भूपेंद्र हुड्डा का ऐलान: 1 नवंबर को बड़ी रैली, वोट कटौती के खिलाफ इंडिया ब्लॉक का आंदोलन
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 7 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद सरकार के खिलाफ व्यापक जन आंदोलन का ऐलान किया। हुड्डा ने कहा कि वोटों की अवैध कटौती और किसानों की उपेक्षा के विरोध में गठबंधन के सभी सहयोगी दल एकजुट होकर सड़कों पर उतरेंगे। जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और 1 नवंबर 2026 को बड़ी रैली का आयोजन करने का निर्णय लिया गया है।
आंदोलन की रूपरेखा
हुड्डा ने बताया, "फाइनल ड्राफ्ट आने के बाद हम विस्तृत जानकारी देंगे। हम उनसे ब्योरा मांग रहे हैं कि कितने वोट काटे गए हैं और कितने जोड़े गए हैं। सभी जिला मुख्यालयों पर हम जाएंगे और वहां इंडिया ब्लॉक के सभी सहयोगी दल एक साथ समर्थन करेंगे।" इसके साथ ही गठबंधन के नेताओं ने मंडियों में जाकर किसानों की समस्याएँ उठाने का संकल्प भी लिया है।
हुड्डा ने मंडियों में हो रही अनियमितता का ज़िक्र करते हुए कहा कि बाजरे और धान की खरीद नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि मार्केट कमेटी की नमी मापने वाली मशीन 17 फीसदी नमी बता रही थी, जबकि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की खरीद एजेंसी की मशीन 22 फीसदी दिखा रही थी — इस विरोधाभास से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
वोट कटौती का मुद्दा
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्य सचिव प्रेमचंद ने आरोप लगाया कि देशभर में 13 करोड़ से अधिक वोट काटे गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में अकेले करीब 34 लाख वोट काटे गए हैं और ड्राफ्ट सूची में 44 लाख 92 हज़ार वोटों में 'सुधार' के नाम पर लोगों को परेशान किया जा रहा है। प्रेमचंद के अनुसार, इनमें से केवल 7 लाख मृत मतदाता हैं, जबकि शेष वैध मतदाताओं के वोट काटे गए हैं।
इंडिया ब्लॉक के एक अन्य नेता ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बड़े पैमाने पर वोट कटवाए हैं और कथित तौर पर उनके दोनों सहयोगी आयुक्तों — सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी — ने भी इस पर आपत्ति दर्ज कराई है। यह ऐसे समय में आया है जब वोटर लिस्ट की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया विवादों के घेरे में है।
संवैधानिक अधिकार का तर्क
प्रेमचंद ने कहा कि संविधान की धारा 326 हर नागरिक को एक वोट का अधिकार देती है और आज उसी पर हमला हो रहा है। उन्होंने माँग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, SIR प्रक्रिया रद्द की जाए और वैध मतदाताओं के काटे गए वोट बहाल किए जाएँ। गठबंधन ने तर्क दिया कि चुनाव आयोग, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) जैसी संवैधानिक संस्थाओं का सत्ताधारी दल के पक्ष में दुरुपयोग किया जा रहा है।
हरियाणा सरकार पर निशाना
हुड्डा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे हरियाणा की बजाय पंजाब पर अधिक ध्यान दे रहे हैं, जबकि प्रदेश में अपराध, गैंगवार और नशे की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। उन्होंने बेरोज़गारी को भी बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि हरियाणा के युवाओं को उचित रोज़गार के अवसर नहीं मिल रहे।
गठबंधन की इस बैठक में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), सीपीआईएमएल और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता शामिल हुए। बैठक 30 सितंबर 2026 को हुई राष्ट्रीय स्तर की बैठक की अगली कड़ी थी।
आगे की रणनीति
इंडिया ब्लॉक ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा — पहले जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन, फिर मंडियों में किसान संपर्क कार्यक्रम और अंततः 1 नवंबर को बड़ी रैली। गठबंधन के अनुसार अन्य दलों के भी जुड़ने की उम्मीद है। यह देखना होगा कि क्या यह आंदोलन हरियाणा की राजनीतिक धारा को प्रभावित करने में सफल होता है।