7 अक्टूबर 2026
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भूपेंद्र हुड्डा का ऐलान: 1 नवंबर को बड़ी रैली, वोट कटौती के खिलाफ इंडिया ब्लॉक का आंदोलन

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भूपेंद्र हुड्डा का ऐलान: 1 नवंबर को बड़ी रैली, वोट कटौती के खिलाफ इंडिया ब्लॉक का आंदोलन

सारांश

वोट कटौती के आरोपों और किसानों की उपेक्षा पर इंडिया ब्लॉक अब सड़क पर उतरेगा। भूपेंद्र हुड्डा की अगुवाई में 1 नवंबर को बड़ी रैली होगी; हरियाणा में 34 लाख और देशभर में 13 करोड़ वोट काटे जाने का आरोप है। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR रद्द करने की माँग उठाई गई है।

मुख्य बातें

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 7 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में इंडिया ब्लॉक बैठक के बाद 1 नवंबर को बड़ी रैली का ऐलान किया।
इंडिया ब्लॉक का आरोप — हरियाणा में करीब 34 लाख वैध वोट काटे गए और देशभर में 13 करोड़ से अधिक वोट हटाए गए।
मंडियों में नमी मापने वाली मशीनों में विसंगति — मार्केट कमेटी की मशीन 17% और खाद्य विभाग की मशीन 22% नमी दिखा रही है, जिससे किसान प्रभावित हैं।
सीपीआई(एम) के राज्य सचिव प्रेमचंद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया रद्द करने की माँग की।
बैठक में कांग्रेस, सीपीआईएम, सीपीआईएमएल और RJD के नेता शामिल हुए; अन्य दलों के जुड़ने की उम्मीद जताई गई।

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 7 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद सरकार के खिलाफ व्यापक जन आंदोलन का ऐलान किया। हुड्डा ने कहा कि वोटों की अवैध कटौती और किसानों की उपेक्षा के विरोध में गठबंधन के सभी सहयोगी दल एकजुट होकर सड़कों पर उतरेंगे। जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और 1 नवंबर 2026 को बड़ी रैली का आयोजन करने का निर्णय लिया गया है।

आंदोलन की रूपरेखा

हुड्डा ने बताया, "फाइनल ड्राफ्ट आने के बाद हम विस्तृत जानकारी देंगे। हम उनसे ब्योरा मांग रहे हैं कि कितने वोट काटे गए हैं और कितने जोड़े गए हैं। सभी जिला मुख्यालयों पर हम जाएंगे और वहां इंडिया ब्लॉक के सभी सहयोगी दल एक साथ समर्थन करेंगे।" इसके साथ ही गठबंधन के नेताओं ने मंडियों में जाकर किसानों की समस्याएँ उठाने का संकल्प भी लिया है।

हुड्डा ने मंडियों में हो रही अनियमितता का ज़िक्र करते हुए कहा कि बाजरे और धान की खरीद नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि मार्केट कमेटी की नमी मापने वाली मशीन 17 फीसदी नमी बता रही थी, जबकि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की खरीद एजेंसी की मशीन 22 फीसदी दिखा रही थी — इस विरोधाभास से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

वोट कटौती का मुद्दा

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्य सचिव प्रेमचंद ने आरोप लगाया कि देशभर में 13 करोड़ से अधिक वोट काटे गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में अकेले करीब 34 लाख वोट काटे गए हैं और ड्राफ्ट सूची में 44 लाख 92 हज़ार वोटों में 'सुधार' के नाम पर लोगों को परेशान किया जा रहा है। प्रेमचंद के अनुसार, इनमें से केवल 7 लाख मृत मतदाता हैं, जबकि शेष वैध मतदाताओं के वोट काटे गए हैं।

इंडिया ब्लॉक के एक अन्य नेता ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बड़े पैमाने पर वोट कटवाए हैं और कथित तौर पर उनके दोनों सहयोगी आयुक्तों — सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी — ने भी इस पर आपत्ति दर्ज कराई है। यह ऐसे समय में आया है जब वोटर लिस्ट की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया विवादों के घेरे में है।

