्रदर्शनों के दौरान लाठीचार्ज और बर्बरता का शिकार बनाने के लिए। हुड्डा ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्र आंदोलन की बड़ी जीत बताया और कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को अंततः इस जनदबाव के आगे झुकना पड़ा।

पेपर लीक: देशव्यापी महामारी

हुड्डा ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की समस्या अब पूरे देश में महामारी का रूप ले चुकी है। उनके अनुसार, BJP सरकार के कार्यकाल में 152 से अधिक परीक्षा पत्र लीक हो चुके हैं, जिससे लगभग 75 लाख उम्मीदवार प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा पत्रों और नौकरियों की तस्करी करने वाला एक संगठित गिरोह हरियाणा समेत पूरे देश में सक्रिय है।

हरियाणा बना पेपर लीक का केंद्र

हुड्डा ने विशेष रूप से हरियाणा की स्थिति पर चिंता जताई और कहा कि राज्य में BJP सरकार के कार्यकाल में 30 से अधिक पेपर लीक की घटनाएँ दर्ज हो चुकी हैं। इनमें प्रमुख हैं — हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा (2023), CET (2023), सब-इंस्पेक्टर भर्ती (मार्च 2022), दंत सर्जन भर्ती (दिसंबर 2021), PGI रोहतक परीक्षा (2025), पुलिस कांस्टेबल भर्ती (अगस्त 2021), ग्राम सचिव भर्ती (12 जनवरी 2021) और क्लर्क भर्ती (दिसंबर 2016)

बेरोज़गारी और आत्महत्या की त्रासदी

हुड्डा ने बेरोज़गारी संकट की गंभीरता को रेखांकित करते हुए बताया कि प्रतिवर्ष 9 करोड़ युवा केवल 6 लाख नौकरियों के लिए आवेदन करते हैं — यह आँकड़ा अपने आप में व्यवस्था की विफलता का प्रमाण है। उन्होंने यह भी कहा कि अकेले NEET परीक्षा पत्र लीक से आहत होकर देशभर में 26 उम्मीदवारों ने आत्महत्या कर ली है — एक ऐसी त्रासदी जिसे उन्होंने सीधे सरकार की उदासीनता से जोड़ा।

कांग्रेस की माँग: जवाबदेही और पारदर्शिता

हुड्डा ने बताया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने 'छात्रों की गूंज' अभियान के ज़रिए देशव्यापी आंदोलन खड़ा किया, जिसने BJP को पीछे हटने पर मजबूर किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अब संसद में पेपर लीक मामले में सरकार से पूर्ण जवाबदेही की माँग करेगी। साथ ही उन्होंने जोर दिया कि परीक्षा प्रणाली को इतना पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए कि भविष्य में पेपर लीक की कोई संभावना न रहे।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब पेपर लीक विरोधी आंदोलन पूरे देश में नई ऊर्जा के साथ उभरा है। गौरतलब है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही पर सवाल और तेज़ होंगे। आलोचकों का कहना है कि जब तक परीक्षा तंत्र में संरचनात्मक सुधार नहीं होते, केवल मंत्री बदलने से समस्या हल नहीं होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 152 पेपर लीक और 75 लाख प्रभावित उम्मीदवारों की समस्या किसी एक मंत्री की विदाई से हल नहीं होती। असली सवाल यह है कि परीक्षा तंत्र में वह संरचनात्मक खामी कहाँ है जो बार-बार लीक को संभव बनाती है — और क्या सरकार उसे संबोधित करने की इच्छाशक्ति रखती है। NEET से जुड़ी 26 आत्महत्याएँ केवल आँकड़े नहीं हैं; ये नीतिगत विफलता की मानवीय कीमत हैं। माफी ज़रूरी है, लेकिन बिना जवाबदेही तंत्र और सुधार के, वह भी एक खोखला इशारा बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भूपिंदर हुड्डा ने केंद्र सरकार से माफी की माँग क्यों की?
हुड्डा ने माँग की कि केंद्र सरकार उन युवाओं और छात्रों से माफी माँगे जिन्हें पेपर लीक विरोधी प्रदर्शनों के दौरान लाठीचार्ज और बर्बरता का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद यह माफी नैतिक रूप से अनिवार्य हो जाती है।
देशभर में पेपर लीक से कितने उम्मीदवार प्रभावित हुए हैं?
हुड्डा के अनुसार, BJP सरकार के कार्यकाल में 152 से अधिक परीक्षा पत्र लीक हो चुके हैं, जिससे लगभग 75 लाख उम्मीदवार प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए हैं। इनमें प्रतियोगी परीक्षाएँ और विभिन्न भर्ती परीक्षाएँ दोनों शामिल हैं।
NEET पेपर लीक से कितनी आत्महत्याएँ हुई हैं?
हुड्डा ने बताया कि NEET परीक्षा पत्र लीक से आहत होकर देशभर में 26 उम्मीदवारों ने आत्महत्या की है। उन्होंने इसे सीधे सरकार की उदासीनता और परीक्षा तंत्र की विफलता से जोड़ा।
हरियाणा में BJP के कार्यकाल में कितने पेपर लीक हुए?
हुड्डा के अनुसार, हरियाणा में BJP सरकार के कार्यकाल में 30 से अधिक पेपर लीक की घटनाएँ हुई हैं। इनमें हरियाणा सिविल सेवा (2023), CET (2023), सब-इंस्पेक्टर भर्ती (मार्च 2022) और PGI रोहतक परीक्षा (2025) प्रमुख हैं।
कांग्रेस का 'छात्रों की गूंज' अभियान क्या है?
यह लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू किया गया देशव्यापी आंदोलन है, जिसका उद्देश्य पेपर लीक और बेरोज़गारी के मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बनाना है। हुड्डा ने कहा कि इसी अभियान के दबाव में BJP को अंततः झुकना पड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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