संवैधानिक अधिकार का तर्क

प्रेमचंद ने कहा कि संविधान की धारा 326 हर नागरिक को एक वोट का अधिकार देती है और आज उसी पर हमला हो रहा है। उन्होंने माँग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, SIR प्रक्रिया रद्द की जाए और वैध मतदाताओं के काटे गए वोट बहाल किए जाएँ। गठबंधन ने तर्क दिया कि चुनाव आयोग, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) जैसी संवैधानिक संस्थाओं का सत्ताधारी दल के पक्ष में दुरुपयोग किया जा रहा है।

हरियाणा सरकार पर निशाना

हुड्डा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे हरियाणा की बजाय पंजाब पर अधिक ध्यान दे रहे हैं, जबकि प्रदेश में अपराध, गैंगवार और नशे की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। उन्होंने बेरोज़गारी को भी बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि हरियाणा के युवाओं को उचित रोज़गार के अवसर नहीं मिल रहे।

गठबंधन की इस बैठक में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), सीपीआईएमएल और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता शामिल हुए। बैठक 30 सितंबर 2026 को हुई राष्ट्रीय स्तर की बैठक की अगली कड़ी थी।

आगे की रणनीति

इंडिया ब्लॉक ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा — पहले जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन, फिर मंडियों में किसान संपर्क कार्यक्रम और अंततः 1 नवंबर को बड़ी रैली। गठबंधन के अनुसार अन्य दलों के भी जुड़ने की उम्मीद है। यह देखना होगा कि क्या यह आंदोलन हरियाणा की राजनीतिक धारा को प्रभावित करने में सफल होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके साथ सत्यापन की चुनौती भी बड़ी है — 13 करोड़ वोट कटौती का दावा तब तक अधूरा है जब तक स्वतंत्र डेटा ऑडिट नहीं होता। SIR प्रक्रिया पर दोनों सहयोगी चुनाव आयुक्तों की कथित आपत्ति गंभीर संस्थागत सवाल उठाती है जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। हरियाणा में किसान संकट — नमी मापन में विसंगति जैसी ज़मीनी समस्याएँ — इस राजनीतिक आंदोलन को वास्तविक जन आधार देती हैं। असली परीक्षण यह है कि क्या 1 नवंबर की रैली केवल विरोध का प्रदर्शन बनकर रह जाती है, या गठबंधन को एक ठोस विकल्प आख्यान खड़ा करने में सफलता मिलती है।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भूपेंद्र हुड्डा का 1 नवंबर का आंदोलन किस बारे में है?
इंडिया ब्लॉक 1 नवंबर 2026 को बड़ी रैली आयोजित करेगा, जो मुख्यतः वोट कटौती के आरोपों और किसानों की समस्याओं को लेकर है। इससे पहले सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और मंडियों में किसान संपर्क अभियान चलाया जाएगा।
इंडिया ब्लॉक हरियाणा में कितने वोट काटे जाने का आरोप लगा रहा है?
सीपीआई(एम) के राज्य सचिव प्रेमचंद के अनुसार हरियाणा में करीब 34 लाख वैध वोट काटे गए हैं और ड्राफ्ट सूची में 44 लाख 92 हज़ार वोटों में 'सुधार' के नाम पर अनियमितता हुई है। इनमें से केवल 7 लाख मृत मतदाताओं के वोट बताए गए हैं, बाकी वैध मतदाता बताए जा रहे हैं।
इंडिया ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त से क्या माँग की है?
इंडिया ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की है। साथ ही SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया पूरी तरह रद्द करने और वैध मतदाताओं के काटे गए वोट बहाल करने की भी माँग रखी गई है।
हरियाणा में मंडियों में किसानों के साथ क्या अनियमितता हो रही है?
हुड्डा ने बताया कि बाजरे और धान की खरीद बाधित है। मार्केट कमेटी की मशीन 17 फीसदी नमी बता रही है जबकि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की खरीद एजेंसी की मशीन 22 फीसदी दिखा रही है, जिसके चलते किसानों की फसल खरीदने से मना किया जा रहा है।
इंडिया ब्लॉक की चंडीगढ़ बैठक में कौन से दल शामिल हुए?
7 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस भवन में हुई बैठक में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, सीपीआई(एम), सीपीआईएमएल और राष्ट्रीय जनता दल के नेता शामिल हुए। यह 30 सितंबर को हुई राष्ट्रीय स्तर की बैठक की अगली कड़ी थी।
राष्ट्र प्रेस
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